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थोक मूल्य सूचकांक और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के बीच क्या अंतर होता है?

थोक मूल्य सूचकांक (WPI) और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) देश में मुद्रास्फीति की गणना के लिए दो व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले सूचकांक हैं. भारत मुद्रास्फीति की गणना करने के लिए थोक मूल्य सूचकांक का उपयोग करता है, जबकि अधिकांश देशों में मुद्रास्फीति नापने के लिए CPI का इस्तेमाल किया जाता है. इस लेख में WPI और CPI के बीच अंतर बताये गये हैं.

मुद्रास्फीति का अर्थ:

मुद्रास्फ़ीति, बाज़ार की एक ऐसी स्थिति है जिसमें वस्तुओं और सेवाओं की कीमत एक समयावधि में लगातार बढ़ती जाती हैं. अतः मुद्रा स्फीति की स्थिति में मुद्रा की कीमत कम हो जाती है.

मुद्रा स्फीति की गणना करने के लिए बहुत से मेथड इस्तेमाल किये जाते हैं जैसे; थोक मूल्य सूचकांक, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक, उत्पादक मूल्य सूचकांक, कमोडिटी मूल्य सूचकांक, जीवन निर्वाह व्यय सूचकांक, कैपिटल गुड्स प्राइस इंडेक्स और जीडीपी डेफ्लेटर. लेकिन थोक मूल्य सूचकांक और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का इस्तेमाल पूरी दुनिया में सबसे अधिक किया जाता है.

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI)क्या है?

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक; घरेलू उपभोक्ताओं द्वारा खरीदी गयी वस्तुओं और सेवाओं (goods and services) के औसत मूल्य को मापने वाला एक सूचकांक है. हम लोग रोजमर्रा की जिंदगी में आटा, दाल, चावल, ट्यूशन फीस आदि पर जो खर्च करते है;  इस पूरे खर्च के औसत को ही उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के माध्यम से दर्शाया जाता है. इसमें 8 प्रकार के खर्चों को शामिल किया जाता है. ये हैं; शिक्षा, संचार, परिवहन, मनोरंजन, कपडे, खाद्य & पेय पदार्थ, आवास और चिकित्सा खर्च.

(प्याज का खुदरा विक्रेता)

 

थोक मूल्य सूचकांक (WPI) क्या है?

थोक मूल्य सूचकांक (WPI) की गणना थोक बाजार में उत्पादकों और बड़े व्यापारियों द्वारा किये गए भुगतान के आधार पर की जाती है. इसमें उत्पादन के प्रथम चरण में अदा किये गए मूल्यों की गणना की जाती है. भारत में मुद्रा स्फीति की गणना इसी सूचकांक के आधार पर की जाती है.

(प्याज का थोक विक्रेता)

WPI और CPI के बीच अंतर इस प्रकार है;

तुलना का आधार

थोक मूल्य सूचकांक (WPI)

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI)

 अर्थ (Meaning)

  इसकी गणना थोक बाजार में उत्पादकों और बड़े व्यापारियों द्वारा किये गए भुगतान के आधार पर की जाती है.

 इसकी गणना उपभोक्ताओं द्वारा बाजार में किये गए भुगतान के आधार पर की जाती है.

 कौन प्रकाशित करता है

  आर्थिक सलाहकार कार्यालय (वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय)

 केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय)

 किसका मूल्य नापा जाता है

  केवल वस्तुओं का

 वस्तुओं और सेवाओं दोनों का

 मुद्रास्फीति की  गणना कब की जाती है

  पहले चरण के भुगतान के आधार पर  

  सबसे आखिरी चरण के भुगतान के आधार पर  

 किसके भुगतान को ध्यान में रखा जाता है

  उत्पादक और थोक व्यापारी

  उपभोक्ता

 कितनी वस्तुओं का मूल्य गिना जाता है

  697 (प्राथमिक वस्तुएं, ईंधन और बिजली और विनिर्मित उत्पाद)

  448(ग्रामीण)

  460 (शहरी)

 किस प्रकार की वस्तुएं शामिल की जातीं हैं

  औद्योगिक वस्तुएं और मध्यवर्ती वस्तुएं जैसे खनिज, मशीनरी, बुनियादी धातु आदि.

  शिक्षा, संचार, परिवहन, मनोरंजन, कपड़े,  खाद्य और पेय पदार्थ, आवास और चिकित्सा खर्च

 आधार वर्ष  

  2011-12

  2012

 कितने देशों में इस्तेमाल  किया जाता है

  भारत सहित केवल कुछ देशों में

  अमेरिका सहित विश्व के 157 देशों में

आंकड़े कब प्रकाशित किये जाते हैं

  प्राथमिक वस्तुएं, ईंधन और बिजली (साप्ताहिक आधार पर)

 अन्य सभी वस्तुओं पर या ओवरआल (एक महीने में)

  एक महीने में

 उम्मीद है कि उपरोक्त तालिका के आधार पर यह जान गए होंगे कि थोक मूल्य सूचकांक और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में क्या अंतर होता है.

क्या मुद्रा स्फीति हमेशा ही अर्थव्यवस्था के लिए ख़राब होती है?

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