पर्यावरण के अर्थ

पर्यावरण शब्द एक फ्रेंच शब्द Environia से लिया गया है जिसका अर्थ है आस पास | यह अजैविक (शारीरिक या निर्जीव) और जैविक (जीव ) पर्यावरण दोनों को दर्शाता है। पर्यावरण शब्द का अर्थ है परिवेश जिसमें जीव रहते हैं | पर्यावरण और जीव प्रकृति के दो संगठित और जटिल घटक हैं। पर्यावरण, जीवों के साथ साथ मनुष्य के जीवन को नियंत्रित करता है। मनुष्य अन्य प्राणियों की तुलना में पर्यावरण के साथ अधिक संपर्क में आता है । आमतौर पर पर्यावरण भौतिक और बल को दर्शाता है जो कि जैविक घटकों को घेरे रखता है |
Created On: Dec 11, 2015 13:06 IST
Modified On: Dec 11, 2015 14:24 IST

पर्यावरण को वातावरण या स्थिति के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जिसमें एक व्यक्ति, जीव, या पौधे रहते हैं या कार्य करते हैं | "पर्यावरण" शब्द भौतिक और जैविक दुनिया के सभी तत्वों, साथ ही इन सबके बीच के सम्बन्धों को दर्शाता है। यह मनुष्य के जीवन चक्र में पूर्व प्रख्यात भूमिका निभाता है क्योंकि मानव जीवन पर्यावरण पर अत्यधिक निर्भर है| पर्यावरण के पास पर्यावरण उत्पादक मूल्य, सौंदर्यबोध / मनोरंजन मूल्य है;जिसे बाद में  "पर्यावरण हमारे लिए क्या करता है" के अनुच्छेद के तहत समझाया गया है।

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पर्यावरण उन स्थितियों का महायोग है जो हमें निश्चित समय और स्थान के आसपास घेरे हुए है | यह भौतिक, जैविक और सांस्कृतिक तत्वों की संपर्क प्रणाली से बना हुआ है जो कि आपस में व्यक्तिगत और सामूहिक रूप दोनों प्रकार से आपस में जुड़े हैं। पर्यावरण स्थितियों का कुल योग है जिसमे एक जीव को  जीवित रहना पड़ता है या जीवन प्रक्रिया को बनाए रखना होता है|  यह जीवित जीव की वृद्धि और विकास को प्रभावित करता है।

अन्य शब्दों में पर्यावरण उस परिवेश को दर्शाता है जो कि सजीवों को सभी तरफ से घेरे रहता है व उनके जीवन को प्रभावित करता है | यह वायुमंडल, जलमंडल, स्थलमंडल और जीवमंडल से बना होता है। इसके प्रमुख घटक मिट्टी, पानी, हवा, जीव और सौर ऊर्जा हैं। पर्यावरण ने एक आरामदायक जीवन जीने के लिए हमें सभी संसाधन प्रदान किए हैं ।

इस प्रकार, पर्यावरण का संदर्भ किसी भी चीज़ से है जोकि वस्तु के एकदम आस-पास है और उस पर सीधा प्रभाव डालती है |हमारा पर्यावरण उन चीजों या साधनों को दिखाता है जो हमसे भिन्न हैं और हमारे दैनिक जीवन या गतिविधि को प्रभावित करते हैं |

पर्यावरण के घटक:

पर्यावरण मुख्य रूप से वायुमंडल, जलमंडल, स्थलमंडल और जीवमंडल से बना होता है। लेकिन इन्हें साधारणतया दो प्रकार से विभजित किया जा सकता है जैसे की - सूक्ष्म पर्यावरण,  मैक्रो वातावरण | इसे दो अन्य प्रकार में विभाजित किया जा सकता है, शारीरिक और जैविक वातावरण के रूप में, जो नीचे चर्चा की गई है|

सूक्ष्म पर्यावरण का अर्थ है जीव का निकटतम स्थानीय वातावरण |

मैक्रो पर्यावरण का अर्थ है चारों ओर की सभी भौतिक और जैविक परिस्थितियों जो जीवों के आसपास बाह्य रूप से होते हैं |

भौतिक वातावरण सभी अजैविक कारकों या स्थितियों को दर्शाता है जैसे तापमान, प्रकाश, वर्षा, मिट्टी, खनिज आदि| यह वायुमंडल, स्थलमंडल और जलमंडल से बना होता है |

जैविक पर्यावरण में सभी जैविक कारक या जीवित रूपों से बना होता है जैसे पौधे, जीव, सूक्ष्म जीव

पर्यावरण हमारे लिए क्या करता है?

प्रकृति के उत्पादक मूल्य: कच्चा माल जो की प्रयोग किया जाता है

I. नई दवाओं के विकास के लिए

II. औद्योगिक उत्पादों और

III. पर्यावरण हमारे लिए कच्चे पदार्थों का एक भंडार हैं जिनसे भविष्य में हजारों नए उत्पादों विकसित किए जा सकें|

सौन्दर्य और मनोरंजन का साधन: पर्यावरण हमारी सौंदर्य और मनोरंजन  जैसी जरूरतों का भी पूरा ख्याल रखता है इसके कई उदहारण हमारे दैनिक जीवन में मिलते रहते हैं |
 
प्रकृति की विकल्प मान्यता : यदि  हम हमारे सभी संसाधनों का उपयोग कर लेते हैं सभी जीवों को मर देते हैं या वे पृथ्वी से विलुप्त हो जाते हैं, हवा प्रदूषित हो जाती है, भूमि बंजर हो जाती हैं, तथा पृथ्वी के हर कोने पर कूड़ा कचरा इकठ्ठा कर लेते हैं तो इतना तो तय है कि हम आगे आने वाली पीढ़ियों के लिए कुछ भी रहने लायक नहीं छोड़ रहे हैं|

हमारी वर्तमान पीढ़ी ने अपनी अर्थव्यवस्थाओं और जीवनशैली को जीवन की अव्यावहारिक पद्धति पर विकसित कर लिया है। हालांकि, प्रकृति ने हमें कई विकल्प प्रदान किए हैं कि किस तरह हम इन वस्तुओं व सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं। अब यदि जल्दी ही हम लोगों ने अपनी जरूरतों को काबू में नहीं किया तो आने वाले समय में इसके भयानक परिणाम सबको भुगतने होंगे|