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फ़तेहपुर सीकरी:मुगलकालीन स्थापत्य का नमूना

फ़तेहपुर सीकरी  का निर्माण सोलहवीं सदी के उत्तरार्द्ध में मुगल बादशाह अकबर ने कराया था| फ़तेहपुर सीकरी  मात्र दस वर्षों तक मुगल साम्राज्य की राजधानी रही थी| अकबर ने फ़तेहपुर सीकरी में रहने वाले सूफी संत शेख सलीम चिश्ती के सम्मान में अपनी राजधानी को आगरा से फ़तेहपुर सीकरी स्थानांतरित कर दिया था| युनेस्को ने इसे ‘विश्व विरासत स्थल’ का दर्जा प्रदान किया है|
Mar 17, 2016 10:18 IST
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फ़तेहपुर सीकरी का निर्माण सोलहवीं सदी के उत्तरार्द्ध में मुगल बादशाह अकबर ने कराया था| फ़तेहपुर सीकरी  मात्र दस वर्षों तक मुगल साम्राज्य की राजधानी रही थी| अकबर ने फ़तेहपुर सीकरी में रहने वाले सूफी संत शेख सलीम चिश्ती के सम्मान में अपनी राजधानी को आगरा से फ़तेहपुर सीकरी स्थानांतरित कर दिया था| यहाँ स्थित सभी स्मारकों में एक जैसी स्थापत्य शैली का प्रयोग किया गया है| युनेस्को ने इसे ‘विश्व विरासत स्थल’ का दर्जा प्रदान किया है|

फ़तेहपुर सीकरी में स्थित कुछ प्रमुख इमारतें

अनूप तालाबइसके मध्य में स्थित मंच का प्रयोग गायन प्रतियोगिताओं के लिए किया जाता था|

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(अनूप तालाब)

पंचमहल: यह पाँचमंज़िला संरचना है, जिसकी प्रत्येक मंजिल का आकार ऊपर की ओर क्रमशः कम होता जाता है और अंततः पाँचवी मंजिल एक गुंबदनुमा छतरी में बदल जाती है| ऐसा माना जाता है कि इसका निर्माण दरबार की औरतों के लिए किया गया था|

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(पंचमहल, फ़तेहपुर सीकरी)

दीवान-ए-खास: यह वह स्थान है जहाँ अकबर कुछ खास लोगों से मिलता था और विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों के साथ धार्मिक चर्चाएँ किया करता था |

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(दीवान-ए-खास का मुख्य स्तम्भ)

बुलंद दरवाजा: इस दरवाजे का निर्माण अकबर ने गुजरात विजय के उपलक्ष्य में कराया था| इस दरवाजे के केंद्रीय भाग पर अंकित शिलालेख में अकबर की धार्मिक उदारता का वर्णन किया गया है| इस सबसे बड़े दरवाजे के निर्माण में लगभग 12 साल लगे थे|

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(बुलंद दरवाजा, फ़तेहपुर सीकरी)

जामा मस्जिद: फ़तेहपुर सीकरी की जामा मस्जिद यहाँ सबसे पहले निर्मित होने वाली इमारतों  में से एक है, क्योंकि इस पर उत्कीर्ण अभिलेख के अनुसार इसका निर्माण कार्य 1571-72 ई. में पूरा हो गया था |

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(जामा मस्जिद, फ़तेहपुर सीकरी)

सलीम चिश्ती का मकबरा: इस मकबरे का निर्माण जामा मस्जिद परिसर में ही,शेख सलीम चिश्ती (1478–1572) के सम्मान में सफ़ेद संगमरमर से किया गया था| यह एकमंजिला इमारत है|

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(सलीम चिश्ती का मकबरा, फ़तेहपुर सीकरी)

फ़तेहपुर सीकरी से संबन्धित अन्य तथ्य:

  1. फ़तेहपुर सीकरी  उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में स्थित एक ऐतिहासिक शहर है| पूर्व में इस शहर का नाम विजयपुर सीकरी (सिकरवार राजपूत वंश) था लेकिन बाद में जब अकबर ने 1569 ई. में इसकी स्थापना की और फ़तेहपुर सीकरी नाम दिया| 
  2. अकबर ने इसका नाम ‘फतेहाबाद’ रखा था लेकिन बाद में इसे फ़तेहपुर सीकरी के नाम से जाना जाने लगा|
  3. चित्तूर और रणथंभौर की विजय के बाद अकबर ने सूफी संत शेख सलीम चिश्ती के सम्मान में अपनी राजधानी को आगरा से सीकरी स्थानांतरित कर दिया था|
  4. 1927 के खानवा युद्ध के समय बाबर यहाँ आया था और उसने अपने संस्मरणों में इसका ‘सीकरी’ नाम से उल्लेख किया है| उसने खानवा के युद्ध में प्राप्त विजय के उपलक्ष्य में यहाँ एक बगीचे और झील से चारों ओर से घिरे जल महल का निर्माण कराया था|
  5. सीकरी मुगलों द्वारा स्थापित पहला नियोजित शहर था|
  6. इस शहर (सीकरी) में जामा मस्जिद, इबादत खाना (पूजा स्थल),बुलंद दरवाजा,शेख सलीम चिश्ती का मकबरा, पंचमहल,ख्वाबगाह,अनूप तालाब,चौपड़, शाही बाजार,मीना बाजार, दीवान-ए-खास, बीरबल निवास आदि इमारतें स्थित हैं|
  7. आस-पास के क्षेत्रों से आसानी से प्राप्त होने के कारण लाल पत्थर का प्रयोग यहाँ की इमारतों में किया गया है|
  8. फ़तेहपुर सीकरी की स्थापना 3 किमी. लंबी और 1 किमी. चौड़ी चट्टानी पहाड़ी पर की गयी है|
  9. यह तीन ओर से 6 किमी. लंबी दीवार और चौथी ओर से एक झील द्वारा घिरा हुआ है|
  10. इसका निर्माण भारतीय सिद्धांतों के आधार पर तुहिर दास और ध्रुव चावला जैसे स्थापत्यविदों ने किया था|

Image courtesyhttp://asi.nic.in/asi_monu_whs_fatehpursikri.asp

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