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अम्फान तूफान (Amphan Cyclone) क्या है और इसका नाम कैसे पड़ा?

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार पिछले 6 घंटों के दौरान चक्रवात अम्फान उत्तर-उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ा है. आगे चक्रवाती तूफान के रूप में कमजोर हो गया और बांग्लादेश, कोलकाता के करीब 270 किमी दूर उत्तर-उत्तरपूर्व में स्थित है.
May 21, 2020 11:52 IST
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Cyclone Amphan
Cyclone Amphan

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अनुसार, चक्रवात का प्रभाव कोरोनोवायरस से भी बदतर है. उन्होंने कहा कि तीन जिले दक्षिण और उत्तर 24 परगना और पूर्वी मिदनापुर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. चक्रवात के कारण लगभग 12 लोग मारे गए हैं, कोलकाता और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भारी तबाही हुई है. राज्य के निचले इलाकों में हजारों घर तबाह हो गए हैं. चक्रवात अम्फन के कारण 20 मई, 2020 को दोपहर लगभग 2:30 बजे पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों में भूस्खलन हुआ.

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी असम और मेघालय में भारी से बहुत भारी वर्षा और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश होने की संभावना है.  गुरुवार (21 मई, 2020) को गुजरात और पश्चिम मध्य प्रदेश और विदर्भ में 21 मई से 24 मई तक हीटवेव की संभावना है. IMD ने राजस्थान, पूर्वी मध्य प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और रायलसीमा में 22 मई -24 मई के दौरान और 23 मई -24 मई के दौरान उत्तर प्रदेश में भी हीटवेव (heatwave) की संभावना बताई है.

इस तरह की हवाएँ एस एन प्रधान के अनुसार कोलकाता शहर में कभी नहीं देखी गईं. शहर के कई पेड़ उखड़ गए हैं. कोलकाता के कई लोग बिजली के बिना हैं और संचार बाधित हो गया है. कुछ सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में, मोबाइल फोन भी काम नहीं कर रहे हैं. स्थानीय समाचार नेटवर्क के अनुसार कई पेड़ को उखड़ गए हैं, लैंप पोस्ट और ट्रैफिक लाइट, सड़कों पर जलजमाव हो गया है, वाहन पेड़ों के गिरने से कुचल गए हैं. पहले से ही देश COVID-19 के लिए संघर्ष कर रहा है और यह चक्रवात एक और चुनौती है जिसका सामना राज्य कर रहे हैं. सोशल डिसटेनसिंग करने के उपायों और बड़े पैमाने पर निकासी ने अधिकारियों के लिए स्थिति को और अधिक कठिन बना दिया है.

अम्फान तूफान (Amphan Cyclone) को UM-PUN भी उच्चारित किया जाता है और इसे तीव्र और "सुपर साइक्लोनिक तूफान" ("Super Cyclonic storm") के रूप में वर्गीकृत किया गया है. आइये इस लेख के माध्यम से अम्फान तूफान और इसका नाम कैसे पड़ा के बारे में अध्ययन करते हैं.

अम्फान तूफान सोमवार (18 मई, 2020) शाम तक "सुपर साइक्लोनिक तूफान" में बदल गया और बुधवार (20 मई, 2020) तक पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तट से भी टकराया.

दो दशकों के बाद पहली बार कोई सुपर साइक्लोन भारत में दस्तक दिया और 20 मई को लगभग 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना थी. पश्चिम बंगाल और ओड़िशा के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को वहां से हटाकर सुरक्षित जगहों पर रखने की व्यवस्था की गई है. ओडिशा सरकार ने लगभग 11 लाख से 12 लाख लोगों को निकालने की तैयारी की है. राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया टीम (NDRF) को ओडिशा और बंगाल में तैनात किया गया है.

भारतीय मौसम विभाग (IMD),  के अनुसार, अम्फान तूफान पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के पास अगले 06 घंटों के दौरान एक अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा.

"यह 19 मई, 2020 को 0530 बजे IST जो कि अक्षांश 15.6°N के पास और देशांतर बंगाल की खाड़ी में 86.7°E पर पारादीप (ओडिशा) के दक्षिण में लगभग 520 किलोमीटर, दीघा (पश्चिम बंगाल) से 670 किमी दक्षिण-पश्चिम और खेपूपारा (बांग्लादेश) से 800 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में था. चक्रवाती अम्फान तूफान सोमवार को एक सुपर साइक्लोन में बदल गया.

चक्रवात अम्फान तूफान के कारण किन क्षेत्रों के प्रभावित होने की संभावना है?

बंगाल और ओडिशा जैसे दो राज्यों को तूफान के कारण सतर्क कर दिया गया है. बुधवार (20 मई, 2020) को पूर्वी तटीय राज्यों पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भूस्खलन होने की उम्मीद है. IMD के अनुसार ओडिशा और बंगाल के अलावा बुधवार तक सिक्किम, असम और मेघालय में भी भारी वर्षा हो सकती है. यह भी कहा गया है कि हवा का वेग इतना अधिक होगा कि इससे मिट्टी के घरों को व्यापक नुकसान हो सकता है और 'पक्की' संरचना को भी आंशिक नुकसान हो सकता है.

IMD ने यह भी कहा कि एक बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में बुधवार (20 मई, 2020) को दीघा (पश्चिम बंगाल) और हटिया द्वीप समूह (बांग्लादेश) के बीच पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश के तटों को पार करेगा, जिसकी अधिकतम गति 155-165 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से 185 किमी प्रति घंटे तक होगी.

मानसून की उत्तरी सीमा भी कार निकोबार से होकर गुजर सकती है. उत्तर-पश्चिम के विभिन्न हिस्सों में निचले स्तरों पर शुष्क हवाओं और शुष्क मौसम के कारण 18-22 मई के दौरान मध्य और गुजरात में गर्मी का असर होने की संभावना है, 19 से 22 मई के दौरान पूर्वी राजस्थान, गुजरात राज्य और मध्य प्रदेश पर इसका असर पड़ेगा और 20-22 मई, 2020 के दौरान पश्चिम राजस्थान में भी इसका असर देखने को मिल सकता है.

जानें मौसम विभाग कैसे मौसम का पूर्वानुमान करता है

चक्रवात अम्फान तूफान का नाम कैसे पड़ा?

पूरी दुनिया में छह क्षेत्रीय विशेष मेट्रोलॉजिकल सेंटर (regional specialised metrological centres) (RSMCs) और पांच क्षेत्रीय ट्रॉपिकल साइक्लोन वॉर्निंग सेंटर (regional Tropical Cyclone Warning Centres) (TCWCs) को अनिवार्य है की वो एडवाइजरी जारी करें और ट्रॉपिकल साइक्लोन का नामकरण करें.

भारत का मौसम विभाग 6 RSMCs में से एक है जो कि उष्णकटिबंधीय चक्रवात और स्टॉर्म सर्ज के लिए एडवाइजरी WMO / ESCAP पैनल के तहत 13 सदस्य देशों को देता है जो हैं बांग्लादेश, भारत, ईरान, मालदीव, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, श्रीलंका, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात और यमन.

यह RSMC, नई दिल्ली के लिए अनिवार्य है कि बंगाल की खाड़ी (BoB) और अरब सागर (AS) सहित उत्तर हिंद महासागर (NIO) पर विकसित होने वाले उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के नाम रखे.

उष्णकटिबंधीय चक्रवातों (Tropical Cyclones) का नामकरण क्यों किया जाता है?

यह वैज्ञानिक समुदाय, आपदा प्रबंधकों, मीडिया और आम जनता को प्रत्येक चक्रवात को अलग-अलग पहचानने में मदद करता है, यह इसके विकास के बारे में जागरूकता पैदा करता है, यह एक क्षेत्र पर उष्णकटिबंधीय चक्रवात की एक साथ होने वाली भ्रम को दूर करने में भी मदद करता है, यह उष्णकटिबंधीय चक्रवात को याद रखने में भी मदद करता है. नामकरण के कारण व्यापक दर्शकों तक आसानी से, तेजी से और प्रभावी रूप से चेतावनी पहुंचती है.

आइये अब जानते हैं कि चक्रवात अम्फान तूफान का नाम कैसे पड़ा.

उष्णकटिबंधीय चक्रवात जो विभिन्न महासागर में बनते हैं, उनका नाम संबंधित RSMC और TCWCs द्वारा रखा जाता है. मानक प्रक्रिया का पालन करते हुए, RSMC, नई दिल्ली बंगाल की खाड़ी और अरब सागर सहित उत्तर हिंद महासागर के लिए उष्णकटिबंधीय चक्रवातों को नाम प्रदान करती है.

2000 में ओमान की सल्तनत के मस्कट में आयोजित उष्णकटिबंधीय चक्रवात (Panel on Tropical Cyclones) (PTC) पैनल WMO / ESCAP का 27वां सत्र की चर्चा में बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में उष्णकटिबंधीय चक्रवातों को नाम देने के लिए सिद्धांतों में सहमती हुई. लंबे विचार-विमर्श के बाद, सितंबर 2004 से उत्तर हिंद महासागर में उष्णकटिबंधीय चक्रवातों का नामकरण शुरू हुआ.

सूची में बांग्लादेश, भारत, मालदीव, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान, श्रीलंका और थाईलैंड सहित WMO / ESCAP PTC के 8 सदस्य देशों द्वारा प्रस्तावित नाम हैं. आपको बता दें कि सूची में से लगभग सभी नामों का उपयोग अंतिम नाम (Amphan) को छोड़कर आज तक किया जा चूका है. इसलिए, पिछली सूची से 'अम्फान' नाम का उपयोग इस बार किया गया.

तो, अब आप अम्फान तूफान और इसका नाम कैसे पड़ा के बारे मियन जान गए होंगे.

विश्व में चक्रवातों के नाम कैसे रखे जाते हैं?

भारतीय मानसून को कौन से कारक प्रभावित करते हैं?

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