जयललिता जयराम

जयललिता जयराम एक भारतीय राजनीतिज्ञ है। वह अन्नाद्रमुक(ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) पार्टी की सदस्य भी है।
Updated: Dec 31, 2014 11:34 IST

Jayalalita

जयललिता जयराम एक भारतीय राजनीतिज्ञ है। वह अन्नाद्रमुक(ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) पार्टी की सदस्य भी है। वर्तमान में जयललिता तमिलनाडु की मुख्यमंत्री हैं। वह अन्नाद्रमुक पार्टी की पदस्थ महासचिव हैं।

पारिवारिक विवरण

जयललिता जयराम का जन्म 24 फ़रवरी 1948 को मैसूर के मेलूकोटे नामक  जगह पर हुआ था। उनके पिता का नाम जयराम था। वह पेशे से वकील थे। वह सिर्फ 2 साल की थीं जब उनके पिता का देहांत हो गया था। अतः जयललिता और उनके भाई जयकुमार अपनी माँ के साथ बंगलौर में स्थानांतरित हो गए। उनकी माता का नाम वेदावती था। उनकी माता वेदावती संध्या नाम से तमिल सिनेमा में काम करती थीं।

शिक्षा

जयललिता जयराम ने अपनी स्कूली शिक्षा चेन्नई के सेक्रेड हार्ट मैट्रिकुलेशन स्कूल, और बिशप कॉटन गर्ल्स हाई स्कूल, से पूरी की। वह अपने कक्षा की एक बहुत ही बुद्धिमान छात्रा थीं। वर्ष 1964 में मैट्रिक की शिक्षा पूरा करने के बाद उनकी प्रतिभा को देखते हुए वर्ष 1964 में भारत सरकार ने उन्हें उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति प्रदान की। उन्हेंने अपने पूरे फ़िल्मी करियर के दौरान अनेक भाषाओँ (हिंदी, अंग्रेजी, कन्नड़, तमिल, तेलुगू और मलयालम सहित विभिन्न भाषाओं की फिल्मों) में काम किया।

व्यवसाय

  • वर्ष 1982 में जयललिता जयराम ने पुराची थलैवर डॉ एमजीआर  की सहायता से राजनीति में प्रवेश किया और अन्नाद्रमुक की सदस्य बनी।
  • वर्ष 1983: जयललिता अन्नाद्रमुक की प्रचार सचिव के रूप में नियुक्त की गयी।
  • वर्ष 1983: जयललिता को डॉ. एमजीआर द्वारा अन्नाद्रमुक के इकलौते प्रचारक के रूप मून चुनाव अभियान के लिए चुना गया।
  • वर्ष 1984: जयललिता राज्यसभा की संसद सदस्य के रूप में निर्वाचित की गईं थी।
  • डॉ. एमजीआर की अनुपस्थिति में जयललिता ने उनकी जगह ले ली और अन्नाद्रमुक के कांग्रेस (आई) गठबंधन का नेतृत्व करते हुए एक विशाल जीत हासिल की।
  • वर्ष 1989: जयललिता ने अन्नाद्रमुक की महासचिव के रूप में तमिलनाडु विधान सभा से चुनाव लड़ा।
  • वर्ष 1989: जयललिता ने अन्नाद्रमुक की '2 पत्तियां वाला 'चुनाव चिन्ह बहाल होने की घोषणा की।
  • फ़रवरी 2002 और मई 2006: जयललिता अंडीपट्टी विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र से चुनी गईं थीं।
  • मई 2011: जयललिता श्रीरंगम विधानसभा क्षेत्र से चुनी गईं थीं।
  • 24 जून 1991 से  लेकर 12 मई 1996 तक  : एक मुख्यमंत्री के रूप में निर्वाचित।
  • 14 मई 2001 से लेकर 21 सितम्बर 2001 तक वह: एक मुख्यमंत्री के रूप में निर्वाचित रही।
  • 3 फ़रवरी 2002 से मई 2006 तक एक मुख्यमंत्री के रूप में निर्वाचित की गयीं।
  • 16 मई 2011 को एक मुख्यमंत्री के रूप में निर्वाचित की गयीं।

उपलब्धियां और पुरस्कार

  • जयललिता ने 1972 में तमिलनाडु सरकार से “कलैमनी  पुरस्कार” जीता ।
  • मद्रास विश्वविद्यालय ने उन्हें 19 दिसम्बर 1991 को साहित्य के डॉक्टर की डिग्री प्रदान की से सम्मानित किया है।
  •  वह यूक्रेन की अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार रक्षा समिति द्वारा गोल्डन स्टार ऑफ़ ऑनर&डिग्निटी अवार्ड से सम्मानित की गयी हैं।
  • वह पॉल हैरिस फैलो रिकग्निशन&रोटरी इंटरनेशनल द्वारा लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित की गयी हैं।

किताबें और वृत्तचित्र

जयललिता की जीवनी स्टर्लिंग पब्लिशर्स द्वारा   “दक्षिण की बेटी ” नाम से 1996 में प्रकशित किया गया था।

वर्तमान खबर

जयललिता ने 25 मार्च, 2014 को तमिलनाडु की जनता से अपनी पार्टी को वोट करने के लिए आग्रह किया। उन्होंने केन्द्र सरकार से मुल्लापेरियार बांध से जुड़े मुद्दे को सुलझाने के लिए कहा। 16 वें लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने 39 संसदीय सीट में से 37 स्थान प्राप्त किया था।

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