Search

भारतीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लोकसभा सीटों का वितरण

भारत की संसद के तीन भाग होते हैं. लोकसभा, राज्य सभा और राष्ट्रपति. लोकसभा को भारत की संसद के निचले सदन या “हाउस ऑफ़ पीपल्स” के नाम से भी जाना जाता है. एक लोकसभा सीट का प्रत्येक सदस्य एक एकल भौगोलिक निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता है. वर्तमान में, भारत में 543 निर्वाचन क्षेत्र हैं, हालांकि अधिकतम सदस्य 552 तक हो सकते हैं.
Apr 11, 2019 11:21 IST
Indian Parliament

भारत की संसद को लोकतंत्र का मंदिर कहा जाता है. यहाँ पर पूरे देश के प्रतिनिधि अपने लोगों की समस्याओं को देश के सामने रखने के लिए जनता के प्रतिनिधि बनकर आते हैं.

भारतीय संसद के तीन अंग है; लोक सभा, राज्य सभा और राष्ट्रपति. लोक सभा को हाउस ऑफ़ पीपल्स भी कहा जाता है. लोकसभा के सदस्यों के निर्वाचन के लिए सामान्यतः 5 वर्षों के बाद चुनाव होते हैं. इन चुनावों में लोग प्रत्यक्ष मतदान के माध्यम से अपने प्रतिनिधियों को चुनते हैं.

वर्तमान में उत्तर प्रदेश में लोकसभा की सबसे अधिक सीटें 80 हैं इसके बाद महाराष्ट्र; 48 और पश्चिम बंगाल; 42 का नम्बर आता है.

loksabha seat allocaton

वर्तमान में लोकसभा के लिए 543 संदस्यों को चुना जाता है जबकि लोकसभा में अधिकतम 552 सदस्य हो सकते हैं जिनमें से 330 सदस्य विभिन्न राज्यों से जबकि 20 केंद्र शासित प्रदेशों से और यदि चुनावों में एंग्लो इंडियन समुदाय से कोई भी प्रतिनिधि चुनाव जीतकर नहीं आता है तो राष्ट्रपति 2 एंग्लो इंडियन लोगों को चुनकर लोक सभा में भेज सकता है.

भारत की लोकसभा में विभिन्न राज्यों के लिए आवंटित सीटों का विवरण इस प्रकार है;

 राज्य

सीटें

 1. उत्तर प्रदेश

80

 2. महाराष्ट्र

48

 3. पश्चिम बंगाल

42

 4. बिहार

40

 5. तमिलनाडु

39

 6. मध्य प्रदेश

29

 7. कर्नाटक

28

 8. गुजरात

26

 9. राजस्थान

25

 10. आंध्र प्रदेश

25

 11. उड़ीसा

21

 12. केरल

20

 13. तेलंगाना

17

 14. असम

14

 15. झारखंड

14

 16. पंजाब

13

 17. छत्तीसगढ़

11

 18. हरियाणा

10

 19. जम्मू और कश्मीर

6

 20. उत्तराखंड

5

 21. हिमाचल प्रदेश

4

 22. अरुणाचल प्रदेश

2

 23. गोवा

2

 24. मणिपुर

2

 25. मेघालय

2

 26. त्रिपुरा

2

 27. मिजोरम

1

 28. नागालैंड

1

 29. सिक्किम

1

 केंद्र शासित प्रदेश

केंद्र शासित प्रदेश

  1. दिल्ली

7

  2. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

1

  3.  चंडीगढ़

1

  4. दादरा और नगर हवेली

1

  5. दमन और दीव

1

  6. लक्षद्वीप

1

  7.पुदुचेरी

1

योग

543

इस सारिणी से स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के साथ साथ पश्चिम बंगाल और बिहार ही ऐसे राज्य हैं जो यह तय करते हैं कि भारत का प्रधानमंत्री कौन बनेगा. शायद यही कारण है कि एक कहावत बन गयी है कि “प्रधानमन्त्री, उत्तर प्रदेश से और “कैबिनेट” बिहार से बनती है.

नोटा क्या होता है और यह कितना कारगर होता है?

सन 1952 से अब तक लोकसभा चुनाव में प्रति मतदाता लागत कितनी बढ़ गयी है?