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जवाहरलाल नेहरू की जन्म वर्षगांठ- बाल दिवस

09-OCT-2014 17:22

    बाल दिवस, 14 नवम्बर को बड़ी खुशी के साथ मनाया जाता है. बच्चे अपने माता पिता के लिए ईश्वर के सबसे बड़े उपहार के रूप में हैं. वे निर्दोष और सराहनीय होते हैं साथ ही उनके मन में सच्चाई होती है और इसीलिए वे प्रत्येक व्यक्ति के द्वारा प्यार किये जाते हैं. इस दिवस को मनाने के पीछे सबसे बड़ी प्रेरणा भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु का बच्चों के प्रति प्रेम और लगाव था और यही कारण था कि इस तिथि को भारत सरकार द्वारा बाल दिवस के रूप में घोषणा की गयी. बच्चों के बीच प्रधान मंत्री जवाहर लाल नेहरु चाचा नेहरु के नाम से जाने जाते थे.

    पंडित जवाहर लाल नेहरू उर्फ "चाचा नेहरू"

    पंडित जवाहर लाल नेहरू का जन्म 14नवंबर 1889 को हुआ था. वे भारत के प्रथम प्रधानमंत्री थे जिन्होंने सबसे लम्बे काल तक प्रधानमंत्री के रूप में भारत का नेतृत्व किया था. वे शांति और समृद्धता के सबसे बड़े समर्थक थे. उनका जन्म दिवस भारत में एक त्यौहार की तरह मनाया जाता है. पंडित जवाहर लाल नेहरू को सिर्फ उनके राजनीतिक कैरियर के लिए ही नहीं बल्कि बच्चों के बीच प्रसिद्धि के लिए भी जाना जाता है. वे बच्चो से उतना ही प्यार करते थे जितना की लाल रंग के गुलाब से.

    चिल्ड्रेन डे या बाल दिवस क्यों मनाया जाता है?

    चिल्ड्रेन डे को बाल दिवस के रूप में भी जाना जाता है. इस दिवस को मनाने के पीछे मूल उद्देश्य है बच्चो के अधिकार, उनकी शिक्षा और उनके देखभाल के सन्दर्भ में उनकी रक्षा करना. बच्चे किसी भी देश के विकास की रीढ़ होते हैं. यदि किसी देश के विकास को रफ़्तार देनी है तो बच्चो के अधिकार को ध्यान में रखना ही पड़ेगा. पंडित नेहरू नें बच्चो की शिक्षा और उनके समृद्धि के लिए अनेक प्रयास किया था. उन्होंने जितना प्रयास युवाओं के विकास के लिए किया उतना ही बच्चों के लिए भी. उन्होंने अनेक शैक्षिक संस्थानों की भी स्थापना की जैसे-भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और भारतीय प्रबंधन संस्थान. इसके अलावा उन्होंने प्राइमरी शिक्षा को भी निःशुल्क रूप से जारी किया. साथ ही स्कुलो में बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए और उनको कुपोषण से बचाने के लिए निःशुल्क दूध वितरण की भी व्यवस्था की. बच्चों के प्रति उनके अगाध प्रेम को देखते हुए ही उनके जन्मदिवस को बाल दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की गयी थी. वे हमेशा कहा करते थे कि बच्चे  ही किसी देश की मजबूती हैं और देश के विकास को बढ़ावा दे सकते हैं, साथ ही देश का भविष्य उन्ही के हाथों में सुरक्षित रह सकता है. वे ही एक सुरक्षित समाज का निर्माण कर सकते हैं.

    बाल दिवस समारोह

    इस दिवस को पूरे भारत में ढेर सारे सांस्कृतिक और आनंददायक गतिविधियों एवं कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. समस्त भारत में सरकारी और गैर सरकारी संगठनों, स्कूलों, निजी निकायों और अन्य संगठनो के द्वारा इस दिवस को मनाया जाता है. इस दिवस को इन संस्थाओ के द्वारा अनेक प्रतियोगी कार्यक्रमों को संपादित करवाया जाता है ताकि बच्चे अपने अधिकारों के बारे में जान सकें और अपने जीवन को खुशहाल बना सकें. इस तिथि को टीवी चैनलों द्वारा भी अनेक कार्यक्रमों को समपादित किया जाता है. इस तिथि को बच्चों के माता-पिता अपने बच्चों के साथ होने वाले समाहरोह में भाग लेते है, ताकि उनके बच्चे खुश रह सके और समारोह का आनंद उठा सकें. इस तिथि को बच्चों के माता-पिता अपने बच्चों को ढेर सारे उपहार और कार्ड प्रदान करते हैं. इस तिथि को वे न केवल किसी भी पार्टी में जाने से बचते हैं बल्कि अपने प्रत्येक कार्यक्रमों को स्थगित कर देते हैं.

    अनाथ और गरीब बच्चों के साथ समारोह

    कई गैर सरकारी संगठनों के द्वारा गरीब और सुविधाओं से वंचित बच्चों के लिए अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. इस दिवस को बच्चों को ढेर सारे गिफ्ट और चॉकलेट वितरित किये जाते हैं.  इस दिवस को अनेक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है जिसमें बच्चे विविध किस्मों की पोशाकें और फैंसी ड्रेस पहनकर प्रतियोगिता में भाग लेते हैं. साथ ही इस दिवस को अनेक  वाद-विवाद से जुडी प्रतियोगिता का आयोजन और  स्वतंत्रता सेनानियों, देश की सेवा करने वाले लोगों से जुडी  कहानियां सुनाई जाती हैं. इन कार्यक्रमों में गायन, नृत्य और अन्य संगीत कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है जिसमें अनेक संगीत से जुड़े उपकरणों के साथ मनोरंजक जैसे सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों इसका हिस्सा हैं. बच्चों के कपड़े, खिलौने, संगीत वाद्ययंत्र, आदि स्टेशनरी, किताबें, महान मनोरंजन के हैं आदि पहेली, खजाने की खोज, सहित कुछ खेल गतिविधियों के आयोजन के वितरण से मनोरंजन किया जा सकता है. शोषित बच्चों को स्वास्थ्य, देखभाल और प्रगति  का भी इश्तेमाल किया जाता है. इस तिथि को बच्चों के अनेक उपहार जैसे खिलौने आदि प्रदान किये जाते हैं. साथ ही बच्चों को अनेक मशहूर एवं प्रसिद्ध संगीतकारों के संगीत गायन को सुनाने का अवसर मिलता है. इसके अलावा बच्चे स्वास्थ्य से जुड़े भाषण और स्वयं को देखभाल करने की प्रक्रिया का ज्ञान प्राप्त करते हुए आनंद उठाते हैं.

    समारोह का उद्देश्य

    किसी भी देश का भविष्य उनके वर्तमान बच्चों के ऊपर निर्भर करता है. यदि उनका विकास उचित तरीके से नहीं होगा तो उनका विकास संभव नहीं होगा और वे देश के भविष्य में अपना योगदान देने में सहयोग नहीं कर सकते हैं. पूरे समाज को बच्चों के अधिकारों और उनके बिचारो पर ध्यान देना चाहिए. साथ  ही समाज में उपस्थित लोग इन बच्चों के लिए गुजरे हुए समय में क्या किये हैं और भविष्य में और क्या कर सकते हैं इस बारे में भी विचार करना चाहिए. इस तरह से हम एक विकासित राष्ट्र का सपना देख सकते हैं क्योंकि बच्चे ही किसी देश के भविष्य की दिशा का निर्धारण कर सकते हैं और देश को विकसित करने में अपने भूमिका का निर्वहन कर सकते हैं.

     

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