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मध्यकालीन इतिहास: भक्ति आंदोलन पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी सेट III

मध्यकालीन इतिहास: भक्ति आंदोलन सेट III में सामान्य ज्ञान के 10 वतुनिष्ठ प्रश्नों को शामिल किया गया है, जो UPSC-Prelims/SSC/CDS/NDA, राज्य स्तरीय परीक्षाओं एवं रेलवे जैसी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए काफी उपयोगी है|
Dec 7, 2016 12:25 IST
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मध्यकालीन इतिहास: भक्ति आंदोलन सेट III में सामान्य ज्ञान के 10 वतुनिष्ठ प्रश्नों को शामिल किया गया है, जो UPSC-Prelims/SSC/CDS/NDA, राज्य स्तरीय परीक्षाओं एवं रेलवे जैसी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए काफी उपयोगी है|

1. निम्न में से कौन सा हिंदू धर्म का एक बेहद भावनात्मक रूप है जो सोलहवीं सदी में मुख्य रुप से बंगाल और पूर्वी उड़ीसा में देखने को मिला था?

A. गौड़ीय सम्प्रदाय

B. वल्लभाचार्य का कृष्णा पंथ

C. वल्लभाचार्य का शिव पंथ

D. उपरोक्त में कोई नहीं

Ans: A

2. भारत में मध्यकालीन इतिहास में भक्ति आंदोलन से संबंधित निम्न कथनों में से सही का चयन करें।

A. आस्तिक प्रवृत्ति की भक्ति थी जिसका उभार मध्य काल में हिंदू धर्म के रुप में हुआ और बाद में बौद्ध धर्म में क्रांति आई।

B. आस्तिक भक्ति प्रवृत्ति थी जिसका उभार मध्य काल में हिंदू धर्म के रुप में हुआ और बाद में जैन धर्म में क्रांति आई।

C. आस्तिक भक्ति प्रवृत्ति थी जिसका उभार मध्य काल में हिंदू धर्म के रुप में हुआ और बाद में सी सिख धर्म में क्रांति आई।

D. उपरोक्त में कोई नहीं

Ans: C

3. 'भक्ति' शब्द क्या दर्शाता है?

A. भक्ति की जड़ भज है, जिसका अर्थ "विभाजन" है।

B. भक्ति की जड़ भज है, जिसका अर्थ सहयोग है।

C. ए और बी दोनों

D. केवल बी

Ans: A

4. निम्न में से कौन सा भक्ति आंदोलन का मूल भूम्याधिकारी था?

A. भक्ति आंदोलन का विचार- भगवान से भक्ति था। भगवान की भक्ति को मुक्ति के रूप में स्वीकार कर लिया गया।

B. भक्ति आंदोलन का विचार पुजारी की सहायता से भगवान से भक्ति था। भगवान की भक्ति  को निंदा के रूप में स्वीकार किया गया था।

C. आध्यात्मिक सत्र के स्थानों को जाविया, खानखां या टेक्के के रुप में जाना जाता था।

D. इसे अन्तर्मुखता, और मानव विश्वास तथा अभ्यास की गहनता के रूप में वर्णित किया गया।

Ans: A

5. निम्नलिखित में से किस शास्त्र ने आध्यात्मिक स्वतंत्रता और रिहाई के लिए तीन तरीकों में से एक के रूप में भक्ति मार्ग (विश्वास / भक्ति का मार्ग) की शुरूआतत की थी?

A. वेद

B. वेदांत

C. ब्राह्मण

D. भागवत गीता

Ans: D

6. आंदोलन..... के साथ शुरू हुआ और.....

A. शैव नायनमार

B. वैष्णव आलवार सन्त

C. निर्गुण संत

D. A और B दोनों

Ans: D

7. निम्न में से हिंदुओं के किस भक्ति आंदोलन ने  हिंदू धर्म (ब्राह्मण) परमात्मा की प्रकृति की दो कल्पनाओं को व्यक्त किया था?

A. निर्गुण और सगुण

B. शैव

C. सिख धर्म

D. जैन धर्म

Ans: A

8. भारतीय समाज में भक्ति आंदोलन के प्रभाव के संबंध में निम्न कथनों में से कौन सा सही है

A. भक्ति आंदोलन मध्ययुगीन हिंदू समाज का एक भक्ति परिवर्तन था जिसमें भगवान के साथ व्यक्तिपरक प्रेम संबंधों हेतु वैदिक अनुष्ठानो या मोक्ष को वैकल्पिक रूप माना गया था।

B. आध्यात्मिक मुक्ति के लिए महिलाओं और शूद्र समुदाय के सदस्यों और अछूत समुदायों को भक्ति आंदोलन ने एक समावेशी पथ प्रदान किया।

C. ए और बी दोनों

D. उपरोक्त में से कोई भी नहीं

Ans: C

9. निम्न में से किस वर्ग ने एक परमात्मा के प्रति समर्पण के बिना निर्गुण भक्ति पर जोर दिया था, लेकिन भक्ति को दोनों रुपों- निर्गुण और सगुण को स्वीकार किया?

A. सिख धर्म

B. शैव

C. वैष्णव

D. उपरोक्त सभी

Ans: A

10. 16 वीं सदी में चैतन्य महाप्रभु एक पवित्र हिन्दू भिक्षु और समाज सुधारक रहे जो.... से थे:

A. बिहार

B. असम

C. उड़ीसा

D. बंगाल

Ans: D

मध्यकालीन भारत का इतिहास: एक समग्र अध्ययन सामग्री