भारत में भूतपूर्व राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं

भारत में प्रोटोकॉल सूची यानी महत्वपूर्ण पदों के पदानुक्रम में विभिन्न पदाधिकारियों का वरीयता क्रम भारत सरकार के कार्यालय के अनुसार सूचीबद्ध है. इसे राष्ट्रपति के कार्यालय के माध्यम से जारी किया जाता है और उनके वेतन, उनको मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी जाती है इत्यादि.

ये हम सब जानते हैं कि राष्ट्रपति, भारत का राज्य प्रमुख होता है. वह भारत का प्रथम नागरिक है और राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं सुद्रढ़ता का प्रतीक है. हम कह सकते हैं कि राष्ट्रपति राज्य का प्रमुख होता है, जबकि प्रधानमंत्री सरकार का प्रमुख.

केंद्र की समस्त कार्यपालिका शक्तियां राष्ट्रपति में निकीत होती हैं जिनका प्रयोग वह स्वयं या अपने अधीनस्थों के माध्यम से करता है. भारत के सभी कार्य उसी के नाम से संचालित किए जाते हैं.

दूसरी तरफ प्रधानमंत्री भारत की राजनैतिक प्रणाली में मंत्रिमंडल का वरिष्ठ सदस्य होता है.

हमारे संविधान के अनुसार भारत का प्रधानमंत्री सरकार का मुखिया, भारत के राष्ट्रपति का मुख्य सलाहकार, मंत्रिपरिषद का मुखिया तथा लोकसभा में बहुमत वाले दल का नेता होता है. वह भारत सरकार के कार्यपालिका का नेतृत्व करता है.

भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को अपने कार्यकाल में विभिन्न प्रकार की  सुविधाएं दी जाती है. जैसे:

भारत के राष्ट्रपति का वेतन 5 लाख प्रति माह + अन्य भत्ते जिसमें नि: शुल्क चिकित्सा, आवास और नि: उपचार की सुविधा (पूरी जिंदगी) प्रदान की जाती हैं. हालांकि राष्ट्रपति के आवास, स्टाफ, खाना, मेहमान नवाजी जैसे अन्य खर्चों पर भारत सरकार तकरीबन सालाना 22.5 करोड़ रुपये खर्च करती है.

वही अगर हम बात करें भारत के प्रधानमंत्री की तो उनका वेतन 1.6 लाख प्रति माह + अन्य भत्ते जिसमे नि: शुल्क चिकित्सा, आवास और नि: उपचार की सुविधा (पूरी जिंदगी) प्रदान की जाती हैं आदि.

परन्तु क्या आपने कभी सोचा है कि रिटायरमेंट के बाद राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को किस प्रकार की सुविधाएं मिलती हैं, क्या उनकी सुरक्षा व्यवस्था पहले जैसी होती है, वह कहां रहते है आदि के बारे में आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं.

जानें भारत के प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था कैसी होती है?

भारत के भूतपूर्व राष्ट्रपति को किस प्रकार की सुविधाएं मिलती हैं?

इससे पहले हम आपको बता दें कि भारत के प्रोटोकॉल सूची में विभिन्न पदाधिकारियों और अधिकारियों का वरीयता क्रम भारत सरकार के कार्यालय के अनुसार सूचीबद्ध है. इस प्रोटोकॉल सूची को भारत के राष्ट्रपति के कार्यालय के माध्यम से जारी किया गया है और इसकी देख-रेख गृह मंत्रालय द्वारा की जाती है. इसी सूची में अन्य पदाधिकारियों के साथ भारत के भूतपूर्व राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं के बारे में बताया गया है.

भारत के भूतपूर्व राष्ट्रपति को:


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- Rs 1.5 लाख मासिक पेंशन (7वें वेतन आयोग के बाद)

- राष्ट्रपति अनुमोदन अधिनियम के अनुसार पूर्व राष्ट्रपति को सचिवीय कर्मचारियों और कार्यालय के लिए 60,000 सालाना रुपये तक खर्च करने का प्रावधान है.

- जिंदगी भर के लिए किराया मुक्त तैयार घर वो भी 8 कमरों का लगभग.

- 2 लैंडलाइन, एक मोबाइल फोन, ब्रॉडबैंड और इंटरनेट कनेक्शन

- मुफ्त बिजली और पानी

- कार और ड्राइवर

- नि:शुल्क चिकित्सा सहायता और पूरे भारत में प्रथम श्रेणी टिकट से ट्रेन और हवाई जहाज यात्रा एक व्यक्ति के साथ.

- 5 लोगों का व्यक्तिगत स्टाफ और मुफ़्त वाहन सभी सुविधाओं के साथ

- दिल्ली पुलिस की सिक्यूरिटी और 2 सेक्रेटरी

हम आपको बता दें कि भारत के भूतपूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, 10, राजाजी मार्ग लुटियंस दिल्ली में, जो आठ कमरे का  दो मंजिला विला है और 11,776 वर्ग फुट में फैला हुआ है, में रहते हैं. इस विले ने पहले एपीजे अब्दुल कलाम की मेजबानी की है. उनकी सुरक्षा का उत्तरदायित्व दिल्ली पुलिस को सौंपा गया है. परन्तु समय के साथ-साथ उनकी सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव होते रहते है. जैसे कि हाली में वे जब नागपुर गए तो उनके लिए कड़ी सुरक्षा का इतजाम किया गया था.

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भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री को कौन सी सुविधाएं दी जाती हैं?


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सभी भूतपूर्प्रधानमंत्रियों को एक केबिनेट मंत्री के बराबर की सुविधाएँ मिलती हैं जिनमें शामिल हैं:

- आजीवन मुफ्त आवास

- नि:शुल्क चिकित्सा सहायता

- 14 लोगों का सचिव स्टाफ

- छह घरेलू स्तर के हवाई टिकट (एग्जीक्यूटिव क्लास)

- पूरी तरह फ्री रेल यात्रा

- 5 साल तक ऑफिस का पूरा खर्च

- एक साल तक SPG सुरक्षा

- ज़िंदगीभर के लिए मुफ्त बिजली और पानी

- पांच साल के बाद: एक निजी सहायक और पिओन, वायु और ट्रेन यात्रा, कार्यालय खर्च के लिए सालाना 6,000 रुपये.

आइये कुछ और सुविधाओं से सम्बंधित तथ्यों पर नज़र डालते हैं

- प्रधानमंत्री का पद छोड़ने के बाद केवल पांच साल के लिए 14 लोगों का सचिव स्टाफ की अनुमति है. लेकिन वाजपेयी सरकार ने भूतपूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव और गुजराल दोनों को इसमें विस्तार करने की अनुमति दी थी.

- क्या आप जानते हैं कि 2002 में नारसिम्हा राव के निवास पर 24 SPG कारें और 25 गुजराल के निवास पर ड्यूटी पर रहती थीं.

- 2003 में, SPG का वार्षिक बजट 75,000 करोड़ रुपये था जिसमें 3,000 से अधिक पुरुष थे. फिर, लोकसभा ने विशेष सुरक्षा समूह (संशोधन) विधेयक पारित किया जो कार्यालय छोड़ने के एक साल बाद पूर्व प्रधानमंत्रियों के SPG कवर को सीमित करता है यानी कि पूर्व प्रधानमंत्री को एक साल तक ही SPG सुरक्षा प्रदान की जाएगी.

ऐसा कहना गलत नहीं होगा कि भारत में पूर्व राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री करदाताओं के खर्च पर लाभ का आनंद लेते हैं.

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