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योजना आयोग और नीति आयोग

योजना आयोग पंचवर्षीय योजनाओं को तैयार करने वाली भारत सरकार की गैर संवैधानिक और गैर– वैधानिक संस्था थी। हालांकि, केंद्र सरकार ने इस आयोग के स्थान पर सामाजिक और आर्थिक मुद्दों की सलाहकार निकाय, नीति आयोग का गठन कर दिया है। नीति आयोग, केंद्र और राज्य सरकारों के लिए रणनीतिक एवं तकनीकी सलाह प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए योजना आयोग का स्थान लेने वाली एक गतिशील संस्था है।
Dec 30, 2015 09:55 IST
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योजना आयोग पंचवर्षीय योजनाओं को तैयार करने वाली भारत सरकार की गैर संवैधानिक और गैर– वैधानिक संस्था थी। हालांकि, केंद्र सरकार ने इस आयोग के स्थान पर सामाजिक और आर्थिक मुद्दों की सलाहकार निकाय, नीति आयोग का गठन कर दिया है।

योजना आयोग

आयोग में प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष, केंद्रीय कार्यकारिणी द्वारा नियुक्त उपाध्यक्ष, आधा दर्जन सदस्य और महत्वपूर्ण कैबिनेट मंत्री होते हैं।

योजना आयोग के कार्य और उद्देश्य इस प्रकार हैं

  • तकनीकी कर्मियों समेत देश के सामग्री, पूंजी और मानव संसाधनों का आकलन करना और देश की जरूरत के अनुसार अगर ऐसे संसाधनों में कमी पाई जाती है तो इन संसाधनों में बढ़ोतरी की संभावनाओं की जांच करना।
  • देश के संसधानों के सबसे प्रभावी और संतुलित उपयोग के लिए योजना बनाना।
  • प्राथमिकता के आधार पर, योजना के कार्यान्वयन के चरणों को परिभाषित करना और प्रत्येक चरण को पूरा करने के लिए संसाधनों के आवंटन का प्रस्ताव देना।
  • आर्थिक विकास को अवरुद्ध करने वाले कारकों का संकेत देना और योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए वर्तमान सामाजिक एवं राजनीतिक स्थिति में शर्तों का निर्धारण करना।
  • योजना के सभी चरणों का उसे सभी पहलुओं के सफल कार्यान्वयन हेतु अनिवार्य तंत्र की प्रकृति का निर्धारण करना।
  • समय– समय पर योजना के प्रत्येक चरण के कार्यान्वयन की प्रगति का मूल्यांकन करना और नीति एवं उपायों में समायोजन की सिफारिश करना कि इस तरह के मूल्यांकन आवश्यक होना दिख सकते हैं; और
  • ऐसी अंतरिम या सहायक सिफारिशें करना जो उपयुक्त दिखाई दे – चाहे वह सौंपे गए कर्तव्यों के निर्वहन को सुविधाजनक बनाने के लिए हो या मौजूदा आर्थिक स्थिति, वर्तमान नीतियों, उपायों और विकास कार्यक्रमों पर विचार करने के लिए या ऐसी विशेष समस्याओं की जांच करना जिसे  केंद्र या राज्य सरकारों की सलाह के लिए भेजा जा सकता है।

नीति आयोग

नीति आयोग, केंद्र और राज्य सरकारों के लिए रणनीतिक एवं तकनीकी सलाह प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए योजना आयोग का स्थान लेने वाली एक गतिशील संस्था है।
नीति आयोग में शामिल हैं–  अध्यक्षः भारत के प्रधानमंत्री, सीईओ, उपाध्यक्ष, पदेन सदस्य– महत्वपूर्ण कैबिनेट मंत्री (गृह, वित्त, रेलवे और कृषि), विशेष आमंत्रित सदस्य– कुछ अन्य कैबिनेट मंत्री, पूर्ण कालिक सदस्य और शासी परिषद में होते हैं सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और विधानमंडलों के साथ केंद्र शासित प्रदेशों और अन्य केंद्र शासित प्रदेशों के लेफ्टिनेंट गवर्नर।

नीति आयोग के कार्य और उद्देश्य इस प्रकार हैं

  • यह संस्था सरकार के 'थिंक टैंक' के तौर पर काम करती है।
  • यह दिशात्मक और नीति निर्माता के तौर पर काम करती है। 
  • नीति आयोग सरकारों को केंद्र और राज्य स्तर पर नीति के मुख्य तत्वों में प्रासंगिक रणनीतिक एवं तकनीकी परामर्श मुहैया कराती है।
  • नियंत्रण की बजाए, ध्यान उत्प्रेरक बनने और राज्यों एवं केंद्र के लिए एक मंच मुहैया कराने पर है जहां ये दोनों एक साथ आएंगे और आर्थिक नीतियों एवं विकास योजनाओं के मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
  • यह गावं के स्तर पर विश्वसनीय योजनाओं को तैयार करने के लिए तंत्र विकसित करेगी और आगे चलकर सरकार के उच्च स्तर पर इसे शामिल करेगी। यह समाज के उन वर्गों पर विशेष ध्यान दिया जाना सुनिश्चित करेगी जिन पर आर्थिक प्रगति के पर्याप्त लाभ न मिलने का खतरा हो सकता है।
  • नीति आयोग राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं का साझा दृष्टिकोण विकसित करेगी।