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शाहजहां (1627-1658)

शाहजहां, जहांगीर और मारवाड़ के राणा की पुत्री एवं राजपूत राजकुमारी, का पुत्र था.
Aug 30, 2014 16:55 IST
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शाहजहां जहांगीर और मारवाड़ के राणा की पुत्री एवं राजपूत राजकुमारी, का पुत्र था. वह धर्म के प्रति विशिष्ट दृष्टिकोण रखता था और अधिक रूढ़िवादी भी था. उसके प्रमुख सलाहकारों में उसके श्वशुर आसफ खान, अली मर्दान और महाबत  खान शामिल थे.

ट्रेवर्नियर

फ्रांसीसी यात्री ट्रेवार्नियर शाहजहां के शासनकाल के दौरान मुग़ल साम्राज्य की यात्रा किया था. उसके अनुसार शाहजहाँ एक वैश्विक दृष्टिकोण रखता था. उसने शाहजहाँ का बहुत ही न्यायप्रिय शासक के रूप में वर्णन किया था. वह पेशे से एक जौहरी था. उसने शाहजहाँ के मयूर सिंहासन की लागत की गणना 65 लाख स्टर्लिंग के आसपास की थी.

प्रारंभिक वर्षों में विद्रोह

1636 ईस्वी में, जुझार सिंह नें बुंदेलखंड में विद्रोह कर दिया लेकिन वह मारा गया और विद्रोह को दबा दिया गया था. इसी तरह एक और विद्रोह भी उसी ढंग से दबा दिया गया था जो खाने जहाँ लोदी के द्वारा किया गया था.

मुमताज महल

मुमताज  महल का असली नाम अर्जुमंद बानो बेगम था. उसकी अपने 14 वें बच्चे गौहर बेगम के प्रसव के  दौरान, 1631 ईस्वी में मृत्यु हो गई थी. शाहजहां नें 1648 ईस्वी में उसकी स्मृति में ताजमहल का निर्माण करवाया था.

शाहजहां के पुत्र 

शाहजहां के चार पुत्र थे; जिनमें से प्रत्येक दारा शिकोह, शाह शुजा, औरंगजेब और मुराद को विभिन्न प्रान्तों का राज्यपाल बना दिया गया था. मुराद को गुजरात का राज्यपाल बनाया गया था, जबकि दारा शिकोह को मुल्तान और काबुल का राज्यपाल, औरंगजेब को दक्कन का,शाह शुजा को बंगाल का राज्यपाल, बनाया गया था.

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