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गंगा नदी की नदी घाटी परियोजनाए

भारत में बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं को कृषि के लिए सिंचाई, उद्योगों के लिए बिजली और बाढ़ नियंत्रण की महत्वपूर्ण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए शुरू किया गया । जवाहर लाल  नेहरू ने  बांधों को आधुनिक भारत का मंदिर' कहा है, इस तथ्य से उस समय में बांधों के महत्व का अनुमान लगाया जा सकता है ।
Jul 27, 2016 16:00 IST
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भारत में बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं को कृषि के लिए सिंचाई, उद्योगों के लिए बिजली और बाढ़ नियंत्रण की महत्वपूर्ण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए शुरू किया गया । जवाहर लाल नेहरू ने  बांधों को " आधुनिक भारत का मंदिर ' कहा है, इस तथ्य से  उस समय में बांधों के  महत्व का अनुमान लगाया जा सकता है । भारत की आर्थिक योजनाओं में  बांध निर्माण को एक उच्च प्राथमिकता दी गई है । गंगा नदी घाटी के साथ जुडी  महत्वपूर्ण नदी घाटी परियोजनाए हैं-टिहरी परियोजना, रामगंगा परियोजना, टनकपुर परियोजना, गंडक परियोजना, कोसी परियोजना, रिहंद परियोजना, बाणसागर, माताटीला परियोजना, चंबल परियोजना, दामोदर घाटी और मयूराक्षी परियोजना।

टिहरी परियोजना: यह  टिहरी में भिलांगना  और भागीरथी नदियों के संगम पर निर्माण किया गया है।

रामगंगा परियोजना: यह गंगा की सहायक नदी रामगंगा नदी पर निर्मित किया गया है।

टनकपुर परियोजना: यह  टनकपुर (उत्तराखंड) में काली नदी पर जो कि भारत-नेपाल सीमा पर बहती है पर निष्पादित किया गया है।

गंडक परियोजना: यह बिहार, उत्तर प्रदेश और नेपाल की संयुक्त परियोजना है। नदी गंडक पर  सूरतपुरा (नेपाल) में हाइड्रो  बिजली  का  उत्पादन किया जाता है। ये बांध बिहार में भैसलोतन  (वाल्मीकि नगर) में बनाया गया है।

कोसी परियोजना: यह बिहार और नेपाल की  एक संयुक्त परियोजना है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बाढ़ नियंत्रण, जल विद्युत उत्पादन और सिंचाई हैं। नेपाल मेंकटैया पर हाइड्रो बिजली का उत्पादन किया जाता है । बिहार की  मुख्य नहर को हनुमान नगर बैराज से बाहर खींचा हुआ  है।

रिहंद परियोजना: यह परियोजना  सोन नदी  की एक सहायक नदी  रिहंद नदी पर पिपरी (सोनभद्र जिले, उत्तर प्रदेश) में निष्पादित किया गया है।

बाणसागर परियोजना: यह सोन नदी पर बनी  मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार की संयुक्त परियोजना है। यह मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में सोन  पर बनाया गया है।

माताटीला  परियोजना: यह नदी बेतवा पर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की संयुक्त परियोजना है। ये बांध उत्तर प्रदेश में बनाया गया है।

चंबल परियोजना: यह राजस्थान और मध्य प्रदेश की सरकारों द्वारा एक संयुक्त उपक्रम है। राणा प्रताप बांध भटा पर , कोटा से 48 किमी का उद्घाटन 9 फ़रवरी, 1970 को  किया गया था।  इस परियोजना में दो अन्य बांधों का  निर्माण भी शामिल हैं: मध्य प्रदेश में गांधी सागर बांध औ रराजस्थान में  जवाहर सागर (कोटा)  बांध।

दामोदर वैली: इस बहुउद्देशीय योजना का मुख्य उद्देश्य दामोदर नदी के बहाव को नियंत्रित करना है जो अपनी अनियमितता और घातकता के लिए कुख्यात है।  यह टेनेसी घाटी प्राधिकरण (टी .वी .ए .) संयुक्त राज्य अमरीका  की तर्ज पर बनाया गया है।

मयूराक्षी परियोजना: यह अविभाजित बिहार (अब झारखंड) और पश्चिम बंगाल की संयुक्त परियोजना है। ये  बांध मयूराक्षी नदी पर झारखण्ड के दुमका जिले में  मसानजोर  में  बनाया गया है। यह  'कनाडा बांध' के रूप में भी जाना जाता है।