Search

शेर के मुंह जैसा बन्दर-मकाक (मकाका सिलेनस): तथ्यों पर एक नजर

शेर के मुंह जैसा बन्दर-मकाक (वानर), एक पुरानी दुनिया का बन्दर (Old World monkey) है जो दक्षिण भारत के पश्चिमी घाटों में पाया जाता है। शेर के मुंह जैसा वाले मकाक के गर्दन पर शेर की तरह बड़े– बड़े बाल होते हैं और एक पूंछ होती है जिससे यह शेर जैसा दिखता है। इसका वैज्ञानिक नाम मकाका सिलेनस है।
Jul 19, 2016 16:23 IST
facebook Iconfacebook Iconfacebook Icon

शेर के मुंह जैसा बन्दर-मकाक (वानर), एक पुरानी दुनिया का बन्दर (Old World monkey) है जो दक्षिण भारत के पश्चिमी घाटों में पाया जाता है। शेर के मुंह जैसा बन्दर-मकाक के गर्दन पर शेर की तरह बड़े– बड़े बाल होते हैं और एक पूंछ होती है जिससे यह शेर जैसा दिखता है। इसके वन आवास को कृषिभूमि में तब्दील किए जा रहा है जिसकी वजह से यह अब विलुप्तप्राय प्राणी की श्रेणी में आ गया है। इसका वैज्ञानिक नाम मकाका सिलेनस है। नर वान्डरु के शरीर की लंबाई 51-61सेमी और मादा की लंबाई 46 सेमी होती है, पूंछ की लंबाईः नर – 25.4-38.6 सेमी/ मादा 25.4-32 सेमी और वजन: नर एवं मादा 5-10 किलोग्राम। 

इन्हें भी पढने के लिए नीचे क्लिक करें...

भारतीय गिद्ध विलुप्त क्यों हो रहे हैं– एक संपूर्ण विश्लेषण

हाथी: भारत का राष्ट्रीय विरासत पशु

शेर के मुंह जैसा बन्दर-मकाक का स्थानः भारत के पश्चिमी घाट

Jagranjosh

छवि स्रोत: commons.wikimedia.org

शेर की पूंछ जैसे मकाक की तस्वीरें:

Jagranjosh

Jagranjosh

छवि स्रोत: commons.wikimedia.org

तथ्यों पर एक नजरः

1. शेर की पूंछ वाला मकाक ( मकाका सिलेनस) या वान्डरु (वानर), पुरानी दुनिया का बन्दर (Old World monkey) है, जो दक्षिण भारत के पश्चिमी घाटों में पाया जाता है।
2. शेर की पूंछ वाला मकाक के गर्दन पर शेर की तरह बड़े– बड़े बाल होते हैं और एक पूंछ होती है जिससे यह शेर जैसा दिखता है।
3. इसके वन आवास को कृषिभूमि में तब्दील किए जा रहा है जिसकी वजह से यह अब विलुप्तप्राय प्राणी की श्रेणी में आ गया है।
4. इसका वैज्ञानिक नाम मकाका सिलेनस है।
5. नर वान्डरु के शरीर की लंबाई 51-61सेमी और मादा की लंबाई 46 सेमी होती है, पूंछ की लंबाईः नर – 25.4-38.6 सेमी/ मादा 25.4-32 सेमी और वजन: नर एवं मादा 5-10 किलोग्राम। 
6. इन बंदरों के गर्भावस्था की अवधि करीब छह माह की होती है। शिशुओं को एक वर्ष तक पाला जाता है।

जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान, बाघों का स्वर्गः तथ्य एक नजर में

7. मादा बंदर चार वर्ष की उम्र में यौवन प्राप्त करती हैं जबकि नर बंदर छह वर्षों में।
8. नर बंदरों में रदनक (केनाइन) दांत होते हैं हालांकि ये सिर्फ प्रतिद्वंद्वी नरों को दिखाने के लिए होते हैं।
9. शेर की मुंह जैसे नर मकाक समूह अपने क्षेत्र की रक्षा के लिए जोर– जोर से आवाजें निकालते हैं। इस संबंध में ये शेरों के जैसे ही होते हैं।
10. अन्य बंदरों की तुलना में इन्हें जंगल में रहने के लिए अधिक बड़ा इलाका चाहिए होता है।
11. ये बंदर (जंगलों में) करीब 20 वर्षों तक जीवित रहते हैं हालांकि अगर इन्हें चिड़ियाघर में रखा जाए तो ये 30 वर्षों तक जीवित रह सकते हैं।
12. अन्य मकाक की तरह ही ये भी मनुष्यों से बचते हैं।
13. समूह व्यवहार के मामले में, ये अन्य बंदरों के जैसे ही होते हैं, ये आम तौर पर 10 से 20 पशुओं के समूह में रहते हैं। इन समूहों में कुछ नर और ज्यादातर मादाएं होती हैं।
14. ये जंगलों में मुख्य रूप से देशी फल, पत्तियां, कलियां, कीड़े और छोटे कशेरुकी जंतुओं को खाते हैं। लेकिन इनके पसंदीदा भोजन में फल, बीज, टहनियां, रस, फूल, देवदारू का फल और फलों के बीच का हिस्सा शामिल है।
15. आईयूसीएन द्वारा किए गए हालिया अध्ययन के अनुसार केरल के कई इलाकों में इस प्रजाति के करीब 3000-3500 बंदर हैं।

पर्यावरण और पारिस्थितिकीय क्विज हल करने के लिए यहाँ क्लिक करें