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पौराणिक तथ्य

General Knowledge for Competitive Exams

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रामायण से जुड़े 13 रहस्य जिनसे दुनिया अभी भी अनजान है

Oct 17, 2018
भगवान राम और देवी सीता के जन्म एवं जीवनयात्रा का वर्णन जिस महाकाव्य में किया गया है उसे रामायण के नाम से जाना जाता हैl हम में से अधिकांश लोगों को रामायण की कहानी पता है, लेकिन इस महाकाव्य से जुड़े कुछ ऐसे भी रहस्य हैं जिनके बारे में लोगों को जानकारी नहीं हैl आज हम आपके सामने रामायण से जुड़े ऐसे ही 13 रहस्यों को उजागर कर रहे हैंl

रामनवमी के अवसर पर जानें भगवान राम से जुड़े 11 अनजाने तथ्य

Oct 17, 2018
रामनवमी का त्यौहार हिन्दू कैलेंडर के पहले महीने “चैत्र” के शुक्ल पक्ष की 9वीं तिथि को मनाया जाता हैl यह त्यौहार “भगवान राम” के जन्म से जुड़ा हुआ हैl भगवान राम अयोध्या के राजा दशरथ और रानी कौशल्या के पुत्र थेl भगवान राम के जीवन से जुड़ी विभिन्न घटनाओं एवं प्रसंगो का वर्णन रामायण में किया गया हैl रामनवमी के अवसर पर इस लेख में हम भगवान राम से जुड़े 11 ऐसे अनजाने तथ्यों का विवरण दे रहे हैं, जिसके बारे में आप शायद ही जानते होंगेl

रावण के दस सिर किस बात का प्रतीक हैं

Oct 17, 2018
रावण को राक्षस के राजा के रूप में दर्शाया गया है जिसके 10 सिर और 20 भुजाएँ थी l वह मुनि विश्वेश्रवा और कैकसी के चार बचों में सबसे बड़ा पुत्र था l रावण छह दर्शन और चारों वेदों का ज्ञाता था l इसीलिए अपने समय का सबसे विद्वान् था l इस लेख में रावण के दस सिर किस बात का प्रतीक है के बारे में बताया गया हैं l

अमरनाथ यात्रा के बारे में 10 रोचक तथ्य

Jun 27, 2018
अमरनाथ गुफा दक्षिण कश्मीर के हिमालयवर्ती क्षेत्र में है. अमरनाथ गुफा से जुड़ी कई रोचक कहानियां हैं. उनमें से कुछ दिलचस्प और कुछ आकर्षक हैं. अमरनाथ यात्रा के लिए हज़ारो श्रद्धालु दुनिया भर से आते हैं. आइये इस लेख के माध्यम से अमरनाथ यात्रा के बारे में 10 रोचक तथ्यों पर अध्ययन करते हैं.

बुद्ध की विभिन्न मुद्राएं एवं हस्त संकेत और उनके अर्थ

Mar 30, 2018
बुद्ध के अनुयायी, बौद्ध ध्यान या अनुष्ठान के दौरान शास्त्र के माध्यम से विशेष विचारों को पैदा करने के लिए बुद्ध की छवि को प्रतीकात्मक संकेत के रूप में इस्तेमाल करते हैं। भारतीय मूर्तिकला में, मूर्तियाँ देवत्व का प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व करती है, जिसका मूल और अंत धार्मिक और आध्यात्मिक मान्यताओं के माध्यम से व्यक्त किया जाता है।

जानें होली का त्यौहार क्यों मनाया जाता है

Feb 28, 2018
प्राचीन काल से होली का त्यौहार मनाया जाता रहा है. यह त्यौहार भारत में ही नहीं पूरी दुनिया में मनाया जाता है परन्तु यह क्यों मनाया जाता है, कबसे यह त्यौहार मनाया जाने लगा, क्या कारण है इसके पीछे. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं.

नाथ सम्प्रदाय की उत्पति, कार्यप्रणाली एवं विभिन्न धर्मगुरूओं का विवरण

Feb 13, 2018
भारत में जब तांत्रिकों और साधकों के चमत्कार एवं आचार-विचार की बदनामी होने लगी और साधकों को शाक्त, मद्य, मांस तथा स्त्री-संबंधी व्यभिचारों के कारण घृणा की दृष्टि से देखा जाने लगा तथा इनकी यौगिक क्रियाएँ भी मन्द पड़ने लगी, तब इन यौगिक क्रियाओं के उद्धार के लिए नाथ सम्प्रदाय का उदय हुआ थाl नाथ सम्प्रदाय हिन्दू धर्म के अंतर्गत शैववाद की एक उप-परंपरा हैl यह एक मध्ययुगीन आंदोलन है जो शैव धर्म, बौद्ध धर्म और भारत में प्रचलित योग परंपराओं का सम्मिलित रूप हैl इस लेख में हम नाथ शब्द का अर्थ, नाथ सम्प्रदाय की उत्पति, उसके प्रमुख गुरूओं तथा इस सम्प्रदाय के क्रियाकलापों का विवरण दे रहे हैंl

जानें कैलाश पर्वत से जुड़े 9 रोचक तथ्य

Feb 13, 2018
पौराणिक कथाओं के अनुसार कैलाश पर्वत को भगवान शंकर का निवासस्थान माना जाता है. लोगों का मानना है कि कैलाश पर्वत पर भगवान शिव अपने परिवार के साथ रहते हैं. इसके अलावा कैलाश पर्वत की चोटियों के बीच स्थित झील को “मानसरोवर झील” के नाम से जाना जाता है. कैलाश पर्वत को दुनिया के सबसे रहस्यमयी पर्वतों में से एक माना जाता है. इस लेख में हम कैलाश पर्वत से जुड़े 9 रोचक तथ्यों का विवरण दे रहे हैं.

श्री रंगनाथस्वामी मंदिर के बारे में आश्चर्यजनक तथ्य

Dec 23, 2017
श्री रंगनाथस्वामी मंदिर तिरुचिरापल्ली शहर के ‘श्रीरंगम’ नामक द्वीप पर बना हुआ है जिसे ‘भू-लोक वैकुण्ठ’ कहा जाता है. 3 नवम्बर, 2017 को इस मंदिर को बड़े पैमाने पर पुननिर्माण और बहाली के काम के बाद सांस्कृतिक विरासत संरक्षण हेतु ‘यूनेस्को एशिया प्रशांत पुरस्कार मेरिट, 2017’ (The UNESCO Asia Pacific Award of Merit 2017) प्रदान किया गया. आइये इस मंदिर के बारे में कुछ अनजाने और महत्वपूर्ण तथ्यों पर अध्ययन करते हैं.

जानें भारत में ब्रह्माजी का एक ही मंदिर क्यों हैं

Sep 22, 2017
ब्रह्मा, विष्णु और महेश त्रिमूर्ति के नाम से जाने जाते हैं. ब्रह्मा संसार के रचनाकार, विष्णु पालनहार और महेश को संहारक माना जाता है, इसलिए ये तीनो देव सबसे प्रधान देवता हैं. भारत में ही क्या सम्पूर्ण विश्व में शिव और विष्णु भगवान् के काफी मंदिर हैं परन्तु भारत में एक ऐसा स्थान है जहां केवल ब्रह्माजी का ही मंदिर हैं. आइए ऐसे मंदिर के बारें में अध्ययन करते हैं और यह कहाँ स्थित हैं.

भारत का ऐसा मंदिर जहाँ प्रसाद में सोने के आभूषण मिलते हैं

Aug 12, 2017
भारत में हर जगहों पर अधिकतर मंदिर देखने को मिलते हैं और लोग पूजा करते है अर्थार्त अपनी सामर्थ्य के अनुसार भेंट चढ़ाते है. सारे भक्तों को अधिकतर प्रसाद का इंतज़ार रहता हैं चाहे लड्डू हो, या पांच मेवा आदि. परन्तु भारत में एक ऐसा भी मंदिर जहाँ प्रसाद में खाने का पदार्थ नहीं बल्कि सोने के आभूषण या फिर नकद रूपये मिलतें हैं. आइये इस लेख के माध्यम से हम ऐसे मंदिर के बारे में जानने की कोशिश करते हैं.

चीनी फेंगशुई और भारतीय वास्तुशास्त्र का तुलनात्मक विवरण

Jul 31, 2017
'वास्तुशास्त्र' ने ज्योतिष और खगोल विज्ञान के साथ आधुनिक विज्ञान को एकजुट किया है, जबकि 'फेंगशुई' ऊर्जा संतुलन और उनके सिंक्रोनाइजेशन के बारे में बताता है. यह लेख चीनी फेंगशुई और भारतीय वास्तुशास्त्र से सम्बंधित है, जिसमें दोनों का तुलनात्मक विवरण दिया गया है और साथ ही बताया गया है कि कैसे यह हमारे जीवन में बदलाव लाता है.

भारत के 5 ऐसे मंदिर जहां राक्षस पूजे जाते हैं

Jun 30, 2017
भारत में अनेकों सभ्यताएं पाई जाती हैं एवं अलग-अलग धर्म के लोग रहते हैं. इस कारण से भारत में विभिन्न देवताओं के मंदिर पाए जाते है. परन्तु आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि भारत के कुछ सम्प्रदाय के लोगों द्वारा भगवान की ही नहीं बल्कि राक्षसों की भी पूजा की जाती है. इस लेख में उन 5 मंदिर के बारें में जिक्र कर रहे है जहाँ देवताओं की नहीं बल्कि राक्षसों की पूजा होती हैं.

कैलाश मानसरोवर यात्रा:अनुमानित खर्च एवं अनिवार्य शर्तें क्या हैं?

Jun 28, 2017
कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए दो भिन्न मार्ग हैं जिसमे एक लिपुलेख दर्रा (उत्तराखंड) है जिसके रास्ते यात्रा करने पर लगभग 24 दिन लगते हैं और यात्रा का प्रति व्यक्ति अनुमानित खर्च 1.6 लाख रुपये आता है. इसके अलावा दूसरा रास्ता नाथुला दर्रा (सिक्किम) के होकर गुजरता है जिसके माध्यम से यात्रा पूरी होने में 21 दिन लगते हैं और प्रति व्यक्ति अनुमानित खर्च 2 लाख रुपये आता है.

सीधा पढ़ें तो रामकथा और उल्टा पढ़ें तो कृष्णकथा: राघवयादवीयम्

Jun 12, 2017
राघवयादवीयम् ऐसा एक अद्भुत ग्रंथ हैं जिसे ‘अनुलोम-विलोम काव्य’ भी कहते हैं. इसके 30 श्लोकों को सीधा पढ़े तो रामकथा यानी रामायण की व्याख्या होती हैं और उन्हीं 30 श्लोकों को उल्टा पढ़ने पर कृष्णकथा यानी भागवत का वर्णन होता हैं. इस लेख में ऐसे अद्भुत ग्रंथ के बारे में अध्ययन करेंगें.

जानें समुद्र मंथन से प्राप्त चौदह रत्न कौन से थे

Apr 10, 2017
हिन्दू धर्म से संबंधित लगभग सभी लोग समुद्र मंथन की कथा को जानते हैं। यह कथा समुद्र से निकले अमृत के प्याले से जुड़ी है जिसे पीने के लिए देवताओं और असुरों में विवाद उत्पन्न हो गया था। जिसके बाद भगवान विष्णु ने मोहिनी नामक स्त्री का रूप धारण कर देवताओं को अमृतपान करवाया थाl लेकिन क्या आपको पता है कि समुद्र मंथन के दौरान अमृत के अलावा 13 अन्य वस्तुएं भी प्रकट हुई थी? इस लेख में हम समुद्र मंथन की कथा और उससे निकले 14 रत्नों का विवरण दे रहे हैंl

हनुमान जयंती के अवसर पर जानें हनुमानजी से जुड़े 10 रोचक तथ्य

Apr 10, 2017
वर्तमान समय में अगर कोई व्यक्ति अपने जीवन में साहस और ताकत पाने की इच्छा रखते है तो उसे भगवान हनुमान की आराधना करने की सलाह दी जाती हैl इसका कारण यह है कि हिन्दू पौराणिक कथाओं में हनुमानजी को सबसे अधिक बलशाली और ताकतवर देवता कहा गया हैl कुछ लोगों का मानना है कि हनुमानजी आज भी पृथ्वी पर विराजमान हैl यूँ तो हम विभिन्न टीवी धारावाहिकों के कारण विभिन्न देवी देवताओं के बारे में बहुत कुछ जानते हैं लेकिन कुछ बातें ऐसी हैं जिनके बारे में सभी लोग नहीं जानते हैंl इस लेख में हम हनुमान जयंती के अवसर पर हनुमानजी से संबंधित 10 रोचक तथ्यों का विवरण दे रहें हैंl

10 दुर्लभ परंपराएं जो आज भी आधुनिक भारत में प्रचलित हैं

Mar 30, 2017
भारत दुनिया की सबसे पुरानी और शहरी सभ्यता अर्थात सिंधु घाटी सभ्यता का देश है। इसलिए, प्राचीन काल से लेकर आधुनिक भारत तक भारतीय समाज में विभिन्न संप्रदायों, रीति-रिवाजों, अनुष्ठानों और संप्रदायों का उद्भव एवं रूपांतरण होता रहा है। इनमें से कई संप्रदायों और रिवाजों का आधार धार्मिक और सामाजिक था। ये संप्रदाय और रीति-रिवाज विभिन्न क्षेत्रों और धर्मों में फैली हुई हैं। यहां, हम आधुनिक भारत की 10 अज्ञात परंपराओं का विवरण दे रहे हैं|

हिन्दू नववर्ष को भारत में किन-किन नामों से जाना जाता है

Mar 28, 2017
भारत में विभिन्न भाषा एवं धर्म को मानने लोग रहते हैं जिसके कारण यहाँ अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग नामों से नववर्ष को मनाया जाता हैl हिन्दू नववर्ष की शुरूआत चैत्र महीने से होती हैl हिन्दू कैलेंडर को विक्रम संवत के नाम से जाना जाता है और इसका नाम उज्जैन के राजा विक्रमादित्य के नाम पर रखा गया है जिन्होंने शकों पर विजय के उपलक्ष्य में इस कैलेंडर की शुरूआत की थीl हिन्दू कैलेंडर के अनुसार साल में बारहों महीने के नाम इस प्रकार हैं- चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद, आश्विन, कार्तिक, मार्गशीर्ष, पौष, माघ और फाल्गुन हैl इस लेख में हम भारत के विभिन्न हिस्सों में हिन्दू नववर्ष को जिन नामों से जाना जाता है, उसका विवरण दे रहे हैंl

हिन्दू रामायण और जैन रामायण में क्या अंतर है

Mar 9, 2017
हिंदू धर्म के जैसे ही जैन धर्म भी स्वयं को सनातन धर्म मानता है l महर्षि वाल्मीकि द्वारा लिखी गई रामायण ने हिन्दू धर्म को श्रीराम, सीता, लक्ष्मण जैसे महान रूप प्रदान किए हैं और प्रत्येक अध्याय की बहुत सुंदर रचना की है लेकिन भारत में विभिन्न राज्यों में रामायण युग को लेकर तरह-तरह की लोक कथाएं प्रचलित हैं। जिनमें कुछ अलग–अलग तथ्यों का वर्णन हैं l आइए जैन और हिन्दू रामायण में क्या अंतर हैं इसके बारें में अध्ययन करते हैंl

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