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उदारीकरण के बाद की पंचवर्षीय योजनायें

योजना आयोग  की स्थापना भारत सरकार के एक संकल्प के द्वारा मार्च, 1950 में की गयी थी । भारत की अर्थव्यवस्था के विकास की जिम्मेदारी पंचवर्षीय योजनाओं पर आधारित थी, जिसे योजना आयोग (प्रधानमन्त्री इसका पदेन अध्यक्ष होता हैं) द्वारा  विकसित, निष्पादित तथा जांचा जाता है | अब योजना आयोग को नीति आयोग (राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान ) द्वारा प्रतिस्थापित किया जा रहा है। अब तक 12 पंचवर्षीय योजनाओं को योजना आयोग द्वारा आरम्भ किया गया है। किसी भी पंचवर्षीय योजना को अंतिम मंजूरी राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) द्वारा दी जाती  है।
Mar 11, 2016 15:09 IST
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योजना आयोग  की स्थापना भारत सरकार के एक संकल्प के द्वारा मार्च, 1950 में की गयी थी । भारत की अर्थव्यवस्था के विकास की जिम्मेदारी पंचवर्षीय योजनाओं पर आधारित थी, जिसे योजना आयोग (प्रधानमन्त्री इसका पदेन अध्यक्ष होता हैं) द्वारा  विकसित, निष्पादित तथा जांचा जाता है | अब योजना आयोग को नीति आयोग (राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान ) द्वारा प्रतिस्थापित किया जा रहा है। अब तक 12 पंचवर्षीय योजनाओं को योजना आयोग द्वारा आरम्भ किया गया है। किसी भी पंचवर्षीय योजना को अंतिम मंजूरी राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) द्वारा दी जाती  है।

आठवीं पंचवर्षीय योजना (1992-1997)

1989-1991 का समय राजनीतिक उथल पुथल का था जिससे भारत में आर्थिक अस्थिरता हो गई थी और इसलिए कोई पंच वर्षीय योजना लागू नहीं की गई | 1990 और 1992 के बीच, भारत में  केवल वार्षिक योजना ही बनी थीं । 1991 में, भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स) भंडार को  एक संकट का सामना करना पड़ा क्योंकि भारत के पास केवल अमेरिकी $ 1 अरब बचे थे | अतः दबाव के चलते, देश को समाजवादी अर्थव्यवस्था में सुधार का जोखिम लेना पडा | पी.वी. नरसिंह राव भारत गणराज्य के बारहवें प्रधानमंत्री और कांग्रेस पार्टी के प्रमुख थे, और भारत के आधुनिक इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक बदलाव इनकी देखरेख में संपन्न हुआ । इस समय डॉ मनमोहन सिंह ने भारत के मुक्त बाजार सुधारों की शुरुआत की जिसके कारण राष्ट्र दिवालिया होने से बाख गया था | इसी समय भारत में निजीकरण,उदारीकरण की शुरुआत हुई और भारत की अर्थव्यस्था को पूरे विश्व के साथ जुड़ने का मौका मिला।

उद्योगों के आधुनिकीकरण आठवीं योजना का एक प्रमुख आकर्षण था। इस योजना के तहत, भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास बढ़ते घाटे और विदेशी कर्ज को सही करने के लिए किया गया था। इस बीच भारत 1 जनवरी 1995 को विश्व व्यापार संगठन का सदस्य बन गया | आर्थिक विकास के इस नये मॉडल को राव तथा मनमोहन मॉडल के रूप में जाना जाता है |

इस योजना के अंतर्गत आर्थिक विकास की दर लक्ष्य 5.6% के सापेक्ष 6.78% की एक औसत वार्षिक वृद्धि दर को हासिल कर लिया गया था ।

नौवीं पंचवर्षीय योजना (1997-2002)

नौवीं पंचवर्षीय योजना में भारत 1997 से 2002 के समय के दौरान  तेजी से औद्योगीकरण, मानव विकास, पूर्ण पैमाने पर रोजगार, गरीबी में कमी, और घरेलू संसाधनों पर आत्मनिर्भरता के   उद्देश्यों को प्राप्त करने के मुख्य उद्देश्य के साथ चला |

नौवीं योजना की अवधि के दौरान, विकास दर 5.35 प्रतिशत थी,  जोकि 6.5 फीसदी के लक्ष्य की तुलना में एक प्रतिशत कम थी ।

दसवीं पंचवर्षीय योजना (2002-2007)

दसवीं पंचवर्षीय योजना के उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

• प्रति वर्ष 8% जीडीपी विकास दर को प्राप्त करना ।

• 2007 तक 5 प्रतिशत गरीबी अनुपात में कमी करना |

• कम से कम श्रम शक्ति के अलावा लाभदायक और उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार उपलब्ध कराना।

• 2007 तक कम से कम 50% तक साक्षरता बढ़ाना और मजदूरी की दरों में लिंग भेद को कम करना ।

• 20 सूत्री कार्यक्रम पेश किया गए ।

लक्ष्य विकास: 8% , हासिल की गई विकास दर  7.8%

ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना (2007-2012)

ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना के उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

आय एवं गरीबी

• सकल घरेलू उत्पाद में बृद्धि दर को 8% से बढाकर 10% तक लाना और इसी स्तर पर स्थिर रखना |  वर्ष 2016 -17 तक प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करना |

• लाभ के प्रसार को व्यापक करने के लिए कृषि में प्रति वर्ष 4% की दर से  वृद्धि करना |

• रोजगार के 70 लाख नए अवसर बनाना |

• शिक्षित बेरोजगारी को 5% से भी नीचे लाना ।

• अकुशल श्रमिकों की वास्तविक मजदूरी दर को 20% तक बढ़ाना ।

• गरीबी को 10 प्रतिशत तक कम करना |

शिक्षा

• 2011-12 तक बच्चों के स्कूल छोड़ने की दर में 20%  तक कमी करना |

• प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा प्राप्ति के न्यूनतम मानकों का विकास करना  और शिक्षा की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए नियमित परीक्षण की प्रभावशाली निगरानी |

• 7 साल या उसे ऊपर के व्यक्तियों के लिए साक्षरता दर में 85% तक वृद्धि करना |

• शिक्षा में लैंगिक अंतर को 10 प्रतिशत तक कम करना |

• योजना के अंत तक उच्च शिक्षा में आवेदन को वर्तमान 10 % से 15% तक बढ़ाना |

स्वास्थ्य

• 1000 जीवित जन्मों में से शिशु मृत्यु दर 28 तक और मातृ मृत्यु अनुपात प्रति 1 तक कम करना |

• कुल प्रजनन दर को 2.1 के स्तर पर लाना |

• 2009 तक सभी के लिए स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना |

• 0-3 आयु वर्ग के बच्चों में वर्तमान स्तर से आधे तक कुपोषण को कम करना |

• योजना के अंत तक महिलाओं और लड़कियों के बीच में अनीमिया को 50% तक कम करना |

महिलाओं और बच्चों के लिए

• 0-6 आयु समूह के लिए लिंग अनुपात को 2011-12 तक 935 तथा 2016-17 तक 950 तक बढ़ाना |

• यह सुनिश्चित करना कि सभी सरकारी योजनाओं का कम से कम 33 प्रतिशत प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभार्थी महिलायें और बालिकाएं हों |

• यह सुनिश्चित करना कि सभी बच्चे बिना किसी बाधा के एक सुरक्षित बचपन का आनंद उठा पायें |

• इन्फ्रास्ट्रक्चर को विकसित करना |

• 2009 तक सभी गांवों और बीपीएल परिवारों को बिजली कनेक्शन सुनिश्चित करना और 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराना ।

• 2009 तक 1000 और उससे ऊपर(पहाड़ी और जनजातीय क्षेत्रों में 500) वाले आबादी की सभी बस्ती को हर मौसम में सड़क सुनिश्चित करना और 2015 तक सभी महत्वपूर्ण बस्तियों को इस योजना के अन्दर लेना ।

• नवम्बर, 2007 तक टेलीफोन द्वारा हर गांव को जोड़ना और 2012 तक सभी गांवों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करना |

• 2012 तक सभी के लिए वास स्थान प्रदान करना और 2016-17 तक सभी ग्रामीण गरीबों के लिए घर निर्माण के लिए कदम उठाना जिसके सभी गरीबों को इस योजना के अन्दर लाया जा सके |

पर्यावरण

• वन और वृक्षों से ढके क्षेत्रों में 5 प्रतिशत की वृद्धि करना |

• 2011-12 तक सभी प्रमुख शहरों में WHO द्वारा निर्धारित हवा की गुणवत्ता के मानकों को प्राप्त करना ।

• नदियों के जल को साफ करने के लिए  2011-12 तक सभी शहरी अपशिष्ट जल का निदान करना ।

• ऊर्जा दक्षता को 20% तक बढ़ाना |

विकास लक्ष्य 8.4% विकास दर हासिल की 7.9%।

बारहवीं पंचवर्षीय योजना (2012-2017)

12 वीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) के दस्तावेज, जोकि 8.2 प्रतिशत की सालाना औसत आर्थिक विकास दर हासिल करना चाहते थे, वैश्विक वसूली के मद्देनज़र पहले की परिकल्पना से 9 प्रतिशत नीचे आ गए | अनुगामी अर्थ व्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए 12 वीं पंचवर्षीय योजना नीतिगत दिशानिर्देशों और सिद्धांतों द्वारा निर्देशित की गई  है, जिसने वित्त वर्ष 2012-13 की पहली तिमाही में 5.5 प्रतिशत की मामूली वृद्धि दर को दर्ज किया |

योजना का उद्देश्य सभी प्रकार के बाधाओं को ख़त्म करके राष्ट्र के ढांचागत परियोजनाओं की तरक्की करना है। 12 वीं पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत, योजना आयोग का  मुख्य उद्देश्य ढांचागत विकास है, जिसमें अमेरिकी $ 1000000000000 के निजी निवेश को आकर्षित करना है, जोकि सरकार के सब्सिडी बोझ के सकल घरेलू उत्पाद को भी 2 प्रतिशत से 1.5 प्रतिशत तक कम करने को सुनिश्चित करेगा | यूआईडी योजना (विशिष्ट पहचान संख्या) देश में सब्सिडी के नकद हस्तांतरण के लिए एक मंच के रूप में कार्य करेगा।

अंत में यह कहा जा सकता है कि 12वी योजना का मुख्य उद्देश्य  कृषि क्षेत्र में 4 प्रतिशत की विकास दर प्राप्त करना और वर्ष 2017 तक 10 प्रतिशत अंकों तक गरीबी कम करना है | इस योजना का मुख्य उद्देश्य तेज, और अधिक समावेशी और सतत विकास को प्राप्त करना  है।