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भारत की उपलब्धियों के बारे में रोचक तथ्य

प्राचीन समय में भारत को विश्व में आध्यात्मिक गुरू के रूप में जाना जाता था लेकिन अब भारत व्यापार के क्षेत्र में भी नई ऊँचाइयों को छू रहा है| भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार (जीडीपी नाममात्र के संदर्भ में) 3444 बिलियन डॉलर है। अतः वर्तमान में भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की 6ठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है| आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि “नासा” में 36% वैज्ञानिक भारतीय हैं|
Nov 2, 2016 19:13 IST
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साल 1947 में जब अंग्रेज भारत से वापस जा रहे थे तो उन्होंने भारत को एक भीषण गृहयुद्ध में झोंक दिया था| उस समय किसने यह सोचा था कि अंग्रेजों के जाने के कुछ ही समय बाद एक भारतीय कंपनी जगुआर, लैंड रोवर और मशहूर चाय ब्रांड “टेटली” का स्वामित्व अपने हाथों में ले लेगी| इसी प्रकार किसने सोचा होगा कि भारतीय कंपनी “टाटा”, स्टील कंपनी “कोरस” को खरीदकर अंग्रेजों को उन्हीं के देश में नौकरी प्रदान करेगी|

प्राचीन समय से ही भारत को आध्यात्मिक गुरू के रूप में देखा जाता रहा है और भारत ने उस विरासत को जारी रखते हुए पूरी दुनिया के लिए 21 जून को "अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस" के रूप में मान्यता दिलवाई है| लेकिन अब भारत न केवल आध्यात्मिकता के क्षेत्र में विश्वगुरू है बल्कि वह व्यापार के क्षेत्र में भी नई ऊँचाइयों को छू रहा है| फोर्ब्स पत्रिका की दुनिया के 100 सबसे अमीर व्यक्तियों की वर्ष 2016 की सूची में कुछ भारतीय भी शामिल हैं जिनमें मुकेश अंबानी का स्थान 36 वां, दिलीप सांघवी का स्थान 44वां, अजीम प्रेमजी का स्थान 55वां तथा शिव नादर का स्थान 88 वां है|

भारत की 7 कंपनियों को 2016 की फार्च्यून 500 सूची में शामिल किया गया है, जिनमें इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन का स्थान 161 वां, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का स्थान 215 वां, टाटा मोटर्स का स्थान 226 वां, एसबीआई का स्थान 232 वां,  भारत पेट्रोलियम का स्थान 358 वां, हिंदुस्तान पेट्रोलियम का स्थान 367 वां एवं इस सूची में पहली बार शामिल किये गए राजेश ज्वेलर्स का स्थान 423 वां है|

आइये अब हम एक भारतीय के रूप में गौरवान्वित महसूस करने के प्रमुख कारणों के बारे में बात करते हैं:-

भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार: अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के आउटलुक द्वारा 2015  के जारी आंकड़ों के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार (जीडीपी नाममात्र के संदर्भ में) 3444 बिलियन डॉलर है। अतः वर्तमान में भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की 6ठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और यह इस मामले में फ्रांस, इटली, ब्राजील और कनाडा जैसी प्रमुख विश्व शक्तियों से भी आगे है|

भारत जो सालों से अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से ऋण लेने वाले देशों की सूची में अग्रणी था वह अब इस बहुपक्षीय संस्था के लिए एक ऋणदाता बन गया है| भारत ने जून 2003 में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में 291.70 लाख डॉलर का योगदान दिया है।

1991 में जहाँ एक समय भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) सिर्फ 2 अरब डॉलर था वहीं 19 अगस्त 2016 को समाप्त सप्ताह में भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) 368 अरब डॉलर हो गया है|

सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र: भारत सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) उद्योग के क्षेत्र में विश्व का सबसे बड़ा बाजार है| एक आंकड़े के अनुसार विश्व की कुल सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) उद्योग का मूल्य 130 अरब अमेरिकी डॉलर है और यह प्रति वर्ष 8.3% की दर से बढ़ रहा है, जिसमें भारत की हिस्सेदारी 67% है| इस उद्योग में लगभग 10 लाख लोग कार्यरत हैं| यह क्षेत्र भारतीय सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 10% का योगदान दे रहा है।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी: भारत दुनिया में प्रौद्योगिकी लेनदेन के मामले में सबसे आकर्षक निवेश स्थान के रूप में उभर रहा है। इसरो ने भारत के लिए अंतरिक्ष नेविगेशन उपग्रह प्रणाली विकसित की है। इसका मतलब यह है कि भारत के पास खुद का जीपीएस संस्करण है। भारत ने सिंगापुर, ब्रिटेन एवं अन्य कई देशों को उपग्रह प्रक्षेपण में मदद की है| इसके अलावा भारत ने बिना किसी दूसरे देश की सहायता से चन्द्र मिशन और मंगल मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया है|

मुम्बई को भारत की आर्थिक राजधानी क्यों कहा जाता है ?

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Image source:Science Tri-Town School Union

दवा क्षेत्र: भारतीय दवा बाजार का मूल्य 2005 में जहाँ 6 अरब अमेरिकी डॉलर था वहीं 2015 तक इसमें 17.46 फीसदी की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है और ऐसा अनुमान है कि 2020 तक भारतीय दवा बाजार का मूल्य 15.92% की वार्षिक वृद्धि दर से 55 अरब अमेरिकी डॉलर हो जाएगा|  दवा बाजार विस्तार के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है और भारत दुनिया में जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा प्रदाता है|

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Image source:Packaging Innovation Solutions

रत्न एवं आभूषण उद्योग: इस उद्योग ने 2015-16 में निर्यात से 38.6 अरब डॉलर का राजस्व अर्जित किया है| यह पेट्रोरसायन के बाद दूसरी सबसे बड़ी निर्यातक वस्तु बन गया है। भारत, दुनिया में रत्न एवं आभूषण के सबसे बड़े निर्यातकों में से एक है| यह कीमती पत्थरों का सबसे बड़ा गढ़ है| आप में से कितने लोगों को यह पता है कि अकेले भारत में दुनिया के 95% हीरों को काटने, तराशने और पॉलिश करने का काम होता है और इसमें से अधिकांश कार्य मुख्य रूप से केवल एक शहर सूरत (गुजरात) में होता है|

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Image source:The Economic Times

स्वास्थ्य क्षेत्र : भारत, आधुनिक चिकित्सा और प्राकृतिक चिकित्सा (जिसमें आयुर्वेद और अन्य प्राकृतिक उपचार भी शामिल है) दोनों प्रकारों में चिकित्सा पर्यटन केंद्र के रूप में बहुत तेजी से उभर रहा है| भारत में उच्च कुशलता प्राप्त डॉक्टर हैं साथ ही यहाँ पर उपचार की लागत भी कम है|भारत में सर्जरी की लागत संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोप की लागत का केवल 1/10 वां भाग है| भारत प्राकृतिक चिकित्सा, हृदय प्रत्यारोपण और कॉस्मेटिक सर्जरी का सबसे सस्ता गंतव्य है।

रियल एस्टेट: भारतीय रियल एस्टेट बाजार के 2020 तक 180 अरब डॉलर होने की उम्मीद है| यह क्षेत्र भारत के सकल घरेलू उत्पाद में 5 से 6% का योगदान करता है| सन 2016 से 2020 तक इस क्षेत्र की विकास दर 11.2%/ वर्ष बने रहने की उम्मीद है| अकेले दिल्ली/एनसीआर क्षेत्र में ही 5 मिलियन घरों का निर्माण हो रहा है| भारत सरकार द्वारा शुरू किये 100 स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से इस सेक्टर को बहुत बल मिलेगा|

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Image source:Mitula

बुनियादी ढांचा क्षेत्र: ऐसा अनुमान लगाया गया है कि पूरा देश में ढांचागत विकास के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था को 100 मिलियन डॉलर की जरूरत है। वर्तमान में दिल्ली / एनसीआर क्षेत्र में 250 किमी. मेट्रो लाईन बिछी हुई है| निकट भविष्य में भारत की राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र पूरी दुनिया में सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क बन जाएगी| भारत के लगभग सभी प्रमुख शहरों में मेट्रो नेटवर्क के विकास के लिए कार्य चल रहे हैं। इसके अलावा बुलेट ट्रेनों का विकास देश में रेलवे नेटवर्क को और गति प्रदान करेगा|

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Image source:www.minerals.pir.sa.gov.au

ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री: भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री ने यात्री वाहनों, वाणिज्यिक वाहनों, तीन पहिया वाहनों, दो पहिया वाहनों सहित कुल 23,960,940 वाहनों का उत्पादन अप्रैल-मार्च 2016 में किया था| भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में लगभग सभी नामी ब्रांडों (मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू, लेम्बोर्गिनी, रोल्स रॉयस, फेरारी आदि) की कारें मिलती हैं| साथ ही भारतीय ब्रांड भी इस दौड़ में पीछे नही है, यहाँ पर लैंड रोवर से लेकर टाटा नैनो तक की कारें बनती हैं| भारत के चुनिन्दा ब्रांडों में हीरो, टीवीएस, महिंद्रा, रॉयल एनफील्ड और अशोक लीलैंड आदि आते हैं| हीरो कंपनी पूरी दुनिया में दो पहिया वाहन का सबसे बड़ा निर्माता है|

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Image source:www.autocarpro.in

कृषि क्षेत्र: आज भारत कृषि उत्पादन के मामले में दुनिया भर में दूसरे नंबर पर आता है|  कृषि और संबद्ध क्षेत्र जैसे वानिकी और मत्स्य पालन सकल घरेलू उत्पाद में 13.7 % का योगदान करते हैं और 50% लोगों को रोजगार उपलब्ध कराते हैं| भारत दुनिया में मसालों का सबसे बड़ा उपभोक्ता और निर्यातक है| साथ ही भारत स्वादिष्ट बासमती चावल और मीठे आमों का प्रमुख उत्पादक है।

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सीमेंट उद्योग: लगभग 390 मिलियन टन (एमटी) की उत्पादन क्षमता के साथ भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सीमेंट उत्पादक देश है जो दुनिया के कुल सीमेंट उत्पादन में 6.7 % का योगदान करता है| इस पूरी उत्पादन क्षमता का 98% निजी क्षेत्र से तथा शेष सार्वजनिक क्षेत्र से आता है| 2020 तक भारत की सीमेंट उत्पादन क्षमता 550 मीट्रिक टन को छूने का अनुमान है| भारत की शीर्ष 20 कम्पनियाँ कुल उत्पादन का लगभग 70 % उत्पादन करती हैं|

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Image source:www.minews.ir

भारत का कपड़ा उद्योग: भारतीय कपड़ा उद्योग भारत के कुल निर्यात में लगभग 11% का योगदान देता है| वर्ष 2015-16 के दौरान भारत का कुल कपड़ा निर्यात 40 अरब अमेरिकी डॉलर का था। वर्तमान में भारतीय कपड़ा उद्योग का आकार 108 अरब अमेरिकी डॉलर है जो कि 2021 तक 223 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है| यह उद्योग, कृषि के बाद दूसरा सबसे बड़ा नियोक्ता है जिसमें 45 लाख लोगों को सीधे और 60 लाख लोगों को परोक्ष रूप से रोजगार मिला हुआ है| भारतीय कपड़ा उद्योग, भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग 5 प्रतिशत का योगदान देता है।

भारत का वोट डालने वाला प्रथम व्यक्ति

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विश्व में भारतीय प्रतिभा का डंका : जैसा कि हम जानते हैं कि दुनिया के कुछ देश जैसे यूरोप महाद्वीप के कुछ देश और जापान में जनसंख्या वृद्धि दर नकारात्मक हो चुकी है अर्थात इस देशों में जन्म दर की तुलना में मृत्यु दर अधिक हो चुकी है | अतः इन देशों के पास उनकी अर्थव्यवस्था को चलाने के लिए जरूरी श्रम शक्ति (Man Power) नही हैं| जबकि दूसरी ओर भारत की 65% आबादी 25 वर्ष से कम उम्र की है| इस प्रकार भारत दुनिया का सबसे युवा देश है | यही कारण है कि विश्व का हर देश यहाँ के युवाओं को लुभाने की ताक में बैठा है (इसे ही जनसांख्यिकीय लाभांश कहा जाता है)|आंकड़े बताते हैं कि अमेरिका में 12% वैज्ञानिक और 38% डॉक्टर भारतीय हैं और NASA के 36% या लगभग हर 10 में से चौथा वैज्ञानिक भारतीय है| यदि ये आंकड़े भी पर्याप्त नही है तो यह बताते चलें कि माइक्रोसॉफ्ट में 34%, आईबीएम में 28%, इंटेल में 17% और जेरोक्स में 13% कर्मचारी भारतीय हैं। कुछ ऐसे ही महानतम भारतीयों के नाम (जो कि विश्व की शीर्ष कंपनियों का नेतृत्व कर रहे हैं) इस प्रकार हैं :

सुंदर पिचाई: गूगल के शीर्ष अधिकारी 44 वर्षीय सुंदर पिचाई का जन्म चेन्नई, तमिलनाडु में हुआ था और उन्होंने अपनी शिक्षा-दीक्षा आईआईटी खड़गपुर (बीटेक), स्टैनफोर्ड (एमएस) और व्हार्टन (एमबीए) से प्राप्त की थी| प्रमुख वेब ब्राउजर “क्रोम” की शुरूआत का श्रेय उन्हें ही प्राप्त है| इससे पहले वे एंड्रॉयड, क्रोम, मैप्स और गूगल के अन्य लोकप्रिय उत्पादों के उत्पाद प्रमुख थे|

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सत्य नडेला: सत्य नारायण नडेला (जन्म 19 अगस्त, 1967) भारतीय मूल के एक अमेरिकी व्यावसायिक अधिकारी हैं| वे वर्तमान में “माइक्रोसॉफ्ट” के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हैं| उन्हें मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में 4 फरवरी 2014 को नियुक्त किया गया था| इससे पहले वे “माइक्रोसॉफ्ट क्लाउड एवं उद्यम समूह” के कार्यकारी उपाध्यक्ष थे एवं उनके पास कंपनी के कंप्यूटिंग प्लेटफार्मों के निर्माण और संचालन, डेवलपर उपकरण और क्लाउड कंप्यूटिंग सेवाओं की जिम्मेवारी थी|

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इंदिरा नूयी: इंद्रा कृष्णमूर्ति नूयी भारत में जन्मी एक अमेरिकी  व्यावसायिक अधिकारी हैं| वह वर्तमान में पेप्सिको की अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं जो शुद्ध राजस्व के मामले में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी खाद्य और पेय पदार्थ की कम्पनी है|

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Image source:Quotesgram.

शांतनु नारायण: शांतनु नारायण (जन्म 27 मई 1963) एक भारतीय अमेरिकी व्यावसायिक अधिकारी और “एडोब सिस्टम्स” के सीईओ हैं| इससे पहले वे 2005 से “एडोब सिस्टम्स” के अध्यक्ष और मुख्य परिचालन अधिकारी थे|  उनका पालन पोषण हैदराबाद, भारत में हुआ था| उन्होंने हैदराबाद के हैदराबाद पब्लिक स्कूल में पढ़ाई की थी| शांतनु नारायण ने भारत के उस्मानिया विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की थी|

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यह हम सभी भारतीयों के लिए एक अद्भुत उपलब्धि है कि ब्रिटेन जैसे देश जिसने हम पर 200 सालों तक राज किया, अब रोजगार सृजन के लिए भारत की ओर देख रहा है| हमें आपको यह बताते हुए खुशी हो रही है कि “टाटा” ग्रुप पूरे यूनाइटेड किंगडम में प्राइवेट नौकरी प्रदान करने वाली सबसे बड़ी कंपनी है और यह कारनामा भारत की आजादी के कुछ दशकों बाद ही हुआ है|

आजादी के बाद भारत की 10 महत्वपूर्ण उपलब्धियां

दवा क्षेत्र:
भारतीय दवा बाजार का मूल्य 2005 में जहाँ 6 अरब अमेरिकी डॉलर था वहीं 2015 तक इसमें 17.46 फीसदी की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है और ऐसा अनुमान है कि 2020 तक भारतीय दवा बाजार का मूल्य 15.92% की वार्षिक वृद्धि दर से 55 अरब अमेरिकी डॉलर हो जाएगा|  दवा बाजार विस्तार के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है और भारत दुनिया में जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा प्रदाता है|
रत्न एवं आभूषण उद्योग:
इस उद्योग ने 2015-16 में निर्यात से 38.6 अरब डॉलर का राजस्व अर्जित किया है| यह पेट्रोरसायन के बाद दूसरी सबसे बड़ी निर्यातक वस्तु बन गया है। भारत, दुनिया में रत्न एवं आभूषण के सबसे बड़े निर्यातकों में से एक है| यह कीमती पत्थरों का सबसे बड़ा गढ़ है| आप में से कितने लोगों को यह पता है कि भारत दुनिया के 95% हीरों को अकेला काटने, तराशने और पोलिश करने वाला देश है और इसमें से लगभग सभी कार्य मुख्य रूप से केवल एक शहर सूरत (गुजरात) में होते हैं|
स्वास्थ्य क्षेत्र :
भारत, आधुनिक चिकित्सा और प्राकृतिक चिकित्सा (जिसमें आयुर्वेद और अन्य प्राकृतिक उपचार भी शामिल है) दोनों प्रकारों में चिकित्सा पर्यटन केंद्र के रूप में बहुत तेजी से उभर रहा है| भारत में उच्च कुशलता प्राप्त डॉक्टर हैं साथ ही यहाँ पर उपचार की लागत भी कम है| भारत में सर्जरी की लागत संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोप की लागत का केवल 1/10 है| भारत प्राकृतिक चिकित्सा, हृदय प्रत्यारोपण और कॉस्मेटिक सर्जरी का सबसे सस्ता गंतव्य है।
रियल एस्टेट:
भारतीय रियल एस्टेट बाजार के 2020 तक 180 अरब डॉलर होने की उम्मीद है| यह क्षेत्र भारत के सकल घरेलू उत्पाद में 5 से 6% का योगदान करता है| सन 2016 से 2020 तक इस क्षेत्र की विकास दर 11.2%/ वर्ष बने रहने की उम्मीद है| अकेले दिल्ली/एनसीआर क्षेत्र में ही 5 मिलियन घरों का निर्माण हो रहा है| भारत सरकार द्वारा शुरू किये 100 स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से इस सेक्टर को बहुत बल मिलेगा|
बुनियादी ढांचा क्षेत्र: ऐसा अनुमान लगाया गया है कि पूरा देश में ढांचागत विकास के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था को 100 मिलियन डॉलर की जरूरत है। वर्तमान में दिल्ली / एनसीआर क्षेत्र में 250 किमी. मेट्रो लाईन बिछी हुई है| निकट भविष्य में भारत की राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र पूरी दुनिया में सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क बन जाएगी| भारत के लगभग प्रमुख शहरों में मेट्रो नेटवर्क के विकास के लिए कार्य चल रहे हैं। इसके अलावा बुलेट ट्रेनों का विकास देश में रेलवे नेटवर्क को और गति प्रदान करेगा|
ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री:
भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री ने यात्री वाहनों, वाणिज्यिक वाहनों, तीन पहिया वाहनों, दो पहिया वाहनों सहित कुल 23,960,940 वाहनों का उत्पादन अप्रैल-मार्च 2016 में किया था| भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में लगभग सभी नामी ब्रांडों (मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू, लेम्बोर्गिनी, रोल्स रॉयस, फेरारी आदि) की कारें मिलती हैं| साथ ही भारतीय ब्रांड भी इस दौड़ में पीछे नही है, यहाँ पर लैंड रोवर से लेकर टाटा नैनो तक की कारें बनती हैं| भारत के चुनिन्दा ब्रांडों में हीरो, टीवीएस, महिंद्रा, रॉयल एनफील्ड और अशोक लीलैंड आदि आते हैं| होंडा कंपनी पूरी दुनिया में दो पहिया वाहन का सबसे बड़ा निर्माता है|
कृषि क्षेत्र:
आज भारत कृषि उत्पादन के मामले में दुनिया भर में दूसरे नंबर पर आता है|  कृषि और संबद्ध क्षेत्र जैसे वानिकी और मत्स्य पालन सकल घरेलू उत्पाद में          13.7 % का योगदान करते हैं और 50% लोगों को रोजगार उपलब्ध कराते हैं| भारत दुनिया में मसालों का सबसे बड़ा उपभोक्ता और निर्यातक है| साथ ही भारत स्वादिष्ट बासमती चावल और मीठे आमों का प्रमुख उत्पादक है।
सीमेंट उद्योग:
लगभग 390 मिलियन टन (एमटी) की उत्पादन क्षमता के साथ भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सीमेंट उत्पादक देश है जो दुनिया के कुल सीमेंट उत्पादन में 6.7 % का योगदान करता है| इस पूरी उत्पादन क्षमता का 98% निजी क्षेत्र से तथा शेष सार्वजनिक क्षेत्र से आता है| 2020 तक भारत की सीमेंट उत्पादन क्षमता 550 मीट्रिक टन को छूने का अनुमान है| भारत की शीर्ष 20 कम्पनियाँ कुल उत्पादन का लगभग 70 % उत्पादन करती हैं|
भारत का कपड़ा उद्योग:
भारतीय कपड़ा उद्योग भारत के कुल निर्यात में लगभग 11% का योगदान देता है| वर्ष 2015-16 के दौरान भारत का कुल कपड़ा निर्यात 40 अरब अमेरिकी डॉलर का था। वर्तमान में भारतीय कपड़ा उद्योग का आकार 108 अरब अमेरिकी डॉलर है जो कि 2021 तक 223 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है| यह उद्योग, कृषि के बाद दूसरा सबसे बड़ा नियोक्ता है जिसमें 45 लाख लोगों को सीधे और 60 लाख लोगों को परोक्ष रूप से रोजगार मिला हुआ है| भारतीय कपड़ा उद्योग, भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग 5 प्रतिशत का योगदान देता है।
विश्व में भारतीय प्रतिभा का डंका :
जैसा कि हम जानते हैं कि दुनिया के कुछ देश जैसे यूरोप महाद्वीप के कुछ देश और जापान में जनसंख्या वृद्धि दर नकारात्मक हो चुकी है अर्थात इस देशों में जन्म दर की तुलना में मृत्यु दर अधिक हो चुकी है | अतः इन देशों के पास उनकी अर्थव्यवस्था को चलाने के लिए जरूरी हाथ नही हैं| जबकि दूसरी ओर भारत की 65% आबादी 25 वर्ष से कम उम्र की है| इस प्रकार भारत दुनिया का सबसे युवा देश है | यही कारण है कि विश्व का हर देश यहाँ के युवाओं को लुभाने की ताक में बैठा है (इसे ही जनसांख्यिकीय लाभांश कहा जाता है)| इस बात को इन तथ्यों के आधार पर भी सिद्ध किया जा सकता है| आंकड़े बताते हैं कि अमेरिका में 12% वैज्ञानिक और 38% डॉक्टर भारतीय हैं और NASA के 36% या लगभग हर 10 में से चौथा वैज्ञानिक भारतीय है| यदि ये आंकड़े भी पर्याप्त नही है तो यह बताते चलें कि माइक्रोसॉफ्ट में 34%, आईबीएम में 28%, इंटेल में 17% और जेरोक्स में 13% कर्मचारी भारतीय हैं। कुछ ऐसे ही महानतम भारतीयों के नाम (जो कि विश्व की शीर्ष कंपनियों का नेतृत्व कर रहे हैं) इस प्रकार हैं :
सुंदर पिचाई: गूगल के शीर्ष अधिकारी 44 वर्षीय सुंदर पिचाई का जन्म चेन्नई, तमिलनाडु में हुआ था और उन्होंने अपनी शिक्षा-दीक्षा आईआईटी खड़गपुर (बीटेक), स्टैनफोर्ड (एमएस) और व्हार्टन (एमबीए) से प्राप्त की थी| प्रमुख वेब ब्राउजर “क्रोम” की शुरूआत का श्रेय उन्हें ही प्राप्त है| इससे पहले वे एंड्रॉयड, क्रोम, मैप्स और गूगल के अन्य लोकप्रिय उत्पादों के उत्पाद प्रमुख थे|
सत्या नडेला: सत्य नारायण नडेला (जन्म 19 अगस्त, 1967) भारतीय मूल के एक अमेरिकी व्यावसायिक अधिकारी हैं| वे वर्तमान में “माइक्रोसॉफ्ट” के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हैं| उन्हें मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में 4 फरवरी 2014 को नियुक्त किया गया था| इससे पहले वे “माइक्रोसॉफ्ट क्लाउड एवं उद्यम समूह” के कार्यकारी उपाध्यक्ष थे एवं उनके पास कंपनी के कंप्यूटिंग प्लेटफार्मों के निर्माण और संचालन, डेवलपर उपकरण और क्लाउड कंप्यूटिंग सेवाओं की जिम्मेवारी थी|
इंदिरा नूयी: इंद्रा कृष्णमूर्ति नूयी भारत में जन्मी एक अमेरिकी  व्यावसायिक अधिकारी हैं| वह वर्तमान में पेप्सिको की अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं जो शुद्ध राजस्व के मामले में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी खाद्य और पेय पदार्थ की कम्पनी है|
शांतनु नारायण: शांतनु नारायण (जन्म 27 मई 1963) एक भारतीय अमेरिकी व्यावसायिक अधिकारी और “एडोब सिस्टम्स” के सीईओ हैं| इससे पहले वे 2005 से “एडोब सिस्टम्स” के अध्यक्ष और मुख्य परिचालन अधिकारी थे|  उनका पालन पोषण हैदराबाद, भारत में हुआ था| उन्होंने हैदराबाद के हैदराबाद पब्लिक स्कूल में पढ़ाई की थी| शांतनु नारायण ने भारत के उस्मानिया विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की थी|
यह हम सभी भारतीयों के लिए एक अद्भुत उपलब्धि है कि ब्रिटेन जैसे देश जिसने हम पर 200 सालों तक राज किया, अब रोजगार सृजन के लिए भारत की ओर देख रहा है| हमें आपको यह बताते हुए खुशी हो रही है कि “टाटा” ग्रुप पूरे यूनाइटेड किंगडम में प्राइवेट नौकरी प्रदान करने वाली सबसे बड़ी कंपनी है और यह कारनामा भारत की आजादी के कुछ दशकों बाद ही हुआ है|