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हिम तेंदुआः महत्वपूर्ण तथ्यों पर एक नजर

हिम तेंदुआ (पैंथेरा अनिसया सिंक. अनिसया) एक बड़ी बिल्ली है जो मध्य और दक्षिण एशिया के पहाड़ी क्षेत्र में पाई जाती है। यह IUCN की लाल सूची में विलुप्तप्राय प्रजातियों में सूचिबद्ध है। वर्ष 2013 में लगाए गए अनुमानों के अनुसार इन तेंदुओं की वैश्विक आबादी 4,080 से 6,590 के बीच थी। ये तेंदुए 30 फीट तक छलांग लगा सकते हैं।
Jul 21, 2016 10:32 IST
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हिम तेंदुआ ( पैंथेरा अनिसया सिंक. अनिसया अनिसया) एक बड़ी बिल्ली है जो मध्य और दक्षिण एशिया के पहाड़ी क्षेत्र में पाई जाती है। यह आईयूसीएन की लाल सूची में विलुप्तप्राय प्रजातियों में सूचिबद्ध है। वर्ष 2013 में लगाए गए अनुमानों के अनुसार इन तेंदुओं की वैश्विक आबादी 4,080 से 6,590 के बीच थी, जिनमें से 2,500 से कुछ कम तेंदुओं द्वारा जंगल में प्रजनन करने का अनुमान भी लगाया गया था। ये तेंदुए 50 फीट (15 मीटर) तक छलांग लगा सकते हैं।

हिम तेंदुआ का स्थान (Location of Snow Leopard):

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छवि स्रोत:www.deseretnews.com

हिम तेंदुआ की तस्वीर:

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तस्वीर स्रोत :www.centralasiarally.com

हिम तेंदुआ के बारे में–

1. हिम तेंदुए मध्य एशिया के पहाड़ों में 9,800 और  17,000 फीट की उंचाई पर पाए जाते हैं। ये अफगानिस्तान से कजाकिस्तान, रूस, उत्तर में भारत और पूर्व में चीन तक पाए जाते हैं। चीन में हिम तेंदुआ की कुल आबादी के करीब 60% तेंदुए हैं। ये मंगोलिया के कुछ हिस्सों से विलुप्त हो चुके हैं। मंगोलिया इनका मुख्य निवास स्थान हुआ करता था।

2. आईयूसीएन की लाल सूचि में ये संकटग्रस्त प्रजातियों की सूची में हैं।

3. नवीनतम अनुमानों के अनुसार, हिम तेंदुओं की वैश्विक आबादी करीब 4,080–6,590 व्यस्कों की हैं, जिनमें से 2,500 से कुछ कम के जंगलों में फिर से प्रजनन करने का भी अनुमान है।

4. हिम तेंदुआ, अफगानिस्तान और पाकिस्तान का राष्ट्रीय विरासत पशु है।

5. वर्गीकरण के आधार पर, हिम तेंदुआ को 1930 के दशक के आरंभ में अनिसया वर्ग में रखा गया था।

6. हिम तेंदुआ तिब्बत और हिमालय के पहाड़ों में मिलने वाले नीले भेड़ (भारल) को खाते हैं।

7. हालांकि ये शक्तिशाली शिकारी अपने से तीन गुना अधिक वजन वाले पशुओं की भी हत्या कर सकते हैं। ये अपने से कई गुना छोटे जैसे मारमोट, खरहे और गेम बर्ड्स को भी खाते हैं।

8. परंपरागत चीनी दवाओं में इनके शरीर के अंगों का इस्तेमाल होता है। इसलिए अवैध रूप से इनका शिकार कर व्यापार किया जाता है। इसी वजह से इन तेंदुओं की संख्या तेजी से कम हो रही है।

9. अन्य बड़ी बिल्लियों की तुलना में हिम तेंदुआ थोड़े से ही छोटे होते हैं लेकिन इनके आकार में विविधता देखने को मिलती है। आमतौर पर इनका वजन 27 से 55 किलो के बीच रहता है।

10. हिम तेंदुआ एक ठंडी, पहाड़ी वातावरण में अलग– अलग अनुकूलन दिखाते हैं। उनका शरीर गठीला होता है, खाल मोटी और कान छोटे एवं गोलाकार होते हैं, ये सभी इनके शरीर से खोने वाली गर्मी को कम करता है।

व्यवहार

हिम तेंदुए खड़ी चट्टान क्षेत्रों और कंदराओं में निवास करना पसंद करते हैं। ये निवास स्थान शिकार करने के लिए उन्हें छलावरण प्रदान करते हैं। ये अपने शिकार का छिप कर इंतजार करते हैं और आमतौर पर 20 – 50 फीट की दूरी से हमला करते हैं। लंबे और शक्तिशाली पिछले हिस्से की वजह से हिम तेंदुआ 30 फीट की दूरी तक छलांग लगा सकता हैं। यह दूरी इनके शरीर की लंबाई के छह गुणा अधिक है।

क्या आप जानते हैं?

हिम तेंदुआ की आंखें हरी या ग्रे रंग की होती है जो बड़ी बिल्लियों में असामान्य है। आम तौर पर बड़ी बिल्लियों की आंखें पीली या सुनहरे रंग की होती है।

हिम तेंदुए, सुबह और शाम में सक्रिए होते और जंगल में बहुत कम दिखाई देते हैं। अन्य बड़ी बिल्लियों के जैसे, हिम तेंदुए दहाड़ नहीं सकते। एकान्त में रहने वाले ये तेंदुए प्रजनन काल के दौरान ही सिर्फ जोड़ों में रहते हैं।

प्रजनन

संभोग का समयः जनवरी और मध्य मार्च के बीच

गर्भावस्थाः 3-3 ½ माह

शिशु की संख्याः 2-3 शावक

मादा चट्टानी गुफाओं में बच्चे को जन्म देती हैं। तीन माह के उम्र में ही शावक अपने मां के साथ हो जाते हैं और पहली सर्दियों में मां के साथ रहते हैं।

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