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भारत में वायु की गुणवत्ता

भारतीय महानगरों मुख्यत: दिल्ली में वायु की गुणवत्ता प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है जिससे खराब वायु गुणवत्ता संबंधित मृत्यु दर में वृद्धि हो रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, भारत में प्रतिवर्ष 19 लाख लोग वायु प्रदूषण के कारण मर जाते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा मई 2014 में प्रकाशित तथा फरवरी, 2014 में याले विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, नई दिल्ली में वायु न केवल भारत अपितु समूचे विश्व में सबसे अधिक प्रदूषित है।
Dec 22, 2015 12:19 IST
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भारतीय महानगरों मुख्यत: दिल्ली में वायु की गुणवत्ता प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, 19 लाख लोग प्रतिवर्ष भारत में वायु प्रदूषण के कारण मर जाते हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा मई, 2014 में तथा याले विश्वविद्यालय द्वारा फरवरी, 2014 में प्रकाशित अध्ययनों में नई दिल्ली की वायु को भारत अपितु समूचे विश्व में सबसे अधिक प्रदूषित पाया गया है। 2॰5 व्यास से कम आकार के कणों की उपस्थिति नवम्बर 2014 से अब तक दर्ज की गई। पाँच वर्षों के वार्षिक औसत के अनुसार, 2॰5 व्यास के आकार के कणों से लगभग प्रदूषण 100 था, जबकि इस वर्ष यह वर्ष 2013 के 101 तथा वर्ष 2012 के 98 की तुलना में 114 था।

कणिका तत्व क्या हैं?

सल्फेट, नाइट्रेट्स, अमोनिया, सोडियम क्लोराइड, ब्लैक कार्बन, खनिज धूल तथा जल कणिका तत्व के उदाहरण हैं। ये सभी अत्यधिक हानिकारक वायु प्रदूषक हैं। यह फेफड़ों में एकत्रित होकर, श्वसन, हृदय संबंधी रोगों तथा कैंसर की संभावनाओं को बढ़ा देते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, 10 माइक्रोन या उससे कम व्यास के कण स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक हानिकारक हैं। ये कण फेफड़ों में अत्यधिक गहराई तक पहुँच सकते हैं।

मोबाइल एप्प-सफर

भारत की पहली वायु गुणवत्ता मापने वाली मोबाइल एप्प-सफर का शुभारंभ 17 फरवरी, 2015 को भारतीय उष्णकटिबंधीय जलवायु विज्ञान संस्थान में पुणे, महाराष्ट्र में किया गया।

सफर- वायु गुणवत्ता जलवायु भविष्यवाणी तथा अनुसंधान व्यवस्था का नाम है जो पहली बार 2010 में दिल्ली में कॉमनवेल्थ खेलों के दौरान आरंभ हुई। सफर परियोजना के निदेशक गुफैन बेग हैं। इस एप्प को केन्द्रीय भूविज्ञान मंत्रालय द्वारा प्रारंभ किया गया ताकि वास्तविक समय में आनलाइन वायु गुणवत्ता संबंधी जानकारी उपलब्ध हो सके। इस समय यह एप्प सुविधा केवल पुणे तथा दिल्ली में ही उपलब्ध है। परन्तु मई, 2015 तक यह मुम्बई में भी उपलब्ध हो जाएगी। 2017 तक यह पूर्वानुमान सुविधा चैन्नई तथा कोलकाता तक भी फैल जाएगी।

यह व्यवस्था भारतीय मोसामिकी संस्थान तथा आई॰आई॰टी॰एम॰ द्वारा संयुक्त रूप से संचालित की जा रही है तथा इसका पूर्वानुमान ढाँचा आई॰आई॰टी॰एम॰ के आदित्या नामक सुपरकम्प्यूटर से संचालित किया जा रहा है।

मोबाइल एप्प-सफर की विशेषताएँ

  • सफर – वायु मोबाइल में चलने वाली पहली सुविधा है जो वायु की गुणवत्ता का तत्काल तथा आगामी पूर्वानुमान बताती है।
  • यह सुविधा भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसमिकी संस्थान, पुणे के वैज्ञानिकों के द्वारा विकसित की गई है।
  • यह सुविधा उपभोक्ता के स्थान पर वायु की गुणवत्ता का तत्काल तथा आगामी पूर्वानुमान बताती है इसमें एक रंग संबंधी व्यवस्था से यह पूर्वानुमान पता चलते हैं जैसे हरे रंग का अर्थ है अच्छा, पीले रंग का अर्थ है मध्यम वर्गीय प्रदूषण, संतरी का अर्थ है खराब तथा लाल का अर्थ है बेहद खराब और गाढ़ा भूरा मतलब अत्यधिक प्रदूषित।
  • यह सुविधा पहले गूगल के एंडराइड से चलने वाले फोनों पर उपलब्ध होगी और फिर उप्पल के आइ ओ एस पर।
  • उपभोक्ता इस सुविधा से प्राप्त जानकारी को ट्विटर, फेसबुक तथा ई-मेल से सांझा कर सकते हैं।
  • इस सुविधा से वायु प्रदूषण से होने वाली हानियों का पता लगाने तथा योजना बनाने वालों को वायु प्रदूषण के व्यवहारिक मापदंड सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।