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प्रधानमन्त्री मुद्रा योजना में कैसे और किन-किन उद्योगों के लिए लोन मिलता है?

प्रधानमन्त्री मुद्रा योजना को 8 अप्रैल 2015 को मोदी जी ने शुरू किया था. इस योजना का उद्येश्य देश में स्वरोजगार के अवसरों और विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा देना शामिल है. मुद्रा योजना के तहत; वित्त वर्ष 2017-2018 के दौरान लगभग 4 करोड़ 80 लाख लोगों को 2.46 लाख करोड़ रुपयों का आवंटन किया जा चुका है. इस लेख में आप पढेंगे कि प्रधानमन्त्री मुद्रा योजना के तहत कैसे लोन प्राप्त करें.
Jun 12, 2018 16:22 IST
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Mudra Yojna Loan Process
Mudra Yojna Loan Process

भारत में बहुत समय से यह माहौल था कि कुछ लोग अपना बिज़नस शुरू करना कहते हैं, कुछ लोग अपने वर्तमान बिज़नस को और बढ़ाना चाहते हैं लेकिन रुपयों की कमी के कारण लोग अपने विचारों को अमली जामा नही पहना पाते थे और जो कुछ लोग साहूकारों से ऊंची दरों पर उधार लेकर बिज़नस शुरू कर देते थे वे साहूकारों का ब्याज चुकाते-चुकाते बूढ़े हो जाते थे. ऐसे माहौल में जरूरी था कि एक ऐसी योजना आये जो लोगों को आसानी से ऋण उपलब्ध कराये.

प्रधानमन्त्री मुद्रा योजना को 8 अप्रैल 2015 को मोदी जी ने शुरू किया था. इस योजना के दो उद्देश्य हैं. पहला, स्वरोजगार के लिए आसानी से लोन देना. दूसरा, छोटे उद्यमों के जरिए रोजगार का सृजन करना. आसानी से लोन मिलने पर बड़ी संख्या में रोजगार के मौके बनेंगे. मुद्रा योजना से पहले तक छोटे उद्यम के लिए बैंक से लोन लेने में काफी औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती थीं. इसके लिए गारंटी भी देनी पड़ती थी. इस वजह से कई लोग उद्यम तो शुरू करना चाहते थे, लेकिन बैंक से लोन लेने से कतराते थे.

प्रधानमन्त्री मुद्रा योजना के उद्येश्य:

मुद्रा योजना का मुख्य उद्येश्य स्वरोजगार को बढ़ावा देना, लोगों में उद्योग खोलने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देना और देश में विनिर्माण क्षेत्र का विकास करना शामिल है.

प्रधानमन्त्री मुद्रा योजना में छोटे और लघु उद्यमों को खोलने के लिए, हाथ के कास्तकारों या छोटा कारोबार करने के इच्छुक लोगों को आसानी से कम ब्याज दरों पर बिना किसी गारंटी के लोन उपलब्ध कराना है.

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मुद्रा योजना में कितना लोन मिलता है:

इस योजना में 3 तरह के लोन लिए जा सकते हैं;

1. शिशु लोन : शिशु लोन के तहत 50,000 रुपये तक के कर्ज दिए जाते हैं.

2. किशोर लोन: किशोर कर्ज के तहत 50,000 से 5 लाख रुपये तक के कर्ज दिए जाते हैं.

3. तरुण लोन: तरुण कर्ज के तहत 5 लाख से 10 लाख रुपये तक के कर्ज दिए जाते हैं.

किन संस्थाओं से ऋण ले सकते हैं;

1. सभी सरकारी और निजी बैंकों से 

2. क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों से

3. सहकारी बैंकों से

4. लघु वित्त बैंकों से

5. सूक्ष्म वित्त संस्थानों (MFIs)

6. गैर बैंक वित्तीय संस्थाओं से (NBFCs)

जो लोग ऋण लेना चाहते हैं वे ऊपर लिखी गयी किसी भी संस्था से ऋण ले सकते हैं या फिर भारत सरकार की मुद्रा योजना के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी अप्लाई का सकते हैं.

कौन से लोग मुद्रा योजना से ऋण ले सकते हैं;

निम्नलिखित लोग शहरों और गावों में ऋण से सकते हैं;

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1. फल और सब्जी बेचने वाले

2. ट्रक/टैक्सी ऑपरेटर

3. होटल/रेस्टोरेंट्स चलाने वाले लोग

4. साईकिल, बाइक/कार रिपेरिंग की दुकान चलाने वाले

5. बैल्डिंग इत्यादि का काम करने वाले

6. गृह उद्योग चलाने वाले

7. हथकरघा/सिलाई उद्योग में लगे लोग 

8. छोटे मोटी निर्माण कार्यों में लगे लोग

9. सेवा क्षेत्र में लगे लोग जैसे नाई/ मोबाइल रिचार्ज/फोटोकॉपी इत्यादि की दुकान चलाने वाले लोग

10. बेकरी जैसे विनिर्माण उद्योग में लगे लोग

मुद्रा लोन कितनी दर पर लोन मिलता है?

मुद्रा लोन में दी जाने वाली लोन राशि पर ब्याज की दर सरकार ने तय नही की है. ब्याज दरें उधार  देने वाली संस्था पर निर्भर है कि वह किस उद्योग के लिए कितना ब्याज वसूलेगी. यदि किसी उद्योग या व्यवसाय में कम रिस्क है तो ब्याज की दर कम भी हो सकती है. सामान्यत: मुद्रा लोन की ब्याज दर 12% प्रति वर्ष के आस-पास होती है.

आप लोन कैसे ले सकते हैं?

मुद्रा योजना के तहत लोन के लिए आपको सरकारी या बैंक की शाखा में आवेदन देना होगा. अगर आप खुद का कारोबार शुरू करना चाहते हैं तो आपको काम से जुड़ी जानकारी, आधार, पैन नंबर, मकान के मालिकाना हक़ या किराये के दस्तावेज, सहित कई अन्य कागजात बैंक को देने होंगे.

बैंक का ब्रांच मैनेजर आपसे कामकाज से बारे में जानकारी ले सकता है. इस व्यापार या उद्यम में आने वाली रिस्क के आधार पर वह लोन की राशि स्वीकार करेगा और ब्याज दर का निर्धारण भी इसी समय होगा. कामकाज की प्रकृति को ठीक से समझने के लिए बैंक मैनेजर आपसे एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने के लिए कह सकता है.

मुद्रा योजना में आवेदन कैसे करें

लोन के लिए आवेदन करने से पहले आपको जिस उद्योग को शुरू या बढ़ाना है उसकी पूरी जानकारी जुटा लेनी चाहिए, क्योंकि यदि बैंक मैनेजर को आपका बिज़नस प्लान ठीक नही लगा तो वह आपका आवेदन ख़ारिज भी कर सकता है.

आवेदन करने के लिए सबसे पहले अपना बिज़नस प्लान बनाइये उसे लेकर पास के बैंक मैनेजर को दिखाइए. अगर प्लान उसे पसंद आता है तो फिर जरूरी डाक्यूमेंट्स जमा करिए.ध्यान रहे कि आवेदक को किसी भी बैंक / वित्तीय संस्थान में डिफाल्टर नहीं होना चाहिए.

मुद्रा लोन के लिए क्या - क्या कागजात लगाने होते हैं;

1. पहचान प्रमाण पत्र - वोटर कार्ड / ड्राइविंग लाइसेंस / पैन कार्ड / आधार कार्ड / पासपोर्ट

2. निवास प्रमाण पत्र - नया टेलीफोन बिल/ बिजली बिल/संपत्ति कर रसीद (2 महीने से अधिक पुरानी नहीं), मतदाता का आईडी कार्ड/ आधार कार्ड

3. जाति प्रमाण पत्र - एससी / एसटी / ओबीसी / अल्पसंख्यक का सबूत

4. पिछले दो साल की आयकर / बिक्री कर रिटर्न आदि की कॉपी

5. आवेदन जमा करने की तारीख तक मौजूदा वित्तीय वर्ष के दौरान हासिल की गई बिक्री रिपोर्ट

6. मौजूदा बैंक खाते की 6 माह की बैंक स्टेटमेंट की कॉपी

7. मालिक / हिस्सेदारों की 2 फोटो

8. कागजों की जरूरत आपके बिज़नस प्लान पर निर्भर करती है यदि आपका बिज़नस प्लान छोटा है और केवल 50000 रुपये तक के लोन की जरुरत होगी तो कम कागजात लगेंगे. यदि आपको 10 लाख का लोन चाहिए तो आपको इनकम टैक्स रिटर्न इत्यादि का सबूत भी देना पड़ सकता है.

मुद्रा योजना हेल्पलाइन (Mudra Yojna helpline Detail)

अगर मुद्रा लोन लेते समय कोई समस्या आये तो आप इस हेल्पलाइन वेबसाइट, मेल और फ़ोन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं

मुद्रा योजना वेबसाइट – http://www.mudra.org.in/

ईमेल – help@mudra.org.in.

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर (helpline number) – 1800 180 1111 और 1800 11 0001.

अंत में इतना कहना ठीक होगा कि यदि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना इसी तरह से देश में विनिर्माण क्षेत्र/व्यापार को बढ़ावा देती रही तो भारत का विनिर्माण क्षेत्र बहुत जल्द ही नयी ऊँचाइयों को छू लेगा और पूरे देश में विकास की एक नई धारा बह उठेगी.

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