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जानें भारतीय क्रिकेटरों को कितनी सैलरी मिलती है?

BCCI Annual Contract List/Salary of Indian players: वर्तमान में भारतीय क्रिकेट कण्ट्रोल बोर्ड (BCCI)अपनी वार्षिक कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में सभी खिलाडियों को 4 ग्रेड में बांटता है. A+, A, B और C. अब A+ ग्रेड में आने वाले खिलाड़ी को हर साल 7 करोड़ रुपये , A ग्रेड वाले खिलाड़ी को 5 करोड़ रुपये और B ग्रेड वाले को पूरे साल में 3 करोड़ रुपये और C ग्रेड के खिलाड़ी को हर साल 1 करोड़ रुपये दिए जायेंगे. A+ ग्रेड में सिर्फ तीन खिलाड़ी हैं जिसमें कोहली, रोहित शर्मा और बुमराह को जगह मिली है.
Mar 16, 2020 10:50 IST
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BCCI: Annual Contract for 2019-2020
BCCI: Annual Contract for 2019-2020
p>क्रिकेट के खेल को पूरी दुनिया में फुटबॉल के बाद सबसे ज्यादा लोकप्रिय खेल समझा जाता हैl इस खेल में दौलत और सौहरत दोनों ही भरपूर मात्रा में मिलती हैं. यही कारण है कि भारत का हर युवा क्रिकेट की दुनिया में अपना कैरियर बनाना चाहता है.

दरअसल, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) खिलाडियों को पैसा उनके प्रदर्शन के आधार पर देता है. ऐसा इसीलिए किया जाता ताकि खिलाडी अच्छी सैलरी पाने के लिए अच्छा प्रदर्शन करते रहें और भारतीय टीम सफलता के नये आयामों को छुए.

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने पुरुष और महिला सीनियर क्रिकेटरों के लिए यह कॉन्ट्रैक्ट  (BCCI annual contract 2019-2020) अक्टूबर 2019 से सितम्बर 2020 के बीच लागू करने का फैसला लिया है .

BCCI अनुबंधित खिलाडियों को चार श्रेणियों में रखता है A+ , A, B और C. अब A+ ग्रेड में आने वाले खिलाड़ी को हर साल 7 करोड़ रुपये , A ग्रेड वाले खिलाड़ी को 5 करोड़ रुपये और B ग्रेड वाले को पूरे साल में 3 करोड़ रुपये और C ग्रेड के खिलाड़ी को हर साल 1 करोड़ रुपये दिए जायेंगे.

I.  A+ ग्रेड में आने वाले खिलाड़ी को 7 करोड़ रुपये वार्षिक मिलते हैं.  

II. A ग्रेड वाले खिलाड़ी को 5 करोड़ रुपये वार्षिक मिलते हैं.

III. B ग्रेड वाले खिलाड़ी को 3 करोड़ रुपये वार्षिक मिलते हैं.

IV. C ग्रेड वाले खिलाड़ी को 1 करोड़ रुपये वार्षिक मिलते हैं.

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A+ ग्रेड: इस ग्रेड में 3  खिलाड़ी  शामिल हैं. BCCI ने ग्रेड की यह नयी श्रेणी बनायीं है.

1. विराट कोहली

2. रोहित शर्मा

3. जसप्रीत बुमराह

A  ग्रेड:  नए कांट्रेक्ट में इस ग्रेड में 11 खिलाड़ी शामिल हैं.

1. शिखर धवन 

2. केएल राहुल

3. अजिंक्य रहाणे 

4. रविचंद्रन अश्विन 

5. कुलदीप यादव 

6. भुवनेश्वर कुमार 

7. चतेश्वर पुजारा 

8. रविंद्र जडेजा  

9. मोहम्मद शमी 

10. इशांत शर्मा 

11. ऋषभ पंत

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B ग्रेड: इस श्रेणी में नए कॉन्ट्रैक्ट में 5 खिलाड़ी हैं

1. उमेश यादव

2. ऋद्धिमान साहा 

3. मयंक अग्रवाल
 
4. हार्दिक पंड्या 

5. युजवेंद्र चहल

C ग्रेड: इसमें 8 खिलाड़ी हैं जिनमे 5 नए चेहरे हैं. पिछली साल इसमें 7 खिलाड़ी थे. इसी श्रेणी से खलील अहमद को बाहर कर दिया गया है.

1. केदार जाधव 

2. वॉशिंगटन सुंदर 

3. हनुमा विहारी 

4. मनीष पांडे

5. श्रेयस अय्यर 

6. दीपर चाहर 
 
7. नवदीप सैनी 

8. शार्दुल ठाकुर

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टेस्ट मैच, वनडे और T-20 (अंतरराष्ट्रीय) में एक मैच के लिए कितना रुपया मिलता है ?

I.  प्रत्येक खिलाड़ी को एक टेस्ट मैच खेलने के लिए मिलता है: लगभग 15 लाख रुपये

II. प्रत्येक खिलाड़ी को एक वनडे मैच खेलने के लिए मिलता है:लगभग 6 लाख रुपये

III. प्रत्येक खिलाड़ी को एक T-20 मैच खेलने के लिए मिलता है: लगभग 3 लाख रुपये

 

indian cricket match fee

नोट: यहाँ पर यह बात ध्यान देने वाली है कि एक खिलाडी को अनुबंध के तहत मिलने वाली राशि और एक मैच खेलने के लिए मिलने वाली मैच राशि (match fee) अलग-अलग होती है. डॉलर में मूल्य में उतार चढ़ाव होने पर इन खिलाडियों की मैच फीस में भी परिवर्तन होगा.

खिलाडियों को मिलने वाला बोनस:

यदि कोई खिलाड़ी वनडे या टेस्ट क्रिकेट में शतक बनाता है तो उसको 5 लाख रूपये अलग से बोनस के रूप में मिलते हैं चाहे वह किसी भी ग्रेड का हो। टेस्ट क्रिकेट में दोहरा शतक बनाने पर 7 लाख रूपये, 5 विकेट चटकाने पर 5 लाख रूपये और यदि कोई खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट में 10 विकेट चटका लेता है तो उसको ईनाम के तौर पर 7 लाख रूपये अलग से मिलता है।

टीम का परफॉर्मेंस बोनस:  खिलाड़ी के प्रदर्शन के आधार पर BCCI खिलाड़ी को प्रदर्शन पुरस्कार भी देती है। जिसके अंतर्गत अगर कोई खिलाड़ी शीर्ष तीन टीमों के खिलाफ अर्धशतक या शतक जड़ता है तो उन्हें सैलरी में 30% से 60% की बढ़ोतरी दी जाती है।

अब सोचने वाली बात यह है कि जब सिर्फ क्रिकेट में ही इतना सारा पैसा कमाया जा सकता है तो भला कोई और क्यों किसी और खेल को खेलना पसंद करेगा? जो देश (अमेरिका,चीन,रूस,फ्रांस,जर्मनी इत्यादि) ओलिंपिक में सबसे अधिक गोल्ड मेडल जीतते हैं उनके देश में क्रिकेट की दीवानगी नहीं है. भारत में क्रिकेट एक धर्म की तरह है लेकिन इसे ओलिंपिक खेलों में शामिल नहीं किया जाता है और अन्य खेलों में भारत फिसड्डी साबित होता है.

यहाँ पर यह बात दुःख के साथ कहनी पड़ रही है कि भारत में अन्य खेलों की दुर्दशा के लिए क्रिकेट का अधिक विकास जिम्मेदार है.

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