जानें भारत का पहला इग्लू कैफे (Igloo Cafe) कहां बनाया गया है?

क्या आप जानतें हैं कि भारत का पहला इग्लू कैफे (Igloo Cafe) कहां बनाया गया है. इसमें क्या है खास. आइये इस लेख के माध्यम से जानते हैं.
Created On: Feb 1, 2021 14:30 IST
Modified On: Feb 1, 2021 14:35 IST
India's first Igloo Cafe
India's first Igloo Cafe

भारत में पहली बार  इग्लू कैफे (Igloo Cafe) बनाया गया है जो कि लोगों को एक नए प्रकार का अनुभव प्रदान करेगा और ये बर्फ से बना हुआ है. ऐसा बताया जा रहा है कि लोग इसे काफी पसंद कर रहे हैं. ये कैफे अपने में खास है और जब से यह इग्लू कैफे (Igloo Cafe) खुला है तबसे ये सुर्ख़ियों में है. आइये इसके बारे में अध्ययन करते हैं.

भारत का पहला इग्लू कैफे (Igloo Cafe) कहां बनाया गया है?

भारत का पहला इग्लू कैफे (Igloo Cafe) अब खुल गया है. कैफे गुलमर्ग, कश्मीर में स्थित है और कोलाहोई ग्रीन ग्रुप ऑफ होटल्स एंड रिसॉर्ट्स (Kolahoi Green Group of Hotels and Resorts) का हिस्सा है.

कश्मीर के गुलमर्ग में इग्लू कैफे (Igloo Cafe) घाटी की सैर करने वाले लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है. बर्फ से बना कैफे एशिया का सबसे बड़ा इग्लू कैफे है जो स्काई रिसोर्ट (Ski resort) पर स्थित है. भारत में पहली बार ऐसा इग्लू कैफे बनाया गया है.

जानें ग्रेट ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट के बारे में

कोलहोई ग्रीन गुलमर्ग के महाप्रबंधक हामिद मसूदी (Hamid Masoodi) के अनुसार, "यह भारत के लिए एक नई अवधारणा है लेकिन पहले से ही विदेशों में मौजूद है. हमने लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी इसका दावा किया है."

प्रबंधक ने कहा "हम अपने मेहमानों को अनूठे आवास के साथ एक अनोखे तरीके से सेवा देना चाहते थे और हमारे मेहमानों और देशभक्तों के लिए कुछ नाटकीय करने का विचार काम किया है. इसने बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित किया है और यह नया आकर्षण इग्लू कैफे गुलमर्ग में एक सेल्फी पॉइंट बन गया है."

इग्लू कैफे (Igloo Cafe) में क्या-क्या खास है?

The Hindu के अनुसार यह रिसॉर्ट 2,650 मीटर की ऊंचाई पर हिमालय के पीर पंजाल रेंज में स्थित है. इग्लू कैफे 22 फीट चौड़ा और अंदर से 12.5 फीट ऊंचा है. इसमें किसी भी समय लगभग 16 लोग बैठ सकते हैं.

20 सदस्यों की एक टीम ने इसकी संरचना को पूरा करने के लिए 15 दिनों के लिए दो शिफ्टों में काम किया है. कैफे में प्रत्येक स्नो-सीट पर Sheepskin rugs को रखा गया है और इसमें बर्फ से बने छोटे साइड-टेबल भी हैं. एक्सेंट लाइटिंग (Accent lighting) और कश्मीरी कलाकृति इग्लू कैफे को और आकर्षक बनाती है.

इस अनोखे कैफे की दीवार पर एक धनुषाकार द्वार और पैटर्न के साथ, 4 टेबल और लगभग 16 मेहमानों के लिए जगह उप्लब्ब्द है. 

इग्लू एक प्रकार का आश्रय है जो बर्फ से निर्मित होता है. यह अक्सर सभी इनुइट (Inuit) और एस्किमो लोगों (Eskimo peoples) के साथ जुड़ा हुआ है. बर्फ की झोपड़ी पारंपरिक रूप से केवल कनाडा के सेंट्रल आर्कटिक और ग्रीनलैंड के थुले क्षेत्र (Canada's Central Arctic and Greenland's Thule area) के लोगों द्वारा उपयोग की जाती थी.

इग्लू कैफे (Igloo Cafe) उन यात्रियों के लिए एक ऐसा उत्साह पैदा करता है जो निकट भविष्य में कैफे की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं. इसमें कोई संदेह नहीं है कि बर्फ से ढकी चोटियों के बीच ठिठुरती ठंड में इग्लू कैफे में बैठ कर गर्म कप चाय पीना वास्तव में एक अलग अनुभव की अनुभूति देगा.

जानें कैसे एक कबूतर ऑस्टेलिया की जैव सुरक्षा के लिए खतरा बन गया?

 

Comment ()

Related Categories

    Post Comment

    7 + 0 =
    Post

    Comments