Search

अंतरराष्ट्रीय समझौते के बैंक्स (बीआईएस): दुनिया के सबसे पुराने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संगठन

अंतरराष्ट्रीय समझौते के बैंक्स (बीआईएस) दुनिया के सबसे पुराने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संगठन हैं जिसकी स्थापना 17 मई 1930 में हुई थी । यह 60 केंद्रीय बैंकों के स्वामित्व में है, जो की पुरे विश्व के कई देशो का प्रतिनिधित्व करते हैं अतः यह साथ मिलकर तक़रीबन 95 प्रतिशत विशव की जीडीपी बनाते हैं अंतर्राष्ट्रीय मौद्रिक और वित्तीय सहयोग के लिये जो की करये करते हैं एक बैंक के रूप में केंद्रीय बैंकों के लिए।
Jul 28, 2016 16:00 IST
facebook Iconfacebook Iconfacebook Icon

अंतरराष्ट्रीय समझौते के बैंक्स (बीआईएस) दुनिया के सबसे पुराने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संगठन हैं जिसकी स्थापना 17 मई 1930 में हुई थी । यह 60 केंद्रीय बैंकों के स्वामित्व में है, जो की पुरे विश्व के कई देशो का प्रतिनिधित्व करते हैं अतः यह साथ मिलकर तक़रीबन 95 प्रतिशत विशव की जीडीपी बनाते हैं "अंतर्राष्ट्रीय मौद्रिक और वित्तीय सहयोग के लिये जो की करये करते हैं एक बैंक के रूप में केंद्रीय बैंकों के लिए"।

Jagranjosh
 
इसका निर्माण -जर्मनी, बेल्जियम, फ्रांस, ब्रिटेन, इटली, जापान, अमेरिका और स्विट्जरलैंड के बीच हुए अंतरसरकारी समझौते के तहत किया गया था । केंद्रीय बैंकों के एक संगठन के रूप में, बीआईएस प्रयास करती है ऐसी मौद्रिक नीतियां बनाने के लिए जो की ज्यादा अपेक्षित और पारदर्शी हो उसके 60 सदस्यीय वाले केंद्रीय बैंकों के बीच, सिर्फ उन यूरोजोन देशों को छोड़कर जो मौद्रिक नीति को फोरफेिटेड करते हैं ताकी वोह यूरो को लागू कर सके। जबकि मौद्रिक नीति सबसे संप्रभु राष्ट्रों द्वारा निर्धारित की जाती है, यह

केंद्रीय और निजी बैंकिंग जांच के अधीन है जो की विदेशी विनिमय दरों और विशेष रूप से निर्यात अर्थव्यवस्थाओं के भाग्य को प्रभावित करता है।

अंतरराष्ट्रीय समझौते के बैंक्स (बीआईएस) के शासी समुदाय

इसके तीन मुख्ये विभाग हैं। इसके दो विभाग प्रदक्षिणा करते हैं बीआईएस के दो प्रमुख गतिविधियों को - नीति विश्लेषण और बैंकिंग और तीसरे विभाग सामान्य आंतरिक सहायता प्रदान करता है।

  • मौद्रिक और आर्थिक विभाग: अंजाम देती है अनुसंधान और विश्लेषण को ताकि समझ कर केंद्रीय बैंकों के विषय में नीतिगत मुद्दों को आकर दिया जा सके, समिति सहायता प्रदान करता है और इंतिज़ाम करता है वरिष्ठ केंद्रीय बैंकरों और बाकी वित्तीय स्थिरता के प्रभारी अधिकारीयों के बीच प्रमुख बैठकों को। इसके अतिरिक्त यह विभाग अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली पर आधारित विश्लेषण और सांख्यिकीय सूचना प्रसार इकट्ठा करता है।
  • बैंकिंग विभाग : वित्तीय सेवाओं की एक श्रृंखला प्रदान करता है ताकि वह मदद कर सके केंद्रीय बैंकों की विदेशी मुद्रा और सोने के भंडार के संचालन में और बीआईएस के इक्विटी को निवेश करते हैं।
  • प्रधान सचिवालय : पूरे संगठन को प्रदान करते हैं व्यापक कॉर्पोरेट सेवाएं, मानव संसाधन समेत, सुविधाओं का प्रबंधन, सुरक्षा, वित्त, संचार और आईटी से।

इन् विभागों को सहयोग मिलता है कानूनी सेवा, जोखिम नियंत्रण इकाई, आंतरिक लेखा परीक्षा इकाई, और अनुपालन और परिचालन जोखिम यूनिट से। इसके अलावा, बीआईएस की वित्तीय स्थिरता संस्थान मदद करते हैं मानक स्थापित निकायों के काम को प्रसार करने में (नीचे दिए गए हैं शासन के तहत बीआईएस की मेजबानी की समितियाँ) के केंद्रीय बैंकों और वित्तीय क्षेत्र पर्यवेक्षी नियामक एजेंसियों के लिए।

प्रशासन और बैंक के प्रबंधन आयोजित की जाती हैं तीन प्रमुख स्तरों पर :

  • केंद्रीय बैंकों के बीआईएस सदस्य की आम बैठक: बैंक की पूंजी केवल केंद्रीय बैंकों द्वारा आयोजित की जाती है। साठ केंद्रीय बैंकों और मौद्रिक अधिकारी वर्तमान में बीआईएस के सदस्य हैं और उनके पास अधिकार है मतदान का और प्रतिनिधित्व करने का सामान्य बैठकों में।
  • बीआईएस के निदेशक मंडल : यह बीआईएस के सामरिक और नीति को दिशा निर्धारित करने के लिए जिम्मेदार है, बीआईएस के प्रबंधन की निगरानी करना, और बैंक के विधियों के दुआरा दिए गए विशिष्ट कार्यों को पूरा करना। यह कम से कम एक वर्ष में छह बार मिलते हैं।
  • बीआईएस के प्रबंधन : यह महाप्रबंधक के सम्पूर्ण नेतृत्व के अंतर्गत है, जो निदेशक मंडल के लिए जिम्मेदार है बैंक के संचालन के लिए। बैंक की विधियों के अनुसार, महाप्रबंधक की सहायता उप महाप्रबंधक द्वारा प्रदान की जाती है।