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आईयूसीएन रेड डाटा बुक

संकटग्रस्त प्रजातियों की आईयूसीएन लाल डेटा सूची (रेड लिस्ट) को पौधों और पशु प्रजातियों के संरक्षण की स्थिति का मूल्यांकन करने के व्यापक उद्देश्य के वैश्विक दृष्टिकोण के रूप में मान्यता दी गयी है। अपनी छोटी सी शुरुआत से, आईयूसीएन की लाल डेटा सूची (रेड लिस्ट) के आकार और जटिलता में वृद्धि हुई है और यह वर्तमान में सरकारों, गैर सरकारी संगठनों और वैज्ञानिक संस्थाओं की संरक्षण गतिविधियों के मार्गदर्शन में तेजी से एक प्रमुख भूमिका निभा रही है। विलुप्त होने के जोखिमों का निर्धारण करने के लिए एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण की शुरूआत 1994 में हुयी। जो सभी प्रजातियों पर लागू है और एक वैश्विक मानक बन गया है।
Dec 9, 2015 15:04 IST
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संकटग्रस्त प्रजातियों की आईयूसीएन लाल डेटा सूची (रेड लिस्ट) (1994 में शुरूआत) को पौधों और पशु प्रजातियों के संरक्षण की स्थिति का मूल्यांकन करने के व्यापक उद्देश्य के वैश्विक दृष्टिकोण के रूप में मान्यता दी गयी है। अपनी छोटी सी शुरुआत से, आईयूसीएन की रेड डेटा लिस्ट के आकार और जटिलता में वृद्धि हुई है और यह वर्तमान में सरकारों, गैर सरकारी संगठनों और वैज्ञानिक संस्थाओं की संरक्षण गतिविधियों के मार्गदर्शन में तेजी से एक प्रमुख भूमिका निभा रही है।

आईयूसीएन ने प्रजातियों को विश्व भर से एकत्र किये गये आंकड़ों के आधार पर विलुप्त, जंगलों में विलुप्त, गंभीर खतरे, लुप्तप्राय, कमजोर आदि श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है।

आईयूसीएन के पास एक लाल डेटा सूची (रेड लिस्ट)  है जो विभिन्न श्रेणियों में पौधों और जानवरों की एक व्यवस्थित सूची तैयार करता है।

श्रेणी की संरचना:

Jagranjosh

श्रेणियों की परिभाषा:

विलुप्त प्रजाति (EX)

एक वर्गिकी (टैक्सोन) तब विलुप्त होता है जब इस बात में कोई संदेह ना हो कि अंतिम प्राणी की मृत्यु हो गई है।

2. जंगलों में विलुप्त (ईडब्ल्यू)

एक प्रजाति जंगलों से तब विलुप्त मानी जाती है जब यह केवल खेती के लिए जीवित है या एक प्राकृतिक आबादी (या आबादी) के क्षेत्र से पूरी तरह से बाहर हो जाता है।

3. गंभीर संकटग्रस्त (CR)

एक वर्गिकी (टैक्सोन) पर तब गंभीर खतरा होता है जब सबसे सटीक उपलब्ध साक्ष्य इंगित करते हैं कि यह एक गंभीर खतरे के लिए ए से ई में से किसी भी एक मापदंडों में मिलता है, और तत्पश्चात इसे जंगलों में अपने अस्तित्व को बचाये रखने के लिए एक बड़े जोखिम का सामना करना पड़ता है।

गंभीर संकटग्रस्त होने के लिए मानदंड:

A- जनसंख्या के आकार में कटौती:

  1. पिछले 10 सालों या तीन पीढीयों में से जो भी अधिक समय तक रहा हो, में जब किसी प्राणी कि जनसंख्या में 90% से अधिक की कमी वहां आयी हो जबकि इस कमी के कारण स्पष्ट रूप से बदलने और जानने योग्य थे।
  2. पिछले 10 सालों या तीन पीढीयों में से जो भी अधिक समय तक रहा हो, में जब किसी प्राणी कि जनसंख्या में 80% से अधिक की कमी वहां आयी हो जबकि इस कमी के कारण न तो स्पष्ट रूप से बदलने और न ही जानने योग्य थे।

बी  (घटना की सीमा तक) या बी 2 (अधिकार क्षेत्र) के रूप में भौगोलिक सीमा:

A- जनसंख्या का अनुमानित न्यूनतम आकार 250 परिपक्व प्राणियों का होता है। और तीन साल या एक पीढ़ी के भीतर इसमें कम से कम 25% की गिरावट होने का अनुमान रहता है।

B- अनुमानित जनसंख्या का आकार कम से कम 50 परिपक्व प्राणियों का है।

C- मात्रात्मक विश्लेषण से पता चलता है कि जंगलों में विलुप्त होने की संभावना 10 साल या तीन पीढ़ी जो भी लम्बा हो, के भीतर कम से कम 50% तक की है।

लुप्तप्राय (EN)

सर्वोत्तम उपलब्ध साक्ष्य यह इशारा करते एक प्रजाति (टेक्सॉन) तब अतिसंवेदनशील हो जाती है जब उसके प्राणी ए से ई तक की श्रेणी में आते है

लुप्तप्राय होने के लिए मानदंड:

A- निम्नलिखित के आधार पर जनसंख्या के आकार में कटौती होती है:

  1. जनसंख्या में पिछले 10 वर्षों या तीन पीढियों में से जो भी अधिक समय तक रहा हो, वहां 70% से अधिक कमी हुयी है जिसके कारण स्पष्ट रूप से सुधारने और समझने योग्य रहे हों ।
  2. एक विदित, अनुमानित, आंकलन या पिछले 10 सालों या तीन पीढियों में से जो भी अधिक समय तक रहा हो जनसंख्या के आकार में वहां ≥ 50%  की कमी आयी आयी है जहां कमी या इसके कारण या तो बंद नहीं हुए थे तथा या तो जानने योग्य नहीं थे और या फिर सुधारने योग्य नहीं थे।

B- बी 1 (घटना की हद) या बी 2 (अधिभोग का क्षेत्र) या दोनों के रूप में भौगोलिक सीमा:

  • B.1- घटना की सीमा 5000 km2 से कम मानी जाती है, और गंभीर रूप से विभाजित और इस प्रजाति का अस्तित्व पांच स्थानों से अधिक पर मौजूद नहीं  होता हैं।
  • B.2- - घटना की सीमा 500 km2 से कम मानी जाती है, और गंभीर रूप से विभाजित और इस प्रजाति का अस्तित्व पांच स्थानों से अधिक पर मौजूद नहीं  होता हैं।

C- इसमें कम से कम 2500 परिपक्व प्राणियों की जनसंख्या होने का अनुमान लगाया जाता है और पांच साल या दो पीढ़ियों में जो भी अधिक लंबी हो, के भीतर कम से कम 20% की गिरावट होने का अनुमान होता है।

D- इस केटेगरी के अंतर्गत कम से कम 250 परिपक्व प्राणियों की जनसंख्या होने का अनुमान होता है।

E- मात्रात्मक विश्लेषण में 20 वर्ष या पाँच पीढ़ियों में जो भी लंबी हो, के भीतर जंगलों में विलुप्त होने की संभावना का कम से कम 20% दिखायी दे रही है।

संकट के निकट (NT):

एक प्रजाति (वर्गिकी) तब संकट के नजदीक होता है जब इसका मूल्यांक मानदंडों के विरूद्ध होता है लेकिन यह गंभीर खतरे योग्य, लुप्तप्राय की श्रेणी में नहीं आता है। फिर भी निकट भविष्य में संकटग्रस्त की श्रेणी में बने रहने का खतरा बना रहता है।

न्यूनतम चिंता (एलसी)

एक प्रजाति में तब न्यूनतम चिंता होती है जब यह मानदंडों के स्तर पर खरा नहीं उतरता है और कमजोर या निकट संकटग्रस्त गंभीर खतरे, लुप्तप्राय के लिए योग्य नहीं होता है।

डेटा की कमी (डीडी)

एक प्रजाति के डेटा में कमी तब आती है जब इसके वितरण और/ या जनसंख्या की स्थिति के आधार पर इसके विलुप्त होने के खतरे की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आकलन की अपर्याप्त जानकारी मिलती है

आईयूसीएन श्रेणियों, और उन श्रेणियों में शामिल कुछ जानवर है:

लुप्त: उदाहरण: एटलस भालू, औरोक्स, बाली टाइगर, ब्लैकफिन सिस्को, कैरेबियन सील, कैरोलिना तोता, कैस्पियन टाइगर, डायनासोर, डोडो, मटमैली समुद्रतटीय गौरैया, हाथी चिडिया, गोल्डन मेढ़क, ग्रेट औक, गिद्ध, जापानी समुद्री शेर, जावन टाइगर, लैब्राडोर बतख, मोआ, यात्री कबूतर, सबेर दांतेदार बिल्ली, स्कोमबर्ग के हिरण, छोटे मुंह वाला भालू, स्टेलार समुद्री गाय, थाइलेसीन, पश्चिमी काला गैंडा, ऊनी माम्मोख, ऊनी गैंडा।

जंगलों में से विलुप्त: कैदी प्राणी जीवित रहते हैं लेकिन स्वतंत्र नहीं रहते है। उदाहरण: बार्बरी शेर (शायद विलुप्त), कैटरीना पपफिश, हवाई क्रो, उत्तरी सफेद गैंडा, स्कीमीटर ओरिक्स, सोकोर्रो डव, व्योमिंग टॉड।

गंभीर खतरे में: इन पर निकट भविष्य में विलुप्त होने की एक अत्यंत गंभीर खतरा मंडरा रहा है। उदाहरण: एडेक्स, अफ्रीकी जंगली गधा, अलबामा केवफिश, अमूर तेंदुए, अरकान वन कछुए, एशियाई चीता, अक्सोलोट, बैक्ट्रियन ऊंट, ब्राजील मरगनसेर, ब्राउन स्पाईडर मंकी, कैलिफोर्निया कोंडोर, चीनी मगरमच्छ, चीनी एैलीगेटर, घड़ियाल, हवाई भिक्षु सील, औबेरियन लिंक्स, आइसलैंड फॉक्स, यावान राइनो, ककापो, लीथरबैक समुद्री कछुए, भूमध्यसागरीय सील, मैक्सिकन भेड़िया, पर्वतीय गोरिल्ला, फिलीपीन ईगल, रेड भेड़िया, साईगा, स्यामीय मगरमच्छ,  दक्षिणी ब्लूफिन टूना, सुमात्रा आरंगुटान, सुमात्रा गैंडा, वेक्यूटा, यांग्त्ज़ी नदी डॉल्फिन।

लुप्तप्राय: इन पर निकट भविष्य में विलुप्त होने का एक गंभीर खतरा है। उदाहरण: अफ्रीकी पेंगुइन, अफ्रीकी जंगली कुत्ता, एशियाई हाथी, एशियाई शेर, नीली व्हेल, बोनोबो, बार्ननीन आरंगुटान, चिम्पांजी, ढोले, इथियोपिया वुल्फ, हीसपीड हरे, विशालकाय ऊदबिलाव, विशालकाय पांडा, गोलियत मेंढक, गोरिल्ला, ग्रीन समुद्री कछुए, ग्रेवे का ज़ेबरा, जापानी क्रेन, लेअर का तोता, मलायी टपीर, मरखोर, फारसी तेंदुए, सूंड बंदर, बौना दरियाई घोड़ा, लाल छाती वाला हंस, रोथ्सचाइल्ड जिराफ, हिम तेंदुआ, स्टेलार के समुद्री शेर, स्कोप्स टंग, ताखी, टाइगर, वियतनामी तीतर, ज्वालामुखी खरगोश, जंगली पानी भैंस।

खतरा वाले संभावित: मध्यम अवधि में विलुप्त होने का गंभीर खतरा है उदाहरण: अफ्रीकी हाथी, अमेरिकी पैडलफिश, मलिन तेंदुआ, चीता, डुगडुग, सुदूर पूर्वी कर्लो, फोसा, गैलापागोस कछुआ, गौर, नीली आंखों वाला काकातुआ, गोल्डन हैम्स्टर, व्हेल शार्क, क्राउन्ड क्रेन, दरियाई घोड़ा, हम्बोल्ट पेंगुइन, भारतीय गैंडा, कोमोडो ड्रैगन लैसर व्हाइट फ्रंटेड हंस, शेर, बंदर, मैन्ड स्लोथ, माउंटेन ज़ेबरा, ध्रुवीय भालू, लाल पांडा, स्लॉथ बीयर, टाकिन, याक।

संकट के निकट: इन प्रजातियों पर निकट भविष्य में गंभीर खतर हो सकता है। उदाहरण: अफ्रीकी ग्रे तोता, अमेरिकी बाइसन, स्टारी ब्लेन्ने, एशियन गोल्डन कैट, ब्लू-बिल डक, हंस, एम्परर पेंगुइन, यूरेशियन कर्ल्यू, जगुआर, तेंदुआ, मैगेलैनिक पेंगुइन, मैन्ड वुल्फ, नाउल, ओकापी, सोलीटरी ईगल, दक्षिणी सफेद गैंडा, धारीदार लकड़बग्घा, टाइगर शार्क, सफेद कान वाला तीतर।

न्यूनतम चिंता वाले: कुछ प्रजातियों के अस्तित्व पर फिलहाल कोई खतरा नहीं है। उदाहरण: अमेरिकी मगरमच्छ, अमेरिकी कौवा, भारतीय मोर, लंगूर, बाल्ड ईगल, भूरे भालू, भूरा चूहा, भूरे-गले स्लोथ, कनाडा का हंस, केन टॉड, सामान्य कबूतर, कौगर, आम मेंढक, रेसिंग, जिराफ, ग्रे वुल्फ, घर वाला चूहा, पाम कौकेटू, कॉउफिश, जंगली बत्तख़, मीरकट, म्यूट स्वान, प्लेटयेपस, लाल पूंछ वाला हॉक, रॉक कबूतर, लाल रंग का तोता, दक्षिणी हाथी सील, मिल्क शार्क, लाल मुंह वाला बंदर।