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क्या आप जानते हैं कि ओलंपिक खेलों में अब तक भारतीय हॉकी टीम का प्रदर्शन कैसा रहा है?

भारतीय हॉकी टीम ने अब तक 19 ओलंपिक खेलों में हिस्सा लिया है जिनमे उसने सन 1928 से 1956 तक लगातार हॉकी का स्वर्ण पदक जीता है और  कुल मिलाकर 8 स्वर्ण पदक जीते है जो कि आज तक किसी भी देश के लिए सपने जैसा ही है | 1932 में लोस एंजिलिस में हुए ओलंपिक खेलों के दौरान भारत ने अमेरिका को 24-1 के अंतर से रौंदा था | इस मैच में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यान चन्द ने 8 गोल किये थे | 
Jul 26, 2016 12:58 IST
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भारतीय हॉकी टीम ने अब तक 19 ओलंपिक खेलों में हिस्सा लिया है जिनमे उसने सन 1928 से 1956 तक लगातार हॉकी का स्वर्ण पदक जीता है और कुल मिलाकर अब तक 8 स्वर्ण पदक जीते है जो कि आज तक किसी भी देश के लिए सपने जैसा ही है | 1932 में लोस एंजिलिस में हुए ओलंपिक खेलों के दौरान भारत ने अमेरिका को 24-1 के अंतर से रौंदा था | इस मैच में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यान चन्द ने 8 गोल किये थे | नीचे दी गयी सारिणी में भारतीय टीम के अब तक के प्रदर्शन के बारे में बताया गया है |

पहले ओलिंपिक खेल: 10 तथ्य एक नजर में

भारतीय हॉकी टीम द्वारा ओलंपिक में किया गया प्रदर्शन इस प्रकार है:-

वर्ष

स्थान

टीम की स्थिति

1928

एम्सटर्डम

स्वर्ण पदक

1932

लोस एंजिलिस

स्वर्ण पदक

1936

बर्लिन

स्वर्ण पदक

1948

लन्दन

स्वर्ण पदक

1952

हेलसिंकी

स्वर्ण पदक

1956

मेलबर्न

स्वर्ण पदक

1960

रोम

रजत पदक

1964

टोक्यो

स्वर्ण पदक

1968

मैक्सिको सिटी

कांस्य पदक

1972

म्यूनिख

कांस्य पदक

1976

मोंट्रियल

सातवे स्थान पर

1980

मास्को

स्वर्ण पदक

1984

लोस एंजिलिस

पांचवे स्थान पर

1988

सियोल

छठे स्थान पर

1992

बार्सिलोना

सातवे स्थान पर

1996

अटलांटा

आठवे स्थान पर

2000

सिडनी

सातवे स्थान पर

2004

एथेंस

सातवे स्थान पर

2008

बीजिंग

टीम ओलंपिक के लिए क्वालीफाई नही कर पाई

2012

लन्दन

12वें स्थान पर

अब तक के ओलंपिक खेलों में किस देश ने कितने पदक जीते हैं?

देश

स्वर्ण

रजत

कांस्य

कुल पदक

भारत

8

1

2

11

नीदरलैंड

4

5

6

15

ऑस्ट्रेलिया

4

3

5

12

पाकिस्तान

3

3

2

8

ग्रेट ब्रिटेन

3

2

5

10

ओलंपिक में मेजर ध्यानचन्द का योगदान:

1. सन 1928 के एम्सटर्डम ओलंपिक खेलों में ध्यान चन्द ने 5 मैचों में 14 गोल किये और सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाडी रहे |

2. सन 1932 में लोस एंजिलिस में हुए ओलंपिक के फाइनल में भारत ने अमेरिका को 24-1 के अंतर से हराया था | यह रिकार्ड आज भी कायम है | इस मैच में हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले ध्यानचन्द ने 8 गोल किये थे | इस पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने 35 गोल किये थे जिसमे ध्यानचन्द और उनके भाई रूपचन्द ने अकेले मिलकर 25 गोल किये थे |

3. सन 1936 के बर्लिन ओलंपिक के फ़ाइनल में भारत ने जर्मनी को 8-1 के अंतर से हराया था | इसमें ध्यानचन्द ने 3 गोल किये थे | तीन ओलंपिक में ध्यानचन्द ने 12 मैच खेले और 33 गोल दागे | इसी प्रतिभा के कारण उन्हें हॉकी का जादूगर कहा जाता है | उनके दम पर ही भारत ने लगातार तीन (1928, 1932 और 1936) ओलंपिक के स्वर्ण पदक जीते हैं |

Jagranjosh

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