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मनमोहन सिंह

मनमोहन सिंह भारत के चौदहवें प्रधानमंत्री हैं। वह न केवल एक विख्यात अर्थशास्त्री हैं बल्कि जवाहर लाल नेहरू के बाद 5 साल का कार्यकाल पूर्ण करके पुनः सत्ता में आने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं। प्रधानमंत्री का पद धारण करने वाले वे पहले सिख हैं।
Apr 30, 2014 18:11 IST
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Manmohan Singh

मनमोहन सिंह भारत के चौदहवें प्रधानमंत्री हैं। वह न केवल एक विख्यात अर्थशास्त्री हैं बल्कि जवाहर लाल नेहरू के बाद 5 साल का कार्यकाल पूर्ण करके पुनः सत्ता में आने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं। प्रधानमंत्री का पद धारण करने वाले वे पहले सिख हैं।

पारिवारिक विवरण

मनमोहन सिंह का जन्म पंजाब के गाह नामक स्थान पर श्री गुरमुख सिंह और श्रीमती अमृत कौर के परिवार में 26 सितंबर 1932 को हुआ था। विभाजन के दौरान  उनका परिवार भारत में अमृतसर चला आया था। वर्ष 1958 में मनमोहन सिंह ने गुरशरण कौर से शादी कर ली। उनकी तीन बेटियां  अमृत सिंह , दमन सिंह और उपिन्दर सिंह हैं।

करियर

मनमोहन सिंह ने हिन्दू कॉलेज में अध्ययन किया था। वह एकप्रतिभाशाली छात्र थे और अपने पुरे शैक्षिक जीवन में हमेशा प्रथम स्थान पर आते रहे। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय से स्नातक और परास्नातक की  उपाधि क्रमश: वर्ष 1952 और 1954 में प्राप्त किया था। वर्ष 1957 में  उन्होंने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में ऑनर की डिग्री हासिल की और 1962 में  ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में डी.फिल पूरा किया। तत्पश्चात वह भारत लौट आए और 1966 से 1969 के बीच व्यापार और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलनपर कार्य करने के लिए चले गए। वर्ष 1969 में मनमोहन सिंह  दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर एक प्रोफेसर बन गए।  वर्ष 1972 में मनमोहन सिंह , वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार के रूप में नियुक्त किये गए  और 1976 में वित्त मंत्रालय में सचिव बने। वर्ष  1980 से वर्ष 1982 की अवधि में  मनमोहन सिंह योजना आयोग में कार्यरत रहे और वर्ष 1982 में तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी के द्वारा भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर नियुक्त किये गये। बाद में, वह 1985-1987 की अवधि में भारत के योजना आयोग के उपाध्यक्ष के पद पर कार्य करते रहे।  वर्ष 1991 में, वे संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष बने और उसके बाद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष नियुक्त किये गए।

व्यवसाय

• वर्ष 1957 से वर्ष 1959की अवधि में  मनमोहन सिंह ने अर्थशास्त्र के एक वरिष्ठ व्याख्याता के रूप में कार्य किया।
• वर्ष 1959 से वर्ष 1963 के दौरान मनमोहन सिंह ने एक रीडर के पद पर कार्य किया।
• वर्ष 1963से 1965  की अवधि में  मनमोहन सिंह प्रोफेसर के रूप में कार्यरत रहे।
• वर्ष 1966 में मनमोहन सिंह दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में मानद प्रोफेसर थे।
• मनमोहन सिंह ने 1966-1969  की अवधि में UNCTAD के साथ काम किया।
• वर्ष 1969 से वर्ष 1971 की अवधि में मनमोहन सिंह  अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के एक प्रोफेसर के रूप में चर्चित रहे।
• इन्हें विदेश व्यापार मंत्रालय के सलाहकार के पद पर श्री ललित नारायण मिश्रा द्वारा नियुक्त किया गया।
• मनमोहन सिंह वर्ष 1969 में दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के प्रोफेसर के रूप में कार्यरत रहे।
• मनमोहन सिंह वर्ष 1972 में  वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार बने।
• मनमोहन सिंह वर्ष 1976 में वित्त मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्यरत रहे।
• वर्ष 1976 में मनमोहन सिंह को जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में मानद प्रोफेसर के रूप में नियुक्त किया गया।
• वर्ष 1976 से वर्ष 1980 की अवधि में मनमोहन सिंह भारतीय रिजर्व बैंक के निदेशक थे।
• वर्ष 1976 से वर्ष 1980 के दौरान मनमोहन सिंह भारत के औद्योगिक विकास बैंक के निदेशक थे।
• वर्ष 1982 से वर्ष 1985 के दौरान मनमोहन सिंह भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में सेवारत रहे।
• वर्ष 1985 से वर्ष  1987 के बीच  मनमोहन सिंह योजना आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में सेवा करते रहे।
• वर्ष 1987 से वर्ष 1990 के मध्य मनमोहन सिंह दक्षिण आयोग के महासचिव के रूप में सेवारत रहे।
• मनमोहन सिंह को वर्ष 1991 में संघ लोक आयोग का अध्यक्ष बनाया गया उसके बाद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष पद पर उनकी नियुक्ति की गयी।

उपलब्धियां और पुरस्कार

• वर्ष 2000 में  मनमोहन सिंह को डब्ल्यू.एल.जी.  अर्थात अन्नासाहेब चिरमुले संस्थान के द्वारा  अन्नासाहेब चिरमुले पुरस्कार से सम्मानित किया गया जिसकी स्थापना युनाइटेड वेस्टर्न बैंक लिमिटेड  सतारा महाराष्ट्र द्वारा की गयी थी।
• वर्ष 1999 में मनमोहन सिंह को उत्कृष्टता के लिए एच.एच. कांची श्री परमाचार्य  पुरस्कार प्रदान किया गया।
• वर्ष 1999 में मनमोहन सिंह ने राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी नई दिल्ली का फैलो प्राप्त किया।
• वर्ष 1997 में मनमोहन सिंह को तिलक स्मारक ट्रस्ट पुणे द्वारा लोकमान्य तिलक पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
• वर्ष 1997 में मनमोहन सिंह को 1996 का न्यायमूर्ति के.एस. हेगड़े फाउंडेशन पुरस्कार प्रदान किया गया।
• वर्ष 1997 में मनमोहन सिंह को निहोन  कीजै शिम्बुन  इंक द्वारा वर्ष 1996 का क्षेत्रीय विकास के लिए निक्की एशिया पुरस्कार से सम्मानित किया. इसी वर्ष वे  दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में अर्थशास्त्र के मानद प्रोफेसर बने।
• वर्ष 1995 में मनमोहन सिंह ने 1994-95 के लिए भारतीय विज्ञान कांग्रेस एसोसिएशन का  जवाहरलाल नेहरू जन्म शताब्दी पुरस्कार प्राप्त किया।
• वर्ष 1994 में मनमोहन सिंह ने “वर्ष के वित्त मंत्री” के लिए एशिया मनी अवार्ड प्राप्त किया।
• वर्ष 1994 में वह, एशिया अर्थव्यवस्था, अर्थशास्त्र, राजनीति और समाज पर लंदन स्कूल के लिए प्रतिष्ठित अध्येता के रूप में निर्वाचित किये गए।
• वर्ष 1994 में मनमोहन सिंह ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के नुफ़्फ़िएल्द कॉलेज में मानद प्रोफ़ेसर के रूप में चुने गए।
• वर्ष 1994 में मनमोहन सिंह  ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन में मानद फेलो के रूप में निर्वाचित किये गए।
• वर्ष 1993 में मनमोहन सिंह को वर्ष का वित्त मंत्री के लिए “यूरो मनी  अवार्ड”  से सम्मानित किया गया।
• वर्ष 1993 में मनमोहन सिंह को  वर्ष के वित्त मंत्री के लिए “एशिया मनी अवार्ड”  से सम्मानित किया गया।
• वर्ष 1987 में  मनमोहन सिंह को भारत के राष्ट्रपति द्वारा भारत के दुसरे सबसे बड़े अलंकरण पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।
• वर्ष 1986 में  मनमोहन सिंह को एनसीईआरटी के  राष्ट्रीय शिक्षा संस्थान द्वारा “नेशनल फेलो अवार्ड” से सम्मानित किया गया।
• वर्ष 1985 में  मनमोहन सिंह को भारतीय आर्थिक संघ का अध्यक्ष चुना गया।
• वर्ष 1982 में  मनमोहन सिंह को कैम्ब्रिज के  सेंट जॉन्स कॉलेज का मानद फैलो चुना गया.।
• वर्ष 1982 में  मनमोहन सिंह को भारतीय बैंकर संस्थान का मानद फेलो चुना गया।
• वर्ष 1956 में  मनमोहन सिंह को ब्रिटेन के कैम्ब्रिज विश्वविद्याल के एडम स्मिथ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
• वर्ष 1955में  मनमोहन सिंह को उनके विशिष्ट प्रदर्शन के लिए “राईट्स प्राइज” पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
• वर्ष 1954 में  मनमोहन सिंह को पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ में  एमए(अर्थशास्त्र) में प्रथम आने के लिए उत्तर चंद कपूर पदक से सम्मानित किया गया।
• वर्ष 1952 में बीए आनर्स में प्रथम आने के लिए पंजाब विश्वविद्यालय का विश्वविद्यालय पदक उन्हें प्रदान किया गया।

पुस्तकें

मनमोहन सिंह ने “इंडिया एक्सपोर्ट ट्रेंड &प्रोस्पेक्ट फॉर सेल्फ -सस्टेंड ग्रोथ इन 1964” नामक  पुस्तक लिखा है। इसके अलावा उन्होंने आर्थिक पत्रिकाओ के लिए बहुत सारे अनुच्छेदों को लिखा है जो की श्रृंखलागत रूप में प्रकाशित किए गए है।

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