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पौराणिक तथ्य

General Knowledge for Competitive Exams

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रावण के दस सिर किस बात का प्रतीक हैं?

Oct 10, 2019
रावण को 'दस मुख' या यानी 10 सिर वाला भी कहा जाता है और यही कारण है कि उसको 'दशानन' कहा जाता है. साहित्यिक किताबों और रामायण में उनको 10 सिर और 20 भुजाओं के रूप में दर्शाया गया है. रावण, मुनि विश्वेश्रवा और कैकसी के चार बच्चों में सबसे बड़ा पुत्र था. उनकों छह शास्त्रों और चारों वेदों का भी ज्ञान था. इसलिए ऐसा माना जाता है कि वह अपने समय का सबसे विद्वान् था. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं कि रावण के दस सिर आखिर किस बात का प्रतीक हैं.

रामायण से जुड़े 13 रहस्य जिनसे दुनिया अभी भी अनजान है

Oct 7, 2019
रामायण में भगवान राम और देवी सीता के जन्म एवं जीवनयात्रा का वर्णन दिया गया हैl हम में से अधिकांश लोगों को रामायण की कहानी पता है, लेकिन इस महाकाव्य से जुड़े कुछ ऐसे भी रहस्य हैं जिनके बारे में लोगों को जानकारी नहीं हैl आज हम आपके सामने रामायण से जुड़े ऐसे ही 13 रहस्यों को उजागर कर रहे हैंl

रावण के बारे में 10 आश्चर्यजनक तथ्य

Oct 7, 2019
रावण के माता- पिता का नाम कैकसी और विश्वश्रवा था। रावण 'दस मुख' या 'दशानन' के नाम से भी जाना जाता था। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, रावण राक्षसों का राजा था जिसके 10 सिर और 20 हाथ थे। रावण के छह भाई और दो बहने थीं। जिनके नाम भगवान कुबेर, विभीषण, कुंभकरण, राजा कारा, राजा अहिरावण, कुम्‍भिनी और शूर्पणखा था।

रामनवमी के अवसर पर जानें भगवान राम से जुड़े 11 अनजाने तथ्य

Oct 7, 2019
हिन्दू कैलेंडर के पहले महीने “चैत्र” के शुक्ल पक्ष की 9वीं तिथि को रामनवमी का त्यौहार मनाया जाता हैl भगवान राम के जन्म से यह त्यौहार जुड़ा हुआ हैl रामायण में भगवान राम के जीवन से जुड़ी विभिन्न घटनाओं एवं प्रसंगो का वर्णन किया गया हैl आइये इस लेख के माध्यम से भगवान राम से जुड़े 11 ऐसे अनजाने तथ्यों पर अध्ययन करते हैंl

येती: हिमालय क्षेत्र में एक रहस्यमय विशाल हिममानव के बारे में

May 3, 2019
अप्रैल,2019 माह में भारतीय सेना ने ट्वीट किया कि उसके पर्वतारोहण अभियान दल ने 9 अप्रैल, 2019 को नेपाल में स्थित मकालू बारुन नेशनल पार्क के पास 32x15 इंच के पैरों के निशान देखे थे. कुछ लोग कह रहे हैं कि ये हिमालय क्षेत्र में पाए जाने वाले हिम मानव "येती" के पैरों के निशान हैं.

होली का त्यौहार क्यों मनाया जाता है?

Mar 20, 2019
प्राचीन काल से होली का त्यौहार मनाया जाता रहा है. यह त्यौहार भारत में ही नहीं पूरी दुनिया में मनाया जाता है परन्तु यह क्यों मनाया जाता है, कबसे यह त्यौहार मनाया जाने लगा, क्या कारण है इसके पीछे. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं.

बरसाना की लट्ठमार होली: इतिहास और महत्व

Mar 18, 2019
दरअसल बरसाना नामक जगह पर राधा जी का जन्म हुआ था और राधा जी को श्रीकृष्णा भगवान की प्रेमिका माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि पुराने काल में श्रीकृष्णा होली के समय बरसाना आए थे. यहाँ पर कृष्ण ने राधा और उनकी सहेलियों को छेड़ा था. उसके बाद राधा अपनी सखियों के साथ लाठी लेकर कृष्ण के पीछे दोड़ने लगीं. बस तभी से बरसाने में लठमार होली शुरू हुई थी.

कुंभ मेले का संक्षिप्त इतिहास: कुंभ मेले की शुरुआत किसने और कब की

Feb 13, 2019
कुंभ मेले का अपना ही महत्व है. इसका आयोजन भारत में चार स्थानों पर किया जाता है. दुनिया के विभिन्न हिस्सों से लोग इस मेले में शामिल होते हैं और पवित्र नदी में स्नान करते हैं. हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, कुंभ मेला 12 वर्षों के दौरान चार बार मनाया जाता है. इसमें कोई संदेह नहीं है कि, यह मेला दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक और संस्कृति का प्रतीक है. यह मेला 48 दिनों तक चलता है. आइये इस लेख के माध्यम से कुंभ का अर्थ जानते हैं, इसे क्यों मनाया जाता है, इसके पीछे का इतिहास क्या है, किसने कुंभ मेले की शुरुआत की थी, इत्यादि. आइये लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं.

पोंगल महोत्सव क्यों मनाया जाता है?

Jan 14, 2019
भारत एक विविधतापूर्ण देश है। इसके विभिन्न भागों में भौगोलिक अवस्थाओं, निवासियों और उनकी संस्कृतियों में काफी अन्तर है। कुछ प्रदेश अफ्रीकी रेगिस्तानों जैसे तप्त और शुष्क हैं, तो कुछ ध्रुव प्रदेश की भांति ठण्डे है। भारत की त्योहारों पर नजर डालें तो ज्यादातर त्योहारों फसल कटाई के बाद ही पड़ते हैं। इस लेख में हमने पोंगल के बारे में बताया है तथा साथ ही साथ में इसके पौराणिक कथा और इतिहास पर भी चर्चा की है।

अमरनाथ यात्रा के बारे में 10 रोचक तथ्य

Jun 27, 2018
अमरनाथ गुफा दक्षिण कश्मीर के हिमालयवर्ती क्षेत्र में है. अमरनाथ गुफा से जुड़ी कई रोचक कहानियां हैं. उनमें से कुछ दिलचस्प और कुछ आकर्षक हैं. अमरनाथ यात्रा के लिए हज़ारो श्रद्धालु दुनिया भर से आते हैं. आइये इस लेख के माध्यम से अमरनाथ यात्रा के बारे में 10 रोचक तथ्यों पर अध्ययन करते हैं.

बुद्ध की विभिन्न मुद्राएं एवं हस्त संकेत और उनके अर्थ

Mar 30, 2018
बुद्ध के अनुयायी, बौद्ध ध्यान या अनुष्ठान के दौरान शास्त्र के माध्यम से विशेष विचारों को पैदा करने के लिए बुद्ध की छवि को प्रतीकात्मक संकेत के रूप में इस्तेमाल करते हैं। भारतीय मूर्तिकला में, मूर्तियाँ देवत्व का प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व करती है, जिसका मूल और अंत धार्मिक और आध्यात्मिक मान्यताओं के माध्यम से व्यक्त किया जाता है।

नाथ सम्प्रदाय की उत्पति, कार्यप्रणाली एवं विभिन्न धर्मगुरूओं का विवरण

Feb 13, 2018
भारत में जब तांत्रिकों और साधकों के चमत्कार एवं आचार-विचार की बदनामी होने लगी और साधकों को शाक्त, मद्य, मांस तथा स्त्री-संबंधी व्यभिचारों के कारण घृणा की दृष्टि से देखा जाने लगा तथा इनकी यौगिक क्रियाएँ भी मन्द पड़ने लगी, तब इन यौगिक क्रियाओं के उद्धार के लिए नाथ सम्प्रदाय का उदय हुआ थाl नाथ सम्प्रदाय हिन्दू धर्म के अंतर्गत शैववाद की एक उप-परंपरा हैl यह एक मध्ययुगीन आंदोलन है जो शैव धर्म, बौद्ध धर्म और भारत में प्रचलित योग परंपराओं का सम्मिलित रूप हैl इस लेख में हम नाथ शब्द का अर्थ, नाथ सम्प्रदाय की उत्पति, उसके प्रमुख गुरूओं तथा इस सम्प्रदाय के क्रियाकलापों का विवरण दे रहे हैंl

जानें कैलाश पर्वत से जुड़े 9 रोचक तथ्य

Feb 13, 2018
पौराणिक कथाओं के अनुसार कैलाश पर्वत को भगवान शंकर का निवासस्थान माना जाता है. लोगों का मानना है कि कैलाश पर्वत पर भगवान शिव अपने परिवार के साथ रहते हैं. इसके अलावा कैलाश पर्वत की चोटियों के बीच स्थित झील को “मानसरोवर झील” के नाम से जाना जाता है. कैलाश पर्वत को दुनिया के सबसे रहस्यमयी पर्वतों में से एक माना जाता है. इस लेख में हम कैलाश पर्वत से जुड़े 9 रोचक तथ्यों का विवरण दे रहे हैं.

श्री रंगनाथस्वामी मंदिर के बारे में आश्चर्यजनक तथ्य

Dec 23, 2017
श्री रंगनाथस्वामी मंदिर तिरुचिरापल्ली शहर के ‘श्रीरंगम’ नामक द्वीप पर बना हुआ है जिसे ‘भू-लोक वैकुण्ठ’ कहा जाता है. 3 नवम्बर, 2017 को इस मंदिर को बड़े पैमाने पर पुननिर्माण और बहाली के काम के बाद सांस्कृतिक विरासत संरक्षण हेतु ‘यूनेस्को एशिया प्रशांत पुरस्कार मेरिट, 2017’ (The UNESCO Asia Pacific Award of Merit 2017) प्रदान किया गया. आइये इस मंदिर के बारे में कुछ अनजाने और महत्वपूर्ण तथ्यों पर अध्ययन करते हैं.

जानें भारत में ब्रह्माजी का एक ही मंदिर क्यों हैं

Sep 22, 2017
ब्रह्मा, विष्णु और महेश त्रिमूर्ति के नाम से जाने जाते हैं. ब्रह्मा संसार के रचनाकार, विष्णु पालनहार और महेश को संहारक माना जाता है, इसलिए ये तीनो देव सबसे प्रधान देवता हैं. भारत में ही क्या सम्पूर्ण विश्व में शिव और विष्णु भगवान् के काफी मंदिर हैं परन्तु भारत में एक ऐसा स्थान है जहां केवल ब्रह्माजी का ही मंदिर हैं. आइए ऐसे मंदिर के बारें में अध्ययन करते हैं और यह कहाँ स्थित हैं.

भारत का ऐसा मंदिर जहाँ प्रसाद में सोने के आभूषण मिलते हैं

Aug 12, 2017
भारत में हर जगहों पर अधिकतर मंदिर देखने को मिलते हैं और लोग पूजा करते है अर्थार्त अपनी सामर्थ्य के अनुसार भेंट चढ़ाते है. सारे भक्तों को अधिकतर प्रसाद का इंतज़ार रहता हैं चाहे लड्डू हो, या पांच मेवा आदि. परन्तु भारत में एक ऐसा भी मंदिर जहाँ प्रसाद में खाने का पदार्थ नहीं बल्कि सोने के आभूषण या फिर नकद रूपये मिलतें हैं. आइये इस लेख के माध्यम से हम ऐसे मंदिर के बारे में जानने की कोशिश करते हैं.

चीनी फेंगशुई और भारतीय वास्तुशास्त्र का तुलनात्मक विवरण

Jul 31, 2017
'वास्तुशास्त्र' ने ज्योतिष और खगोल विज्ञान के साथ आधुनिक विज्ञान को एकजुट किया है, जबकि 'फेंगशुई' ऊर्जा संतुलन और उनके सिंक्रोनाइजेशन के बारे में बताता है. यह लेख चीनी फेंगशुई और भारतीय वास्तुशास्त्र से सम्बंधित है, जिसमें दोनों का तुलनात्मक विवरण दिया गया है और साथ ही बताया गया है कि कैसे यह हमारे जीवन में बदलाव लाता है.

भारत के 5 ऐसे मंदिर जहां राक्षस पूजे जाते हैं

Jun 30, 2017
भारत में अनेकों सभ्यताएं पाई जाती हैं एवं अलग-अलग धर्म के लोग रहते हैं. इस कारण से भारत में विभिन्न देवताओं के मंदिर पाए जाते है. परन्तु आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि भारत के कुछ सम्प्रदाय के लोगों द्वारा भगवान की ही नहीं बल्कि राक्षसों की भी पूजा की जाती है. इस लेख में उन 5 मंदिर के बारें में जिक्र कर रहे है जहाँ देवताओं की नहीं बल्कि राक्षसों की पूजा होती हैं.

कैलाश मानसरोवर यात्रा:अनुमानित खर्च एवं अनिवार्य शर्तें क्या हैं?

Jun 28, 2017
कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए दो भिन्न मार्ग हैं जिसमे एक लिपुलेख दर्रा (उत्तराखंड) है जिसके रास्ते यात्रा करने पर लगभग 24 दिन लगते हैं और यात्रा का प्रति व्यक्ति अनुमानित खर्च 1.6 लाख रुपये आता है. इसके अलावा दूसरा रास्ता नाथुला दर्रा (सिक्किम) के होकर गुजरता है जिसके माध्यम से यात्रा पूरी होने में 21 दिन लगते हैं और प्रति व्यक्ति अनुमानित खर्च 2 लाख रुपये आता है.

सीधा पढ़ें तो रामकथा और उल्टा पढ़ें तो कृष्णकथा: राघवयादवीयम्

Jun 12, 2017
राघवयादवीयम् ऐसा एक अद्भुत ग्रंथ हैं जिसे ‘अनुलोम-विलोम काव्य’ भी कहते हैं. इसके 30 श्लोकों को सीधा पढ़े तो रामकथा यानी रामायण की व्याख्या होती हैं और उन्हीं 30 श्लोकों को उल्टा पढ़ने पर कृष्णकथा यानी भागवत का वर्णन होता हैं. इस लेख में ऐसे अद्भुत ग्रंथ के बारे में अध्ययन करेंगें.

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