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यदि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ तो इसके क्या परिणाम होंगे?

हाल ही में आतंकवादियों द्वारा जम्मू कश्मीर के उडी सेक्टर में सेना के मुख्यालय पर हुये हमले (जिसमे भारत के 18 सैनिक मारे गए हैं), के कारण भारत और पाकिस्तान के बीच सम्बन्धों में बहुत कड़वाहट आ गयी है और हालात यहाँ तक बिगड़ गए हैं कि दोनों देशों की सेनायें भी सीमाओं पर तैनात हो गयी हैं| इस लेख में यह जानने की कोशिश की गयी है कि इस संभावित युद्ध के क्या परिणाम होंगे |
Sep 24, 2016 10:38 IST
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हाल ही में आतंकवादियों द्वारा जम्मू & कश्मीर के उडी सेक्टर में सेना के मुख्यालय पर हुये हमले जिसमे भारत के 18 सैनिक मारे गए हैं, के कारण भारत और पाकिस्तान के बीच सम्बन्धों में बहुत खटास आ गयी है और हालात यहाँ तक बिगड़ गए हैं कि दोनों देशों की सेनायें भी सीमाओं पर तैनात हो गयी हैं | इसी बीच ऐसे भी कयास लगाये जा रहे हैं कि दोनों देशों के बीच युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं | अब यह प्रश्न उठना लाजिमी है कि यदि भारत-पाकिस्तान में परमाणु युद्ध हुआ तो उसके नतीजे क्या हो सकते हैं चूंकि भारत की नीति 'पहले परमाणु हथियारों का उपयोग न करने' की है तो तय है कि पहला परमाणु हमला पाकिस्तान ही करेगा। डर है कि इसका निशाना दिल्ली, मुंबई, बंगलौर, और हैदराबाद जैसे महानगर होंगे|

सबसे पहले दोनों देशों की सेन्य ताकत को जानना जरूरी है | दोनों की तुलना इस प्रकार है |

रक्षा सामग्री  भारत पाकिस्तान
रक्षा बजट 2500 अरब रुपये 780 अरब रुपये
एक्टिव फौजी 13.25 लाख 6.17 लाख
परमाणु बम 90-100 110-120
लड़ाकू विमान 761 387
हेलिकॉप्टर 600 350
सभी तरह के टैंक 6464 2924
तोपें 7000 3200
युद्धपोत 202 74
विमानवाहक पोत 2
पनडुब्बी 15 8
सबसे ताकतवर मिसाइल अग्नि-5, 5000 किमी रेंज शाहीन-3, 2750 किमी रेंज

source:bhaskar.com

भारतीय वायुसेना

भारतीय वायुसेना विश्व की चौथी सबसे बड़ी वायुसेना है| चीन से भी बेहतर मानी जाने वाली भारतीय वायुसेना के पास 1 लाख 27 हजार वायुसैनिक हैं जबकि पाकिस्तान वायुसेना की सैनिक क्षमता महज 45000 है| भारत के पास 1500 एयरक्राफ्ट्स है जबकि पाक के पास केवल 530 एयरक्राफ्ट्स हैं |देश के पास रूस और फ्रांस निर्मित मिग-29, 146 सुखोई सु -30, MKI लड़ाकू विमानों को मिलाकर 761 विमान और 600 हवाई जहाज हैं | इसके अलावा भारतीय वायुसेना की जंगी बेड़े में निम्न विमान शामिल है: जगुआर, मिराज, और मिग-27 बाईसन फाइटर एयरक्राफ्ट| इसके अलावा भारत का फ्रांस से लड़ाकू विमान रफाल का सौदा भी पूरा हो चुका है जो कि पाक के लिए बहुत ही बुरी खबर है |

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image source:hindi.webdunia.com

भारत की नौसेना

पाक के पास 11 युद्धक और विध्वंशक पोत, 8 पनडुब्बी, 8 तेजी से हमला करने वाले क्राफ्ट्स, 3 माइन  हन्टर्स, 8 जहाज, 12 होवर क्राफ्ट्स, 17 गश्ती नावें हैं | जबकि भारतीय नौसेना, पाक नौसेना से तीन गुनी बड़ी है | भारत के पास 2 एयरक्राफ्ट् कैरियर, 16 जल-थल में चलने वाले युद्धक पोत, 31 गश्ती पोत, 2 परमाणु हमला करने वाली पनडुब्बी, 15 गाइडेड मिसाइल युद्धक पोत, 14 डीजल इलेक्ट्रिक पनडुब्बी और 18 सहायक जहाजों का बेडा है |

थल सेना में भारत और पाक की तुलना

भारत पिछले चार युद्धों में पाकिस्तान को हरा चुका है | दोनों देशों के बीच में सबसे बड़ा अंतर रक्षा बजट का है | भारत का रक्षा बजट प्रतिवर्ष 2500 अरब रुपये है वहीँ पाक का बजट केवल 780 अरब रुपये है | भारत की कुल सेना (13.25 लाख) की तुलना में पाक के पास भारत की लगभग आधी (6.17 लाख) सेना है | भारत के पास टेंकों की संख्या 6464 है जबकि पाक के पास केवल 2924 टेंक हैं| ज्ञातब्य है कि भारत के पास मौजूद परमाणु हथियारों की कुल संख्या 100 से 110 के बीच है जबकि पाक के पास भारत से अधिक 120 -130 तक परमाणु हथियार हैं | यह बात सच है कि भारत पहले परमाणु बम से हमला नही करेगा क्योंकि ऐसा उसकी परमाणु नीति कहती है | लेकिन अगर पाकिस्तान युद्ध में अपने आपको हारता हुए पाता है तो वह भारत पर परमाणु बम से हमला कर सकता है|अब यह प्रश्न उठता है कि यदि इन दोनों देशों के बीच परमाणु युद्ध होता है तो क्या परिणाम होंगे :

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पहला परिणाम

रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि भारत अपनी पूरी ताकत के साथ इस युद्ध में भाग लेता है तो पाक 2 हफ्ते के अन्दर घुटने टेक देगा | लेकिन युद्ध के पश्चात दोनों देशों में हुए व्यापक विध्वंस और जनहानि के बाद सरकार को फिर से आर्थिक, सामाजिक ढांचा खड़ा करने में दशकों लग जाएंगे। बेरोजगारी, गरीबी, भुखमरी से अपराध और जातीय संघर्ष बढ़ेंगे, जिससे आंतरिक सुरक्षा और अन्य समस्याएं खड़ी हो जाएंगी।

दूसरा परिणाम

न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसा यदि भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध होता है तो 1.5 करोड़ लोग तत्काल अपनी जान गंवा देंगे, लगभग 70 लाख तक घायल हो सकते हैं | और तो और घायलों के लिए मध्य पूर्व और दक्षिण पूर्व एशिया के देशों के साथ-साथ अमेरिका को भी अपनी पूरी चिकित्सा सुविधाओं को झोकना पड़ेगा|इस प्रकार यह कहा जा सकता है कि भारत-पाक में परमाणु युद्ध हुआ तो मानवजाति के अस्तित्व पर ही संकट खड़ा हो जाएगा।

तीसरा परिणाम

यदि परमाणु बम का इस्तेमाल होता है तो इसके परिमाण बहुत ही भयानक होंगे| परमाणु विस्फोट से निकलने वाले कार्बन से बना बादल थोड़े ही समय में आघात क्षेत्र अत्यंत बड़े क्षेत्र में फैल सूर्यकिरणों को पृथ्वी पर आने से रोकेगा। इस काले-घने बादल से होने वाली अम्ल वर्षा से लाखों लोग मारे जाएंगे। वैज्ञानिकों के अनुसार इस बादल को छंटने में कई साल लगते हैं और इस प्रक्रिया में इससे निरंतर अम्लवर्षा होती है जिसका परिणाम अत्यंत विपदाकारी होता है। इसका एक भयावह परिणाम मौसमी बदलाव और वैश्विक नमी में कमी, जिससे कम वर्षा और भीषण तूफानों का निर्माण होगा। जिस भी जगह आणविक/परमाणु विस्फोट होगा उस क्षेत्र में तीक्ष्ण चमक के साथ भयानक आग का गोला उठेगा जो कई मील तक सबकुछ जलाकर भस्म कर देगा। कुल मिलाकर जब भी किसी जगह पर कोई परमाणु विस्फोट होगा तो वहां के लोगों को ऐसा आभास होगा की जैसे साक्षात् सूर्य ही उनके घर में उतर आया हो |

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चौथा परिणाम

माना जा रहा है कि परमाणु विस्फोट से ओजोन परत में भारी नुकसान होगा कार्बन से बने बादल धरती की कुल 25-40 से लेकर 70 प्रतिशत ओजोन परत को नष्ट कर देंगे जिसके पश्चात अंतरिक्ष से आनी वाली पराबैंगनी किरणों से मानवजाति और वनस्पति के अस्तित्व पर गंभीर परिणाम होंगे। इस परिवर्तन से विश्व में अम्लीय वर्षा और धूलभरे तूफानों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि होगी। जापान दुनिया का अकेला देश है जिसने परमाणु बम के खतरनाक प्रभावों को झेला है |

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जापान के लोगों के दिलों में (द्वितीय विश्व युद्ध के परमाणु हमले को लेकर) अमेरिका के लोगों के प्रति आज भी इतनी नफरत है कि जब भी कोई अमेरिकी पर्यटक किसी जापानी नागरिक से किसी जगह (जापान में) का पता पूछता है तो जापानी नागरिक उसे गलत रास्ता ही बताता है |

कुल मिलाकर यह कहना ही ठीक है कि किसी भी युद्ध से किसी भी देश या व्यक्ति का भला नही हुआ है और पूरा नुकसान सिर्फ मानवता का हुआ है| ऐसे संजीदा मामलों में जल्दबाजी की नही बल्कि सूझबूझ की जरूरत है |

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