शिव नाडार: जीवनी, करियर, नेट वर्थ और अवार्ड्स

भारत की जानी मानी टेक कंपनी HCL टेक्नोलॉजी के चेयरमैन शिव नाडार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.यह पद अब उनकी बेटी रोशनी नाडार मल्होत्रा संभालेंगी.HCL कंपनी की स्थापना,शिव नाडार ने अगस्त 1976 में एक गैरेज में की थी. आइये इस लेख में शिव नाडार की जीवनी के बारे में जानते हैं.
Created On: Jul 17, 2020 17:01 IST
Modified On: Jul 17, 2020 17:01 IST
Shiv Nadar with daughter Roshni
Shiv Nadar with daughter Roshni

शिव नाडार के बारे में व्यक्तिगत जानकारी:-

पूरा नाम:        शिव नाडार 

जन्म:            1 4 जुलाई 1945 (आयु 75)

जन्म स्थान: मूलैपोजी  गाँव, तूतीकोरीन जिला, तमिलनाडु, 

माता:        वामासुन्दरी देवी

पिता:         शिवसुब्रमनियन नाडार

राष्ट्रीयता: भारतीय

शिक्षा:     PSG कॉलेज ऑफ़ टेक्नोलॉजी,कोयंबटूर 

पद:          एचसीएल टेक्नॉलोजीज के संस्थापक तथा अध्यक्ष (इस्तीफ़ा दिया)

कुल संपत्ति: $15.8 बिलियन (फोर्ब्स के अनुसार 17 जुलाई, 2020)

पत्नी: किरण नाडार

लड़की: रोशनी नाडार मल्होत्रा

पुरस्कार: पद्मभूषण (2008)

शिव नाडार का शुरूआती जीवन और शिक्षा:

शिव नाडार का जन्म 1945 में मुल्यापोजी गाँव में थुलुकुडी जिले, तमिलनाडु में हुआ था. उनके पिता शिवसुब्रमण्य नादर और मां वामसुंदरी देवी थीं. शिव नाडार की एक मात्र बेटी है जिसका नाम रोशनी नाडार मल्होत्रा है.

ROSHNI-shiv-nadar-daughter

नाडार ने टाउन हायर सेकेंडरी स्कूल, कुंभकोणम से पढ़ाई की थी. इसके अलावा उन्होंने एलंगो कॉर्पोरेशन हायर सेकेंडरी स्कूल, मदुरै में अध्ययन किया था. बाद में नाडार ने सेंट जोसेफ बॉयज़ हायर सेकेंडरी स्कूल, त्रिची में दाखिला लिया और यहाँ हाई स्कूल की शिक्षा पूरी की. 

नादर ने अमेरिकन कॉलेज, मदुरै में प्री-यूनिवर्सिटी की डिग्री और पीएसजी कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी, कोयंबटूर से इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में डिग्री प्राप्त की थी.

शिव नाडार का शुरुआती करियर 

शिव नाडार ने अपने करियर की शुरुआत 'वालचंद समूह के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पुणे (COEP) से 1967 में की थी. लेकिन उन्होंने नौकरी छोड़कर अपने साथी अजय चौधरी (पूर्व चेयरमैन, एचसीएल), अर्जुन मल्होत्रा (सीईओ और चेयरमैन, हेडस्ट्रॉन्ग), सुभाष अरोड़ा, योगेश वैद्य, एस. रमन, महेंद्र प्रताप और डीएस पुरी की मदद से अगस्त 1976 में एक गैरेज में  एचसीएल (हिंदुस्तान कम्प्यूटर्स लिमिटेड) इंटरप्राइजेज की स्थापना की थी. 

1980 में, एचसीएल ने आईटी हार्डवेयर बेचने के लिए सिंगापुर में कंप्यूटर बेचने की शुरुआत के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कदम रखा था. कंपनी को पहले वित्त वर्ष में 10 लाख रुपये की आय हुई थी. इसके बाद कंपनी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और वित्त वर्ष 2020 में कंपनी को पहली तिमाही में 2925 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है.

शिव नाडार को अवार्ड्स 

वर्ष 2008 में, भारत सरकार ने आईटी उद्योग में शिव नाडार के योगदान के लिए उनको पद्मभूषण, भारत का तीसरा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, से सम्मानित किया था. इसके अलावा भी उनको कई बार प्रतिष्ठित पत्रिकाओं द्वारा भारत और विश्व के सबसे शक्तिशाली लोगों में भी शामिल किया जा चुका है. अपने क्षेत्र में महारत हासिल करने के अलावा वे सामाजिक कल्याण के लिए भी अब तक 1 अरब डॉलर का डोनेशन भी कर चुके हैं.

फ़िलहाल उन्होंने अपनी नयी पीढ़ी अर्थात अपनी बेटी को HCL कंपनी का चेयरमैन बना दिया है.हालांकि वे कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर पद पर बने रहेंगे. उम्मीद है कि उनकी यह नयी पारी भी पिछली पारी की तरह ही उपलब्धियों से भरी हुई होगी.

 

K.V. कामथ: जीवनी, कैरियर और उपलब्धियां


जानिये डॉनल्ड ट्रम्प के बारे में 15 रोचक तथ्य

Comment ()

Post Comment

6 + 3 =
Post

Comments