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जलवायु कार्रवाई पर लीमा आह्वान

लीमा, पेरू में 1 दिसबंर 2014 से 14 दिसबंर 2014 तक आयोजित पक्षकार सम्मेलन (सीओपी) के 20वें सत्र और क्योटो प्रोटोकॉल (सीएमपी) के दलों के रूप में सेवारत दलों के 10वें सत्र के समापन अवसर पर लीमा समझौता जारी किया गया था। लीमा जलवायु सम्मेलन में भाग लेने वाले सदस्य देशों में पहली बार इस बात पर सहमति बनी कि प्रत्येक बड़े और छोटे, विकसित तथा विकासशील राष्ट्रों को वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कटौती करने के उद्देश्य के लिए दृढ़ संकल्प लेना होगा।
Dec 9, 2015 11:51 IST
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जलवायु कार्रवाई पर लीमा आह्वान 14 दिसंबर को जारी किया गया जिसमें विश्व के सामने नये वैश्विक जलवायु समझौते रखे गये।  लीमा, पेरू में 1 दिसबंर 2014 से 14 दिसबंर 2014 तक आयोजित पक्षकार सम्मेलन (सीओपी) के 20वें सत्र और क्योटो प्रोटोकॉल (सीएमपी) के दलों के रूप में सेवारत दलों के 10वें सत्र के समापन अवसर पर लीमा समझौता जारी किया गया था।

लीमा जलवायु सम्मेलन में भाग लेने वाले सदस्य देशों में पहली बार इस बात पर सहमति बनी कि प्रत्येक बड़े और छोटे, विकसित और विकासशील राष्ट्रों को वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कटौती करने के उद्देश्य के लिए दृढ़ संकल्प लेना होगा।

20वीं सीओपी की अध्यक्षता पेरू के पर्यावरण मंत्री मैनुअल पुल्गर-विडाल ने की थी। लीमा जलवायु सम्मेलन में 190 से अधिक राष्ट्रों सम्मेलन ने भाग लिया। भारत की ओर से केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने देश का प्रतिनिधित्व किया था।

जलवायु कार्रवाई पर लीमा आह्वान के मुख्य बिंदु

इच्छित राष्ट्रीय संकल्पित योगदान (आईएनडीसी): यह प्रावधान 2020 के बाद जब कोई नया समझौता अमल में आयेगा उसके लिए एक नयी उर्जा का काम करेगा ।

हरित जलवायु निधि की स्थापना का संकल्प: इसके लिए नॉर्वे, ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, पेरू कोलम्बिया एवं ऑस्ट्रिया की सरकारों ने 10.2 बिलियन अमरीकी डॉलर राशि की हरित जलवायु निधि को स्थापित करने का संकल्प लिया है।

विकासशील देशों की महत्वाकांक्षाओं को और अधिक बढ़ावा देने के लिए जर्मनी ने अनुकूलन कोष में 55 लाख यूरो देने की घोषणा की। चीन ने भी दक्षिण-दक्षिण सहयोग के लिए 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर देने की घोषणा की है और उसने 2015 तक इसे दोगुना करने का उल्लेख किया।

नाज़्का जलवायु आह्वन पोर्टल: यूएनएफसीसीसी से समर्थन के साथ पेरू की सरकार द्वारा लीमा जलवायु आह्वान एजेंडे के एक हिस्से के रूप में इस पोर्टल की शुरूआत की गयी। पोर्टल को गैर राज्य कार्रवाई की संपदा का उपयोग करके पेरिस के माध्यम से प्रक्रिया में अतिरिक्त गति देने के लिए बनाया गया है।

आरईडीडी + के लिए वन और लीमा सूचना केंद्र: देशों द्वारा आरईडीडी + गतिविधियों (वनों की कटाई और वन गिरावट से उत्सर्जन को कम करना) को अंजाम दी गयी कार्रवाई के मुख्य बिंदुओं को यूएएफसीसीसीस वेबसाइट पर एक सूचना केंद्र प्रदान करने के लिए सीओपी अध्यक्ष द्वारा एक पोर्टल की घोषणा की गई।

शिक्षा और जागरूकता बढाने पर लीमा मंत्रिस्तरीय घोषणा: इसका मकसद शिक्षा रणनीतियों को विकसित करना है जिसमें जलवायु परिवर्तन का मुद्दा भी शामिल है। हांलाकि राष्ट्रीय विकास तथा जलवायु परिवर्तन की रणनीति के कार्यान्वयन तथा डिजाईन को लेकर जलवायु परिवर्तन पर जागरूकता बढ़ रही है।

लीमा -पेरिस कार्य एजेंडा: सन 2015 के समझौतों का समर्थन करने तथा 2020 से पहले जलवायु परिवर्तन को और महत्व देने के लिए पेरू और फ्रांस की सरकारों ने एक साथ कार्रवाई करने की शुरूआत की। बहुपक्षीय आकलन: एक नई प्रक्रिया की शुरूआत में ही देखा गया कि कई अद्यौगिक देश अपने उत्सर्जन लक्ष्यों के बारे में पूछताछ करने के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं। इससे पारदर्शिता और विश्वास बहाली के स्तर में वृद्धि होगी। इस प्रक्रिया का शुभारंभ यूएनएफसीसीसी के तहत मापन के कार्यान्वयन, उत्सर्जन में कटौती की रिपोर्टिंग और सत्यापन में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ होगा।

लैंगिक पर लीमा कार्य कार्यक्रम: कार्यकम का उद्देश्य विकसित और जलवायु नीति के कार्यान्वयन में अग्रिम लिंग संतुलन और लैंगिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देना है।

यूएनएफसीसीसी का प्रौद्योगिकी तंत्र: हरित जलवायु कोष और यूएनएफसीसीसी वित्त तंत्र की एक कड़ी के विवेचन के माध्यम से इसमें आगे और मजबूती आयेगी।

क्योटो प्रोटोकॉल दोहा संशोधन: 21 दलों को साथ लाने के साथ नाउरू और तुवालु ने दोहा संशोधन के लिए अपनी स्वीकृति प्रदान की। इसे लागू के लिए 144 देशों द्वारा इसे स्वीकार करने की जरूरत है।

लीमा अनुकूलन ज्ञान की पहल: नैरोबी कार्य कार्यक्रम के तहत एंडीज में यह एक पायलट परियोजना है जिसमें यह रेखांकित किया गया है कि समुदायों के अनुकूली जरूरतों को सफलतापूर्वक स्थापित किया जा सकता है।

राष्ट्रीय अनुकूलन की योजना (NAPs): अब यह यूएनएफसीसीसी वेबसाइट के माध्यम से और अधिक दिखाई देगी जिसमें समर्थन प्राप्त करने के और अधिक अवसर होगें।  20 वीं सीओपी के अध्यक्ष एवं पेरू के पर्यावरण मंत्री मैनुएल पुलगर-विदाल ने राष्ट्रीय अनुकूलन योजना का शुभारंभ किया। इस योजना में पेरू, यूएसए, फिलीपींस, टोगो, ब्रिटेन, जमैका एवं जापान को शामिल  किया गया है।

निष्कर्ष

लीमा समझौता दिसंबर 2015 में पेरिस में होने वाले 21वें कांफ्रेंस ऑफ़ द पार्टीज ( COP) सम्मेलन की पृष्ठभूमि तैयार करेगा जहाँ वैश्वक नेता एक अंतरराष्ट्रीय जलवायु समझौते पर को अंतिम रूप देकर हस्ताक्षर कर सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र ने इस प्रकार के समझौते के लिए 2015 को लक्षित कर रखा है जो 2020 तक प्रभावी हो जाएगा।