Search

प्रदूषण का वर्गीकरण

प्रदूषण की प्रकृति और सघनता मानव स्वास्थ्य पर इसके हानिकारक प्रभाव की गंभीरता को निर्धारित करता है | वे अशुद्धियाँ  जिनकी उत्पत्ति सीधे स्त्रोतों से होती है, उन्हे प्राथमिक प्रदूषण कहा जाता है , उदाहरण के लिए CO 2, SO 2, NO | जब कोई संदूषित पदार्थ जैसे HC, NO, O 2वातावरण(नमी, धूप)के साथ मिल कर नया उत्पाद बनाता है जैसे PAN( पेरोक्सीसाइटल नाइट्रेट ), पेट्रोकेमिकल धुंध, फॉर्मल डिहाइड उन्हें  माध्यमिक प्रदूषण कहते हैं |
Oct 15, 2015 12:43 IST
facebook Iconfacebook Iconfacebook Icon

वे अशुद्ध पदार्थ या पर्याप्त मात्रा में पाये जाने वाले वे हानिकारक पदार्थ जो कुछ समय के लिए वातावरण के संपर्क में रहने से मनुष्य, पशु, वनस्पति जीवन या भौतिक संसाधनों पर हानिकारक प्रभाव डालें व उसके कारण जीवन की गुणवत्ता में कमी आए उसे प्रदूषण कहते हैं |  

एक पारिस्थितिकी के नजरिए से, प्रदूषण को सड़नीय जैव , धीरे-धीरे नष्ट होने वाला कचरा  और असड़नीय जैव के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है। सड़नीय जैव प्रदूषण  प्राकृतिक प्रक्रिया के कारण जल्दी गल सकता है  उदाहरण के लिए  घरेलू मल, फेंकी  हुई सब्जियाँ | धीरे धीरे गलने वाले प्रदूषक जो वातावरण में कई वर्षों तक रहता  है तथा गलने के लिए काफी समय लेते हैं  |

प्रदूषण : वे पदार्थ जिनमे हानिकारक तत्व मौजूद होते हैं और प्रदूषक के घटक का कार्य करते हैं उसे प्रदूषण  कहते हैं |

प्रदूषण का वर्गीकरण:

प्रकृति में अस्तित्व के आधार पर

  • मात्रात्मक प्रदूषक  कुछ पदार्थ पहले से ही वातावरण में मौजूद हैं, परंतु जब उनकी मात्रा  वातावरण में बढ़ जाती है तब उन्हे प्रदूषक कहा जाता है जैसे कार्बन डाइऑक्साइड वातावरण में अधिक मात्रा में मौजूद है  अतः उसे मात्रात्म्क प्रदूषक कहा गया है
  • गुणात्मक प्रदूषक जो पदार्थ  वातावरण में सामान्य रूप से मौजूद नहीं हैं और जिसे मनुष्य द्वारा वातावरण में फैलाया जाता है तथा स्वाभाविक रूप से प्रदूषित हो  उदाहरण के लिए कीटनाशक इत्यादि |

अपनी अवस्था में  कायम रहने के आधार पर

  • प्राथमिक प्रदूषण वे पदार्थ जो सीधे स्रोत से उत्सर्जित होते हैं और अपने वास्तविक रूप में रहते हैं उसे प्राथमिक प्रदूषण कहते हैं जैसे धूम्रपान, धुआँ, राख, धूल, नाइट्रिक ऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड
  •  माध्यमिक प्रदूषण – वे पदार्थ जो  प्राथमिक प्रदूषण और घटक पर्यावरण (पहले से ही वातावरण में मौजूद हैं, जो उन यानी)के बीच रासायनिक प्रतिक्रिया से बनते हैं  जैसे  धुंध, ओजोन, सल्फरट्राइऑक्साइड , नाइट्रोजन डाइऑक्साइड |

निपटान (विघटन) के आधार पर

  • सड़नीय  जैव प्रदूषक – वह प्रदूषण जो प्राकृतिक प्रक्रियाओं द्वारा विघटित होता है, उदहारण  घरेलू (नगरपालिका) मल  |
  • असड़नीय जैव प्रदूषक – वह प्रदूषण जो स्वाभाविक रूप से विघटित नहीं होता या धीरे-धीरे गलता है, उदाहरण के लिए डीडीटी, अल्युमिनियम के डिब्बे।

विभिन्न प्रकार के प्रदूषण फैलाने  वाले  उद्योगों की सूची:

उद्योगों  के प्रकार प्रदूषण के प्रकार
रसायनों,  कीटनाशकों,  दवाओं के उत्पादक जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण
गैसों का निर्माण वायु प्रदूषण
सीमेंट, स्टील और अन्य खदान आधारित उद्योग वायु प्रदूषण और ठोस अपशिष्ट, ध्वनि प्रदूषण
टेक्सटाइल उद्योग व उनके सहायक उद्योग जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण
परिवहन वाहन विनिर्माण पेट्रोलियम आधारित उद्योग ठोस अपशिष्ट, ध्वनि प्रदूषण, वायु प्रदूषण
वनों पर आश्रित उद्योग जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण
खाद्य उद्योग वायु प्रदूषण, ठोस अपशिष्ट और ध्वनि प्रदूषण
कागज उद्योग जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण, खाद्य प्रदूषण
चीनी उद्योग जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण, ठोस अपशिष्ट, ध्वनि प्रदूषण
ईंट उद्योग जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण, ठोस कचरे
विमान उद्योग वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण
बिजली के उपकरण व बिजली के सामान ठोस अपशिष्ट, जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण
बनाने वाले उद्योग ठोस अपशिष्ट, वायु प्रदूषण
सूचना प्रोद्यौगिकी आधारित उद्योग वायु प्रदूषण
दूरसंचार उद्योग ठोस अपशिष्ट और वायु प्रदूषण

ज़्यादातर  कीटनाशक गैर चयनात्मक हैं;  अन्य कीटनाशकों की तुलना  में इनका  मुख्य उद्देश्य जीवित वस्तुओं को मारने या नष्ट करने से है उदाहरण कीटनाशक का इस्तेमाल अवांछनीय वनस्पति और कीड़ों प्रायः पक्षी और छोटे जानवरों को खत्म करने के लिए किया जाता है । जल प्रदूषण का जैविक प्रभाव हमारे पानी की आपूर्ति के लिए खतरा है । जल प्रदूषण सभी प्रकार के समुद्री जीवन के लिए भी खतरनाक है।