पाण्ड्य राजवंश पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी

पाण्ड्य साम्राज्य दक्षिण भारत के तमिलनाडु में स्थित था। इस राजवंश का वर्णन सर्वप्रथम “मेगास्थनीज” ने किया था। इस साम्राज्य के बारे में अशोक के अभिलेख, महाभारत एवं रामायण से भी जानकारी मिलती है। इस लेख में हमने पाण्ड्य राजवंश पर आधारित 10 सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।
Aug 31, 2018 17:18 IST
    GK Questions and Answers on the Pandya Dynasty HN

    पाण्ड्य साम्राज्य दक्षिण भारत के तमिलनाडु में स्थित था। इस राजवंश का वर्णन सर्वप्रथम “मेगास्थनीज” ने किया था। इस साम्राज्य के बारे में अशोक के अभिलेख, महाभारत एवं रामायण से भी जानकारी मिलती है। मेगस्थनीज इस राजवंश को ‘माबर‘ नाम से उल्लेखित करते हैं। इस राजवंश के शासनकाल में रोम से व्यापार होता था। पांड्य शासको ने “अगस्तस” के दरबार में अपने राजदूत भेजे थे।

    1. निम्नलिखित में से किसे कालबरा शासन समाप्त करने के लिए जाना जाता है जिसे तमिल भाषी क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत को चिह्नित किया जाता है?

    A. कटुंकोन्

    B. कदलन वलुथी

    C. नन मारण

    D. मारण वलुदी  

    Ans: A

    व्याख्या: कटुंकोन्  ने 'पांडिधिरजा' की उपाधि धारण की थी। उन्होंने अपने शासन काल मे कालबरा साम्राज्य का अस्तित्व ही मिटा दिया था जिसको तमिल भाषी क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत को चिह्नित किया जाता है। इसलिए, A सही विकल्प है।

    2. निम्नलिखित में से किस पाण्ड्य शासक ने हिरन्यगर्भ और तुलाभार अनुष्ठान किया था?

    A. जयंतावर्मन

    B. अरिकेसरी मरावर्मन

    C. कोचादेयन रानाधिरण

    D. मरावर्मन राजसिम्हा I

    Ans: B

    व्याख्या: हिरन्यगर्भ और तुलाभार एक धार्मिक अनुष्ठान है जिसको पाण्ड्य शासक अरिकेसरी मरावर्मन ने किया था। उन्हें एरिकेसरी परंकुसा के नाम से भी जाना जाता है। इसलिए, B सही विकल्प है।

    3. निम्नलिखित में से किस पाण्ड्य शासक को ना ही सीलोन और ना ही केरल आश्रय मिला था तो उसने अपने अंतिम के दिनों में अपने आप को चेर शासक के वंशावली बता कर अपना जीवन निर्वाह किया था?   

    A. श्रीमरा श्रीवाल्लभा

    B. वरंगुनावर्मन II

    C. मरावर्मन राजसिम्हा III

    D. परान्तका वीरनारायण

    Ans: C

    व्याख्या: मरावर्मन राजसिम्हा III पाण्ड्य राजवंश का अंतिम राजा था। अपने लगातार युद्ध में हारने के बाद इसको कही भी आश्रय नहीं मिला था तब जाके इसने अपने आपको चेर शासक के वंशावली बता कर अपना जीवन निर्वाह किया था। इसलिए, C सही विकल्प है।

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    4. निम्नलिखित में से किसने श्री वल्लभा परेरी- झील का निर्माण करवाया था  

    A. श्रीमरा श्रीवाल्लभा

    B. वरंगुनावर्मन II

    C. मरावर्मन राजसिम्हा III

    D. परान्तका वीरनारायण

    Ans: A

    व्याख्या: श्रीमरा श्रीवाल्लभा अपने शासनकाल में कई सिंचाई परियोजनाएं शुरू करवाई थी जिनके निर्माण में ईंट और ग्रेनाइट को इस्तेमाल किया गया था। श्री वल्लभा परेरी- झील का निर्माण भी इसी ने करवाया था। इसलिए, A सही विकल्प है।     

    5. निम्नलिखित में से कौन माणिकवासागर (जिन्होंने तिरुवसागम नामक पुस्तक लिखी थी) का समकालीन था?

    A. राससिंगन II

    B. वरगुनन I

    C. श्रीमरा श्रीवाल्लभा

    D. वरंगुनावर्मन II

    Ans: D

    व्याख्या: माणिकवासागर (जिन्होंने तिरुवसागम नामक पुस्तक लिखी थी) वरंगुनावर्मन II के  समकालीन थे। इसलिए, A सही विकल्प है।     

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    6. निम्नलिखित में से किस पाण्ड्य शासक ने कोडुंबलुर में थंजावुर के चोल राजा का विरोध किया था और कंगू नाडू के वांची शहर जो चेरा राजवंश की राजधानी को लूटा था?

    A. श्रीमरा श्रीवाल्लभा

    B. वरंगुनावर्मन II

    C. मरावर्मन राजसिम्हा III

    D. परान्तका वीरनारायण

    Ans: C

    व्याख्या: मरावर्मन राजसिम्हा III एक ऐसा पाण्ड्य शासक था जिसने कोडुंबलुर में थंजावुर के चोल राजा का विरोध किया था और कंगू नाडू के वांची शहर जो चेरा राजवंश की राजधानी को लूटा था । इसलिए, C सही विकल्प है।     

    7. पाण्ड्य राजवंश का वर्णन सर्वप्रथम किसने ने किया था?

    A. मेगास्थनीज

    B. पाणिनि की अष्टाध्यायी

    C. कल्हण की राज्तरंगिनी

    D. रामायण

    Ans: A

    व्याख्या: पाण्ड्य राजवंश का वर्णन सर्वप्रथम मेगास्थनीज ने अपनी किताब इंडिका में किया था। इसलिए, A सही विकल्प है।     

    8. शिलप्पादिकारम में किस पाण्ड्य शासक का उल्लेख मिलता है?

    A. पुड़प्पन्दायण  

    B. मुदुकुदुमी परुवालुधि

    C. नेदुन्जेलिन्यन I

    D. नेदुन्जेलिन्यन II

    Ans: C

    व्याख्या: शिलप्पादिकारम को 'तमिल साहित्य' के प्रथम महाकाव्य के रूप में जाना जाता है। इसका शाब्दिक अर्थ है- "नूपुर की कहानी"। इस महाकाव्य में नेदुन्जेलिन्यन I का उल्लेख मिलता है। इसलिए, C सही विकल्प है।     

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    9. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें।

    I. मेगस्थनीज पाण्ड्य राज्य का उल्लेख ‘माबर’ नाम से करता है।

    II. तमिल भाषा के संगम साहित्य से सर्वप्रथम कुछ प्राचीन पांड्य राजाओं के नाम उनके उल्लेखनीय कृत्यों के सहित ज्ञात होते हैं।

    उपरोक्त में से कौन सा कथन अवनी कलामानी के सन्दर्भ में सही है?

    Code:

    A. Only I

    B. Only II

    C. Both I & II

    D. Neither I nor II

    Ans: C

    व्याख्या: मेगस्थनीज अपने पुस्तक इंडिका में पाण्ड्य राज्य का उल्लेख ‘माबर’ नाम से करता है। वही तमिल भाषा के संगम साहित्य से सर्वप्रथम कुछ प्राचीन पांड्य राजाओं के नाम उनके उल्लेखनीय कृत्यों के सहित ज्ञात होते हैं। इनमें पहला नाम नेडियोन का है किंतु उसका व्यक्तित्व काल्पनिक मालूम होता है। दूसरा शासक पल्शालै मुदुकुडुभि अधिक सजीव है। इसलिए, C सही विकल्प है।     

    10. पांड्य राजवंश के अंतिम शासक कौन था?

    A. जयंतावर्मन

    B. कोचादेयन रानाधिरण

    C. मरावर्मन राजसिम्हा III

    D. परान्तका वीरनारायण

    Ans: C

    व्याख्या: पाण्ड्य राजवंश प्राचीन भारत का एक राजवंश था। इसने भारत में 560 से 1300 ई. तक राज किया। नेडियोन, पलशालैमुडुकुड़मी, नेडुंजेलियन वेरिवरशेलिय कोरकै इस राजवंश के प्रमुख राजाओ में एक हैं। राजा मरावर्मन राजसिम्हा III इस राजवंश का अंतिम शासक था । इसलिए, C सही विकल्प है।      

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