उत्तर प्रदेश में कौन-सा जिला कहलाता है ‘संगीत का शहर’, जानें यहां
उत्तर प्रदेश में आपने अलग-अलग शहरों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। यूपी के प्रत्येक शहर की अपनी विशेषता है। इस कड़ी में क्या आप जानते हैं कि यूपी में कौन-सा जिला संगीत का शहर भी कहलाता है। यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
उत्तर प्रदेश भारत का विविध संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत वाला राज्य है। यहां की विरासत में संगीत की धुनें भी शामिल हैं, जिन्होंने न सिर्फ राग दिए, बल्कि कई बड़े घरानों को आकार दिया और उन घरानों से निकलने वाले कलाकारों को विश्व पटल पर पहचान दी। यही वजह है कि आज उत्तर प्रदेश के विभिन्न संगीत घराने वैश्विक स्तर पर पहचाने जाते हैं।
आपने प्रदेश के अलग-अलग जिलों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि यूपी का वह जिला कौन-सा है, जिसे संगीत का शहर भी कहा जाता है। कौन-सा है यह जिला, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
यूपी में कुल कितने जिले हैं
उत्तर प्रदेश पूरे भारत में सबसे अधिक जिले वाला राज्य है। यहां कुल 75 जिले हैं, जो कि 18 मंडलों में आते हैं। ये मंडल कुल चार संभागों में आते हैं, जिनमें पूर्वांचल, मध्यांचल, पश्चिमांचल और बुंदेलखंड शामिल है। इसके अतिरिक्त, यहां 351 तहसील, 17 नगर निगम, 28 विकास प्राधिकरण और 5 विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण मौजूद हैं।
उत्तर प्रदेश में कौन-सा जिला कहलाता है संगीत का शहर
अब सवाल है कि यूपी में कौन-सा जिला संगीत का शहर कहलाता है, तो आपको बता दें कि यह वाराणसी जिला है। इस शहर को हम संगीत के शहर के रूप में भी जानते हैं।
क्यों कहा जाता है संगीत का शहर
वाराणसी शहर भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रमुख केंद्र रहा है। साल 2015 में वाराणसी को UNESCO द्वारा अपनी क्रिएटिव सिटीज नेटवर्क की सूची में संगीत के शहर में चुना था। वहीं, वाराणसी बनारस घराने का जन्मस्थान भी है। यहां से कई प्रमुख संगीत कलाकार भी निकले हैं, जिससे वाराणसी को संगीत का शहर भी कहा जाता है।
क्या है बनारस घराना
बनारस घराना वाराणसी के प्रमुख घरानों में शामिल है। इसमें गायन और वादन, दोनों ही शामिल होता है। इसकी प्रमुख शैलियों की बात करें, तो बनारस घराना, ठुमरी, टप्पा, चैती, दादरा, कजरी और होरी इसमें शामिल है। वहीं, तबला वादन में भी बनारस घराना अलग पहचान रखता है। कथक से भी बनारस घराने का नाता है।
वाराणसी के प्रमुख कलाकार कौन-से हैं
वाराणसी से कई महान संगीतकार और कलाकार निकले हैं, जिन्होंने वैश्विक पटल पर परचम लहराया है। इनमें प्रसिद्ध शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्लाह खान, प्रसिद्ध सितार वादक पंडित रविशंकर, प्रसिद्ध ठुमरी गायिका गिरिजा देवी, प्रसिद्ध तबला वादक पंडित सामता प्रसाद मिश्र और शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल मिश्र हैं। मिश्र ने हाल ही में अंतिम सांस ली है।
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