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हाइड्रोकार्बनः प्रकार और महत्व

हाइड्रोकाब्रन कार्बनिक यौगिक होते हैं जिन्हें हाइड्रोजन और कार्बन के सरल संयोजन से प्राप्त किया जाता है जैसे पेट्रोल, डीजल और केरोसिन तेल आदि | इस आर्टिकल में हाइड्रोकाब्रन के विभिन्न प्रकार और उसके महत्व का अध्ययन करेंगे |
Jan 17, 2017 15:45 IST
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हाइड्रोकाब्रन कार्बनिक यौगिक होते हैं जिन्हें हाइड्रोजन और कार्बन के सरल संयोजन से प्राप्त किया जाता है जैसे पेट्रोल, डीजल और केरोसिन तेल आदि | आमतौर पर इसे दो श्रेणियों में बांटा जाता है– एलिफैटिक (aliphatic) हाइड्रोकार्बन और एरोमैटिक (aromatic) हाइड्रोकार्बन |

Hydro carbon

हाइड्रोकार्बन के प्रकार

एलिफैटिक हाइड्रोकार्बनः यह खुली श्रृंखला (ओपन चेन) हाइड्रोकार्बन होता है जिसमें कोई गंध नहीं होती | इसे दो समूहों में बांटा जा सकता है– संतृप्त हाइड्रोकार्बन या एल्केन या पैराफिन और असंतृप्त हाइड्रोकार्बन |

संतृप्त हाइड्रोकार्बन या एल्केन या पैराफिनः इसे एल्केन या पैराफिन भी कहते हैं | पैराफिन एक लैटिन शब्द है जिसका अर्थ होता है कम सक्रिए और संतृत्प हाइड्रोकाबन के कम सक्रियता के कारण इन्हें पैराफिन कहते हैं | संतृप्त हाइड्रोकार्बन की श्रृंखला के सदस्यों को जो आम सूत्र दिया जाता है वह है– CnH2n+2. इसमें n श्रृंखला के सदस्यों की संख्या है | मिथेन, इथेन, प्रोपेन, ब्यूटेन, पेंटेन आदि जैसे कार्बनिक यौगिक संतृत्प हाइड्रोकार्बन होते हैं जिसमें कार्बन के सभी परमाणु एक दूसरे से एकल सहसंयोजक बंधन (बॉन्ड) से जुड़े रहते हैं |

असंतृप्त हाइड्रोकार्बनः एलिफैटिक हाइड्रोकार्बन के वैसे यौगिक जिसमें कार्बन के परमाणु दो या तीन सहसंयोजक बॉन्ड वाले होते हैं | असंतृत्प हाइड्रोकार्बन कहलाते हैं | यह भी दो प्रकार का होता है– एल्कीन्स या ओलेफिन, एसिटिलीन हाइड्रोकार्बन या अल्काइन्स |

क) एल्कीन्स या ओलेफिनः असंतृप्त एलिफैटिक हाइड्रोकार्बन के वैसे यौगिक जिनमें कार्बन के परमाणु के दो सहसंयोजक बॉन्ड होते हैं इथाइलीन हाइड्रोकार्बन्स या ओलेफिन या एल्कीन्स कहलाते हैं | इस श्रृंखला के सदस्यों का आम सूत्र CnH2n है | कार्बनिक यौगिक इथाइलीन (C2H4 ) एल्कीन्स का उदाहरण है |

ख) एसिटिलीन हाइड्रोकार्बन या अल्काइन्सः असंतृप्त एलिफैटिक हाइड्रोकार्बन के वैसे यौगिक जिनमें कार्बन के परमाणु के तीन सहसंयोजक बॉन्ड होते हैं एसिटिलीन या अल्काइन्स कहलाते हैं | इस श्रृंखला के सदस्यों का आम सूत्र CnH2n-2  है| कार्बनिक यौगिक एसिटिलीन (C2H2 ) या इथेन इस हाइड्रोकार्बन का सबसे सरल उदाहरण है |

सुगंधित हाइड्रोकार्बनः यह बंद श्रृंखला (क्लोज्ड चेन) वाला हाइड्रोकार्बन होता है जिसमें एक खास प्रकार की गंध होती है. हाइड्रोजन और कार्बन से बने एवं बेंजीन जैसी शाखाओं वाले हाइड्रोकार्बन के यौगिक सुगंधित हाइड्रोकार्बन कहलाते हैं| इस श्रृंखला के सदस्यों का आम सूत्र CnH2n-2 है| बेंजीन, टॉल्यूनि, नेपथालीन, एंथ्रासीनीन आदि जैसे कई यौगिक हैं जो सुगंधित हाइड्रोकार्बन के उदाहरण हैं | इनमें बेंजीन सबसे सरल उदाहरण है | कभी– कभी सुगंधित हाइड्रोकार्बन को एरीन्स भी कहा जाता है|

ऑक्सीकरण - अपचयन तथा विलेय, विलयन व विलायक

कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के कार्बनिक यौगिक

एल्कोहॉल (शराब), इथर, ईस्टर एल्डिहाईड्स, कीटोन्स, कार्बॉक्जिलिक एसिड आदि  अलग– अलग कार्य समूहों के निश्चित संयोजन और संरचना द्वारा कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के कई कार्बनिक यौगिक प्राप्त किए जाते हैं. इनका विवरण नीचे दिया जा रहा है–

एल्कोहॉल (शराब)– ये कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का सबसे सरल यौगिक है | इसमें एल्कीन्स के हाइड्रोजन परमाणु को – OH कार्य समूह से बदल दिया जाता है और फिर मिलने वाले यौगिक को एल्कोहॉल कहते हैं | सिर्फ एक – OH वाले एल्कॉहलिक यौगिक को मोनोहाइड्रिक एल्कोहॉल कहते हैं जबकि दो – OH को डाईहाइड्रिक एल्कोहॉल कहा जाता है | मिथेनॉल (मिथाइल एल्कोहॉल), इथेनॉल (इथाइल एल्कोहॉल) आदि जैसे यौगिक मोनोहाइड्रिक एल्कोहॉल के उदाहरण हैं जबकि ग्लाईकॉल डाइहाइड्रिक एल्कोहॉल का उदाहरण है | इस श्रृंखला के सदस्यों का आम सूत्र CnH2n+OH है |

एल्डीहाइड्सः – CHO कार्य समूह की उपस्थिति वाले यौगिकों को एल्डीहाइड्स कहा जाता है | इनके सदस्यों का आम सूत्र CnH2n+1CHO है | फॉर्मल्डिहाइड, एसिटलडिहाइड, प्रोपायोनल डिहाइड आदि जैसे यौगिक एल्डीहाइड्स के उदाहरण होते हैं |

कीटोन्सः C = 0 कार्य समूह वाले कार्बनिक यौगिकों को कीटोन्स कहते हैं | इस फैमली के सदस्यों का आम सूत्र (CnH2n+1 )2 CO है | एसिटोन या डाईमिथाइल कीटोन, मिथाइल इथाइल कीटोन, डाईइथाइल कीटोन आदि जैसे यौगिक कीटोन्स के उदाहरण होते हैं |

कार्बोक्जिलिक एसिडः जिन कार्बनिक यौगिकों में –COOH कार्य समूह होता है वे कार्बोक्जिलिक एसिड कहलाते हैं और  इस फैमली के सदस्यों का आम सूत्र CnH2n+1COOH या CnH2nO2 है | फॉर्मिक एसिड, एसिटिक एसिड, प्रोपियोनिक एसिड, ब्यूटेरिक एसिड आदि जैसे यौगिक कार्बोक्जिलिक एसिड के उदाहरण होते हैं |

एसिड एनहाइड्राइड्सः वैसे कार्बनिक यौगिक जिनमें RCOOCOR कार्य समूह उपस्थित होते हैं, एसिड एनहाइड्राइड्स कहलाते हैं| इस फैमली के सदस्यों का आम सूत्र (CnH2n+1 CO) 2O है| एसिटिक एनहाइड्राइड, प्रोपायोनिक एनहाइड्राइड जैसे यौगिक एसिड एनहाइड्राइड्स के उदाहरण होते हैं|

एस्टर्सः जिन कार्बनिक यौगिकों में COOR कार्य समूह उपस्थित होते हैं, एस्टर्स कहलाते हैं| इस फैमली के सदस्यों का आम सूत्र CnH2n+1COOR होता है| मिथाइल फॉर्मेट, इथाइल फॉर्मेट, मिथाइल एसिटेट, इथाइल एसिटेट आदि एस्टर्स के उदाहरण हैं| इथाइल एसिटेट का प्रयोग कृत्रिम इत्र, सुगंधित रंग, रंजक/ डाई आदि बनाने में किया जाता है|

ईथरः जिन कार्बनिक यौगिकों में -0- कार्यसमूह पाया जाता है वे ईथर कहलाते हैं| इस फैमली के सदस्यों का आम सूत्र (CnH2n+l ) 20 है| डाईमिथाइल ईथर, डाईईथाइल ईथर आदि जैसे यौगिक इसके उदाहरण हैं| डाईईथाइल ईथर को एनेस्थेसिया के रूप में इस्तेमाल किया जाता है और इसे सिर्फ ईथर भी कहते हैं|

कार्बनिक यौगिकों के आम सूत्र

कार्बनिक यौगिक

सामान्य सूत्र

कार्बनिक यौगिक

सामान्य सूत्र

एल्केन

CnH2n+2

ईथर

CnH2n+2O

एल्कीन

CnH2n

एल्डिडाइड या कीटोन

CnH2n O

अल्काइन

CnH2n-2

कार्बोक्जिलिक एसिड

CnH2nO2

एल्कोहॉल

CnH2n+2 O

प्राइमरी एलिफेट एमीन

CnH2n+1

NH2

अल्काइल हैलाइड्स

CnH2n+ X

कार्बोहाइड्रेट

Cx (H2O)y

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