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विजयनगर साम्राज्य: संगम राजवंश

संगम राजवंश, विजयनगर पर शासन करने वाला पहला वंश था.
Sep 19, 2014 11:25 IST
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विजयनगर पर शासन करने वाला यह पहला वंश था. संगम राजवंश के राजाओं की सूची और उनके कार्यों का संक्षिप्त विवरण निम्न प्रकार हैं:

हरिहर I (1336 ईस्वी -1356 ईस्वी)

यह बुक्का प्रथम के साथ संयुक्त रूप से विजयनगर साम्राज्य का संस्थापक था. यह वीर-हरिहर प्रथम के नाम से भी जाना जाता था. इसने 1336 ईस्वी से 1356 ईस्वी तक शासन किया.

बुक्का प्रथम(1356 ईस्वी 1377 ईस्वी)

यह हरिहर प्रथम के बाद सिंहासन पर बैठा था और लगभग 20 वर्षों तक शासन किया. उसने अपने शासन काल में 1360 ईस्वी में अर्काट के शम्भुवार्य और कोंडविन्दु  के रेड्डीयों को पराजित करके अपने साम्राज्य का विस्तार किया. उसने मदुरै के सुल्तान को भी हराया. इस तरह से उसने अपने साम्राज्य को विस्तृत करते हुए  दक्षिण में रामेश्वरम तक विस्तृत किया.

बुक्का के शासनकाल के दौरान, साम्राज्य की राजधानी विजयनगर में स्थापित की गयी जोकि पिछली राजधानी अनेगोंदी से ज्यादा सुरक्षित और सामरिक दृष्टि से मजबूत थी.

हरिहर राय द्वितीय(1377 ईस्वी -1404 ईस्वी)

बुक्का की मृत्यु के पश्चात हरिहर राय द्वितीय विजयनगर का अगला शासक बना. उसने पूर्व के शासकों के विस्तार नीति को जारी रखा और बहुत से बंदरगाह जैसे चौल, गोवा और दाभोल के ऊपर अपना नियंत्रण स्थापित किया. इसके अलावा उसने कोंडविन्दु के रेड्डीयों से श्रीशैलम और अदंकी क्षेत्रों पर विजय प्राप्त की. उसने वेदमार्ग प्रवर्तक  और वैदिक मार्गस्थापनाचार्य की उपाधि प्राप्त की.

वीरूपाक्ष राय (1404 ईस्वी -1405 ईस्वी)

इसने सिर्फ एक साल तक ही शासन कार्य किया और अंततः अपने पुत्र के द्वारा मार डाला गया. इसके पश्चात बुक्का प्रथम शासक बना. इसके पश्चात बुक्का राय द्वितीय शासक बना. इसके पश्चात देव राय प्रथम विजयनगर का अगला शासक बना.

देवराय प्रथम (1406 ईस्वी -1422 ईस्वी)

यह अपने शासन काल के दौरान हमेशा गुलबर्गा के बहमनी सुल्तान, कोंद्बिंदु के रेड्डीयों और तेलंगाना के वेलम्मों से युद्ध में लिप्त रहा. वह अपने क्षेत्रों पर नियंत्रण बनाये रखने में अत्यंत सफल एवं सक्षम शासक था.

वीर विजय बुक्का राय (1422 ईस्वी -1424 ईस्वी)

देव राय का शासन काल अत्यंत संक्षिप्त समय के लिए था. 1422 ईस्वी में रामचंद्र राय ने उसके पश्चात विजयानागर में शासन किया. इसके पश्चात्त वीर विजय बुक्का राय शासक बना. वीर विजय बुक्का राय के पश्चात देवराय द्वितीय शासक बना.

देवराय द्वितीय (1424 ईस्वी -1446 ईस्वी)

वह एक सफल राजा था. इसने बहमनी सुल्तान अहमदशाह प्रथम के आक्रमण को नाकाम कर दिया और 1432 ईस्वी में कोंडविन्दु पर विजय प्राप्त की. इसके अलवा उसने ओड़िसा के गजपति के ऊपर भी अपना नियंत्रण स्थापित किया. इसने लंका पर भी आक्रमण किया था और इस क्षेत्र के लोगो से भावभीनी श्रद्धांजलि भी प्राप्त की थी. वह कालीकट के शासक से भी श्रद्धांजलि प्राप्त करने में कामयाबी हासिल की थी.

प्रौढ़देवराय (1485ईस्वी)

देव राय द्वितीय के पश्चात मल्लिकार्जुन राय, वीरूपक्ष राय द्वितीय और प्रौढ़देवराय शासक बने. ये सभी कमजोर शासक थे. संगम वंश का अंतिम राजा प्रौढ़देव राय था. यह 1485 ईस्वी में अपने सक्षम कमांडर सलुव नरसिंह देव राय द्वारा राजधानी से बाहर निकल दिया गया.