जाने भारत के पूर्वी तट और पश्चिमी तट में भौगोलिक अंतर

भारत की तट रेखा की लम्बाई 7516.6 किलोमीटर है (मुख्य भूमि: 5422.6 कि.मी; द्वीप प्रदेश: 2094 कि.मी)। सीधी और नियमित तट रेखा ईसीन काल के दौरान, गोंडवानालैंड के गमनागमन के कारण हुआ था। इस लेख में हमने भारत के पूर्वी तट और पश्चिमी तट में भौगोलिक अंतर बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।
Aug 1, 2018 17:47 IST
    Do you know the geographical differences between Eastern Coast and Western Coast of India HN

    भारत की तट रेखा की लम्बाई 7516.6 किलोमीटर है (मुख्य भूमि: 5422.6 कि.मी; द्वीप प्रदेश: 2094 कि.मी)। सीधी और नियमित तट रेखा ईसीन काल के दौरान, गोंडवानालैंड के गमनागमन के कारण हुआ था। भारत के पश्चिमी और पूर्वी तटों की उत्पत्ति अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के पारिस्थितिकी काल के अंत में अवस्र्द्ध करने के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।

    भारत के पूर्वी तट और पश्चिमी तट में भौगोलिक अंतर

    भारतीय पूर्वी तट (Eastern Coast of India)

    यह गंगा डेल्टा से कन्याकुमारी तक फैली हुई है।

    1. यह तट आपाती तट का प्रकार है जिसकी वजह से यहाँ अपतटीय पट्टी, समुद्र तट तथा लैगून पाए जाते हैं।      

    2. इसका निर्माण नदी प्रणाली द्वारा भूमि अधिग्रहण में वृद्धि के करना हुआ है।

    3. इस क्षेत्र में अधिकतम चक्रवात तूफान आते रहता है तथा चावल और पटसन या जूट की खेती के लिए उपयुक्त है।

    4. यहाँ जलोढ़ भूमि और रेतीले ढलान का संयोग है जिसकी वजह से लैगून का निर्माण हो जाता है जैसे चिल्का झील और पुलिकेट झील।

    क्या आप जानते हैं ग्लोबल डिमिंग या सार्वत्रिक दीप्तिमंदकता क्या है

    5. यह बिलकुल सीधा किनारा है जो मुख्य रूप से हालिया और तृतीयक जलोढ़ मिट्टी से भरा पड़ा है।

    6. यह बंगाल की खाड़ी के पास है।

    7. यहाँ तुलनात्मक रूप से कम वर्षा होती है।

    8. यहाँ पूर्वोत्तर मानसून के कारण बारिश होती है।

    9. पूर्वी तट के क्षेत्रीय नाम: ओडिशा = उत्कल तट; तमिलनाडु = कोरोमंडल तट या पायन घाट।

    भारतीय पश्चिमी तट (Western Coast of India)

    यह कैंबे की खाड़ी के उत्तर से केप कोमोरिन के उत्तर तक फैला है।

    1. यह पूर्वी तटीय मैदान की तुलना में आर्द्र तथा संकरा है।

    2. यह सामुद्रिक आच्छादन के लिए खुला हुआ है तथा गहरे रंग की गाद (Dark Silt) एवं नमक की परतों से संघटित है। 

    3. इस मैदान का ढाल पश्चिम की ओर है, जिस पर छोटी-छोटी लेकिन तीव्रगामी नदियाँ प्रवाहित होती है। इस मैदान से होकर बहने वाली नदियाँ डेल्टा नहीं बनाती, एस्तुअरी का निर्माण होता है।

    4. यह सामान्यतः सपाट है तथा बेसाल्ट चट्टानों से बना है। दक्षिणी भाग विशेष रूप से मालाबार तट में पश्च जल (Back-Water) के कारण लैगून की श्रृंखला बनाती है जिसकी वजह से यहाँ का दृश देखने योग्य होता है। पश्च जल (Back-Water) मालाबार तट पर स्थानीय रूप से कयाल के नाम से जाना जाता है जैसे-अस्थामुड़ी एवं वेम्बनाड आदि।

    भारत के पूर्वी घाट की तुलना में पश्चिमी घाट पर अधिक बारिश क्यों होती है?

    5. पश्चिमी महाद्वीपीय मार्जिन पूर्वी महाद्वीपीय मार्जिन से काफी व्यापक है।

    6. यह अरब सागर के पास है।

    7. यहाँ पूर्व की तुलना में अधिक वर्षा होती है।

    8. यहाँ दक्षिण पश्चिम मॉनसून के कारण बारिश होती है।

    9. पश्चिमी तट के क्षेत्रीय नाम: कोंकण तट = महाराष्ट्र तट और गोवा तट; मालाबार तट = केरल और कर्नाटक तट।

    भूगोल से संबंधित सामान्य जानकारी

    Loading...

    Most Popular

      Register to get FREE updates

        All Fields Mandatory
      • (Ex:9123456789)
      • Please Select Your Interest
      • Please specify

      • ajax-loader
      • A verifcation code has been sent to
        your mobile number

        Please enter the verification code below

      Loading...
      Loading...