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व्हेलिंग नियमन के लिए अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन

व्हेलिंग नियमन के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (आईसीआरडब्ल्यू) पर 2 दिसंबर 1946 को वॉशिंगटन डीसी में हस्ताक्षर किए गए थे। सम्मेलन का उद्देश्य नियमों की स्थापना करने के लिए आईडब्ल्यूसी की क्षमता को स्थापित करना था। जैसे-  सम्मेलन के लक्ष्यों और उद्देश्यों को पूरा करने और व्हेल संसाधनों के अधिकतम उपयोग प्रदान करने के लिए संरक्षण प्रदान करता है।
Dec 22, 2015 17:05 IST
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व्हेलिंग नियमन के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (आईसीआरडब्ल्यू) पर 2 दिसंबर 1946 को वॉशिंगटन डीसी में हस्ताक्षर किए गए थे। सम्मेलन का उद्देश्य नियमों की स्थापना करने के लिए आईडब्ल्यूसी की क्षमता को स्थापित करना था। जैसे-  सम्मेलन के लक्ष्यों और उद्देश्यों को पूरा करने और व्हेल संसाधनों के अधिकतम उपयोग प्रदान करने के लिए संरक्षण प्रदान करता है।

"व्हेल भंडारणों को उचित संरक्षण के लिए प्रदान करने और इस प्रकार व्हेलिंग उद्योग का व्यवस्थित विकास करने के क्रम में" 1946 में एक अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण समझौता हस्ताक्षर किए गए। यह 59 सदस्य देशों के वाणिज्यिक, वैज्ञानिक, और व्हेलिंग बचाओ प्रथाओं को नियंत्रित करता है।

इस पर 2 दिसंबर, 1946 को वाशिंगटन, डीसी में 15 देशों ने हस्ताक्षर किए और 10 नवंबर 1948 से यह प्रभावी हो गया था। इसके प्रोटोकॉल (जो सम्मेलन के पहले ठोस संशोधन और "व्हेल पकड़ने वाला" (व्हेल कैचर) की परिभाषा विस्तारित करने के साथ-साथ हेलीकाप्टरों तथा जहाजों को शामिल करने का प्रतिनिधित्व करता है) पर 19 नवंबर, 1956 को वाशिंगटन में हस्ताक्षर किए गए थे। यह सम्मेलन व्हेलिंग विनियमन के अंतरराष्ट्रीय समझौते का एक उत्तराधिकारी है जिस पर 8 जून, 1937 को लंदन में हस्ताक्षर किए। और इस समझौते के लिए प्रोटोकॉल पर 24 जून 1938 तथा 26 नवंबर, 1945 को लंदन में हस्ताक्षर किए गये थे।

समझौते के उद्देश्यों में अत्यधिक शिकार से सभी व्हेल प्रजातियों का संरक्षण करना, व्हेल मछली पालन के लिए अंतरराष्ट्रीय नियमन की एक प्रणाली की स्थापना करना है, जिससे व्हेल भंडारणों का उचित संरक्षण और विकास सुनिश्चित हो सके और व्हेल भंडारणों द्वारा भविष्य की पीढ़ियों, महान प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा का प्रतिनिधत्व करना शामिल है। इंटरनेशनल व्हेलिंग कमीशन इन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्राथमिक साधन है जिसकी स्थापना सम्मेलन के अनुसार की गयी थी। आयोग ने अनूसूची में कई संशोधन किये जिसने सम्मेलन का आकार और बड़ा कर दिया गया है। आयोग प्रक्रिया में सरकारों के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान आरक्षित किये गये हैं जिसमें व्हेल का शिकार भी शामिल है।

सम्मेलन की समाप्ति पर व्हेल भंडारणों को उचित संरक्षण उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया ताकि व्हेलिंग उद्योग को व्यवस्थित तरीके से विकसित किया जा सके।

इस समझौते के सहमति बिन्दु इस प्रकार हैं:-

अनुच्छेद I

I- इस सम्मेलन में वह अनूसूची संलग्न है जो इससे संबंधित अभिन्न भागों का निर्माण करती है। उपर्युक्त अनूसूची चाहे वह इसके वर्तमान की हो या फिर अनु्च्छेद V के प्रावधानों के साथ में, तदनुसार इसमें संशोधन सम्मेलन के सभी संदर्भ शामिल हैं।

II- यह सम्मेलन अनुबंधित सरकारों के अधिकार क्षेत्र के तहत जहाज के कारखानों, भूमि स्टेशनों और व्हेल शिकारियों पर लागू होता है। और सभी प्रकार के पानी जिसमें जहाज के कारखाने, भूमि स्टेशनों, और व्हेल पकड़ने वालों पर कार्रवाई की जाती है

अनुच्छेद द्वितीय

इस कन्वेंशन में प्रयोग किया गया: -

I. "लैंड स्टेशन" का अर्थ भूमि पर उस कारखाने से है जहाँ पर व्हेल या तो पूरी तरह या आंशिक रूप मापी जाती है ।

II. "व्हेल कैचर" का अर्थ जहाज से है जिसका उपयोग शिकार, रस्सा, पकडने के लिए किया जाता है।

III. "कन्ट्रोलिंग गवरमेंट" का मतलब सरकार से है जो अनुसमर्थन के एक साधन को जमा करने या इस सम्मेलन का पालन करने का नोटिस देती है

अनुच्छेद तृतीय

I. अनुबंधित सरकारें इंटरनेशनल व्हेलिंग कमीशन की स्थापना के लिए सहमत हो गईं हैं, जो आगे चलकर एक कमीशयन या आयोग के रूप में प्रत्येक अनुबंधित सरकार की ओर से एक सदस्य बनाएगा। प्रत्येक सदस्य को एक मत होगा और एक या एक से अधिक विशेषज्ञों और सलाहकारों के साथ हो सकता है।

II. आयोग अपने सदस्यों में एक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष से चुनाव करेगा और प्रक्रिया में अपने ही नियमों का पालन करेगा। आयोग का निर्णय उन सदस्यों के मतदान द्वारा साधारण बहुमत से लिया जाएगा। प्रक्रिया के नियम या आयोग की बैठक में से फैसले लिए जा सकते हैं।

III. आयोग अपने सचिव और स्टाफ स्वयं नियुक्त कर सकता है।

IV. आयोग की स्थापना इसके सदस्यों और विशेषज्ञों या सलाहकारों में से की जा सकती है या इस प्रकार की समीतियां वांछनीय कार्य करने के लिए प्राधिकृत की जा सकती हैं।

V. आयोग के प्रत्येक सदस्य और उनके विशेषज्ञों तथा सलाहकारों का खर्च का भुगतान स्वंय की सरकार द्वारा किया जाएगा।

VI. संयुक्त राष्ट्र से संबंधित विशेष एजेंसियां व्हेल मछली के पालन, संरक्षण और विकास के लिए स्वीकृत होंगी और इनसे उत्पन्न होने वाले उत्पादों कों प्रतिलिपिकरण, अनुबंधित सरकारों से बचाकर एक विशेष ढांचे के अंतर्गत लाना है जिसके प्रभाव में आने के बाद संयुक्त राष्ट्र से संबंधित ऐंजेसिंया आपस में सलाह लेगी।

VII. आयोग की आगामी बैठकें आयोग स्वयं निर्धारित कर सकता है।