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भारत के द्वीप समूह: अंडमान और निकोबार व लक्षद्वीप

भारत के द्वीप समूह को दो भागों में बांटा जाता है: अरब सागर में स्थित ‘अंडमान और निकोबार द्वीप समूह’ तथा बंगाल की खाड़ी में स्थित ‘लक्षद्वीप समूह’| अंडमान और निकोबार द्वीप समूह निमज्जित पर्वतीय चोटियों के उदाहरण हैं जबकि लक्षद्वीप प्रवाल निर्मित द्वीपों के उदाहरण हैं|
Apr 26, 2016 11:05 IST
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भारत के द्वीप समूह को दो भागों में बांटा जाता है: अरब सागर में स्थित ‘अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा बंगाल की खाड़ी में स्थित ‘लक्षद्वीप समूह|

अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह

बंगाल की खाड़ी या अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में लगभग 572 द्वीप स्थित हैं, जिनमें से अधिकांश 6°उ.-14°उ. अक्षांश और 92°पू.-94°पू. देशांतर के मध्य स्थित हैं| इन द्वीपों को दो भागों में बाँटा जाता है:

1. उत्तर में अंडमान द्वीपसमूह

2. दक्षिण में निकोबार द्वीपसमूह

ये दोनों द्वीपसमूह 100 चैनल द्वारा एक-दूसरे से अलग होते हैं|

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Image Courtesy: academic.evergreen.edu

अंडमान द्वीपसमूह में स्थित प्रमुख द्वीपों का उत्तर से दक्षिण क्रम इस प्रकार है:

  • उत्तरी अंडमान
  • मिडिल/मध्य अंडमान
  • दक्षिणी अंडमान
  • लिटिल अंडमान

निकोबार द्वीपसमूह में स्थित प्रमुख द्वीपों का उत्तर से दक्षिण क्रम इस प्रकार है:

  • कार निकोबार
  • लिटिल निकोबार
  • ग्रेट निकोबार

ऐसा माना जाता है कि इन द्वीपसमूहों का निर्माण सागर के जल में डूबी पर्वतीय चोटियों के जल के ऊपर आने से हुआ है| इनमें से कुछ छोटे द्वीपों की उत्पत्ति ज्वालामुखी क्रिया से हुई है| भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी ‘बैरन द्वीप निकोबार द्वीप समूह में ही स्थित है|

अंडमान और निकोबार भारत का एक संघशासित/केंद्रशासित प्रदेश है, जिसकी राजधानी साउथ अंडमान में स्थित ‘पोर्ट ब्लेयर है, जोकि भारत के प्रमुख पत्तनों में से एक हैं|इस द्वीपसमूह में भूमध्यरेखीय या विषुवतीय प्रकार की जलवायु व वनस्पति पायी जाती है और संवहनीय वर्षा होती है| सघन सदाबहार वन, प्रकृतिक सुंदरता और जनजातीय जनसंख्या व संस्कृति यहाँ की पहचान है| वर्तमान में यह भारत के एक प्रमुख पर्यटन केंन्द्र के रूप में विकसित हो चुका है| अंडमान और निकोबार ‘कोको चैनल के माध्यम से म्यांमार से और ग्रेट चैनल के माध्यम से इंडोनेशिया से अलग होता है|

लक्षद्वीप समूह

अरब सागर में स्थित द्वीपसमूहों अर्थात लक्षद्वीप का निर्माण प्रवाल संरचना से हुआ है, जोकि 8°उ.-12°उ. अक्षांश और 71°पू.-74°पू. देशांतर के मधी विस्तृत हैं| इन द्वीपों की संख्या 36 है, जिनमें से केवल 11 द्वीपों पर मानवीय अधिवास पाया जाता है| ये द्वीप केरल के तट से 280-480 किमी. पूर्व में स्थित हैं| लक्षद्वीप समूह को दो भागों में बाँटा जाता है:

  1. उत्तर में अमीनीदीवी व कन्नानोर द्वीप समूह
  2. दक्षिण में मिनीकॉय द्वीप

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Image Courtesy: upload.wikimedia.org

ये दोनों द्वीपसमूह 90 चैनल द्वारा एक-दूसरे से अलग होते हैं और 80 चैनल लक्षद्वीप को मालदीव से अलग करता है| मिनीकॉय लक्षद्वीप समूह का सबसे बड़ा द्वीप है| लक्षद्वीप भारत का एक संघशासित/केंद्रशासित प्रदेश है, जिसकी राजधानी ‘कावारात्ती है| सुंदर पुलिनों (Beaches) और प्राकृतिक सुंदरता के कारण यह भारत के एक प्रमुख पर्यटन केंन्द्र के रूप में विकसित हो चुका है|