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बैंक मित्र और कियॉस्क बैंकिंग किसे कहते हैं?

आज के महंगाई वाले दौर में हर कोई कुछ अतिरिक्त रुपये कमाने की बात सोचता रहता है | इस लेख में हमने बताया है कि आप कैसे ‘बैंक मित्र’ बनकर और ‘मिनी बैंक‘खोलकर अपनी आय के अतिरिक्त एक अच्छी कमाई कर सकते हैं|
Jan 13, 2017 19:18 IST
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प्रधानमंत्री जन धन योजना का शुभारंभ 28 अगस्त 2014 को भारतीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने किया| इसका मुख्य उद्येश्य भारत में वित्तीय समावेशन अर्थात भारत के हर नागरिक को बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराना था| इसी कार्य को और गति प्रदान करने के लिए सरकार ने ग्रामीण लोगों की मदद के लिए बैंक मित्र (Business Correspondent)  नामक एक ऐसा व्यक्ति ग्रामीण क्षेत्र के लिए चुना है| यह व्यक्ति ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को रुपया निकलने, जमा करने, खाता खोलने, ड्राफ्ट बनवाने जैसे कामों में मदद करेगा और अपनी सेवाओं के बदले बैंक से कमीशन भी लेगा| इस प्रकार बहुत से युवाओं द्वारा बैंक मित्र बनकर और कियॉस्क बैंकिंग (Kiosk Banking) की शाखा खोलकर काफी पैसा घर बैठे कमाया जा सकता है |

इस प्रकार गावों में घर बैठे पैसे कमाने के दो आसान तरीके इस प्रकार है:-

1. बैंक मित्र (Business Correspondent) बनकर

2. गावों या शहरी क्षेत्रों में कियॉस्क बैंकिंग (Kiosk Banking) की शाखा खोलकर

बैंक मित्र (Business Correspondent) कौन होता है ?

यह एक ऐसा व्यक्ति होता है जो कि ग्रामीण स्थानों पर जाकर गाँव के लोगों की बैंकिंग कार्यों में मदद करता है जिसके बदले इसको बैंकों से कमीशन प्राप्त होता है | इस प्रकार यह व्यक्ति हर महीने 25000 रुपये से लेकर 30000 रुपये तक कमा सकता है | बैंक मित्र बनाने की शुरुआत वित्त मंत्रालय ने की थी | इसके अनुसार पूरे भारत के 20 भागों में बांटा गया है| इसमें किसी एक बैंक मित्र को एक विशेष क्षेत्र सौंपा जाता है लेकिन वह किसी भी सरकारी बैंक या निजी बैंक के लिए काम कर सकता है |

बैंक मित्र (Business Correspondent) बनाने की जरुरत क्यों पड़ी ?

जैसा कि सबसे पता है कि भारत में लगभग 6 लाख गाँव है और वहां पर जनसंख्या का एक बहुत बड़ा हिस्सा ऐसा है जो कि बैंकिंग क्षेत्र से अनभिज्ञ सा है या फिर निरक्षर है | इन दशाओं में ग्रामीण लोग बैंकों से पैसा नही निकाल सकते है और यदि निकालने की जरुरत पड़ती है तो गाँव से 10 या 20 किमी दूर जाकर निकालने जाना पड़ता है| कुछ लोगों को तो अपना रुपया जमा या निकालने वाला फॉर्म भी भरना नही आता है ऐसी दशाओं में उन्हें दूसरों पर आश्रित भी रहना पड़ता है और कई बार तो वे लोग ठगी का शिकार भी हो जाते हैं | तो इन सब समस्याओं का समाधान करने के लिए सरकार ने बैंक मित्र (Business Correspondent) नामक एक व्यक्ति इन ग्रामीण लोगों की मदद के लिए चुना है | यह व्यक्ति सभी सरकारी बैंकों के लिए काम करता है |

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बैंक मित्र सभी बैंकों के लिए निम्न प्रकार के काम करता है जिनमे हैं:

1. बचत खाता खोलना

2. आवर्ती जमा खाता (recurring deposit account) और सावधि जमा खाता (fixed account) खोलना

3. नकद जमा करना और निकालना

4. लोन देना

5. किसान क्रेडिट बनाना

6. बीमा उत्पाद और म्युचुअल फंड प्रोडक्ट की बिक्री

7. पेंशन अकाउंट खोलना

8. ओवरड्रॉफ्ट सर्विस देना

बैंक मित्र कैसे काम करता है ?

बैंक मित्र के पास एक मोबाइल होता है जिसमे इन्टरनेट होता है जिसमे माध्यम से सबूत के तौर पर वह ग्रामीण के अंगूठे का निशान या इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर द्वारा प्रमाणित करके ग्रामीण को कैश दे देता है | बैंक मित्र अपने इस काम के बदले सम्बंधित बैंक से अपना कमीशन लेता है | उसको यह कमीशन ऊपर लिखे गए उत्पादों के हिसाब से मिलता है| इसका सीधा मतलब गाँव के लोगों को बैंकिंग क्षेत्र से बिना किसी परेशानी के जोड़ना है |

POS Machine

image source:www.linkedin.com

बैंक मित्र कौन कौन बन सकता है ?

1. गैर-सरकारी संगठन (NGOs)
2. स्वयं सहायता समूह (SHGs),
3. माइक्रो फाइनेंस संस्थानों (MFIs)
4. डाक घर
5. बीमा एजेंट
6. पंचायत
7. सिविल सोसायटी संगठन
8. किसानों के संगठन
9. किसानों के क्लब
10. समुदाय आधारित संगठन
11. सहकारिता समितियां
12. ग्रामीण ज्ञान केन्द्र
13. कृषि व्यापार केंद्र
14. कृषि विज्ञान केन्द्र
15. खादी और ग्रामोद्योग इकाइयाँ

आमदनी का दूसरा तरीका क्या है ?

आमदनी का दूसरा तरीका ‘मिनी बैंक’ खोलने का है | इसके लिए आपको उस बैंक से सीधा संपर्क करना होगा| मिनी बैंक खोल कर आप दो तरह से कमाई कर सकते हैं। एक तो यह है कि जिस बैंक से आप जुड़ेंगे उस बैंक से आपको एक फिक्स सैलरी मिलेगी साथ ही इसके बाद आपके जरिए जो भी बैंकिंग सर्विसेज कस्टमर को दी जाएगी, उस पर भी आपको कमीशन मिलेगा। ऐसे में आप आसानी से हर महीने 25-30 हजार रुपए कमा सकते हैं।

मिनी बैंक (कस्टमर सर्विस प्वाइंट या कियॉस्क बैंकिंग (Kiosk Banking) क्या होता है ?

यह एक ऐसा ग्राहक सेवा केंद्र होता है जहाँ पर आपको किसी बैंक के पहले से बने हुए ग्राहकों को पैसा ट्रान्सफर करने की सुविधा, कैश जमा, एक खाते से दूसरे खाते में कैश का ट्रान्सफर करना जैसी सेवाएँ देनी होती हैं |

Customer Service Point

image sourceimphal.quikr.com

मिनी बैंक खोलने वाले को क्या फायदा होगा ?

कोई भी पढ़ा लिखा व्यक्ति 'मिनी बैंक' खोल सकते हैं। जिसके जरिए आप आसानी से हर महीने अच्छी-खासी कमाई कर सकते हैं। मिनी बैंक खोलने का मौका प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत मिल रहा है। जिसके तहत आप शहर से लेकर गांवों में बैंकिंग सर्विसेज दे सकेंगे। खास बात यह है कि ऐसा करने पर आपको बैंकों से भी हर महीने फिक्स सैलरी मिलेगी। जो कि आपके बिजनेस से हुई इनकम से अलग होगी।

बिल पेमेंट से सम्बंधित कौन सी सेवाएँ दी जा सकतीं हैं ?

बिल पेमेंट सर्विस का निर्धारण सर्विस बैंक और सर्विस देने वाली कंपनी के साथ हुए टाईअप के आधार पर तय होती है। ऐसे में बिल पेमेंट सर्विस अलग-अलग बैंक के आधार पर निर्धारित होती है।

बिल पेमेंट सर्विस तहत निम्नलिखित सेवाएं दी जाती है:

1. मोबाइल रिचार्ज
2. डीटीएच रिचार्ज
3. पोस्ट पेड और लैंड लाइन फोन बिल पेमेंट
4. इलेक्ट्रिसिटी बिल पेमेंट
5. डाटा कार्ड रिचार्ज
6. पैन कार्ड सर्विस
7. टिकट बुकिंग
8. सभी तरह के बीमा सेवाओं के प्रीमियम का कलेक्शन

कहां खोला जा सकता है मिनी बैंक ?

जो भी व्यक्ति कस्टमर सर्विस प्वाइंट खोलना चाहते हैं या बैंक मित्र बनना चाहते हैं उन्हें सीधे बैंक से संपर्क करना होता है| इसके तहत सार्वजनिक क्षेत्र के साथ-साथ निजी क्षेत्र के बैंकों के साथ भी जुड़ा जा सकता है| कोई भी व्यक्ति अपने आस-पास के शहर, छोटे कस्बों और गांवों में भी कस्टमर सर्विस प्वाइंट खोल सकता है। शहर में यह वार्ड के आधार पर खोले जाते हैं। जबकि गांवों में बैंक अपने एरिया के आधार पर बैंक मित्र और कस्टमर सर्विस प्वाइंट सेलेक्ट करते हैं।

कस्टमर सर्विस प्वाइंट खोलने के लिए योग्यता

कोई भी व्यक्ति जिसकी उम्र 18 साल से ज्यादा है, वह कस्टमर सर्विस प्वाइंट खोल सकता है| इसके अलावा कोई कंपनी भी बैंक मित्र बनने के लिए आवेदन कर सकती है।

कस्टमर सर्विस प्वाइंट (मिनी बैंक)खोलने के लिए आवश्यक डॉक्युमेंट्स:

1. रेजिडेंशियल प्रूफ
2. आईडी प्रूफ (आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस के अलावा कोई भी सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त आईडी )
3. बिजनेस एड्रेस प्रूफ (इलेक्ट्रिसिटी बिल, टेलिफोन बिल)
4. कैरेक्टर सर्टिफिकेट (पुलिस द्वारा वैरिफाइड)
5. 10 वीं की मार्कशीट
6. दो पासपोर्ट साइज फोटो
7. बैंक अकाउंट डिटेल, पासबुक, कैंसिल्ड चेक
8. कस्टमर सर्विस प्वाइंट खोलने के लिए कितना निवेश करना पड़ता है:

कितनी जगह की जरुरत होगी कस्टमर सर्विस प्वाइंट या मिनी बैंक खोलने के लिए

कस्टमर सर्विस प्वाइंट खोलने या बैंक मित्र बनने के लिए इच्छुक व्यक्ति के पास कम से कम 100 वर्गफुट का स्पेस होना चाहिए। इसके अलावा डेस्कटॉप या लैपटॉप, इंटरनेट कनेक्टिविटी (ब्रॉडबैंड या डोंगल), स्कैनर तथा प्रिंटर के लिए 50-60 हजार रूपए का निवेश करना पड़ता है| कस्टमर सर्विस प्वाइंट खोलने के लिए बैंक लोन भी देती है| इसके तहत कुल 1.25 लाख रुपए का लोन मिलता है, जिसमें वाहन के लिए 50 हजार रूपए, लैपटॉप, प्रिंटर एवं स्कैनर के लिए 50 हजार रूपए तथा काम शुरू करने के लिए पूंजी के रूप में 25 हजार रूपए दिए जाते हैं|

कस्टमर सर्विस प्वाइंट द्वारा होने वाली कमाई

 बैंक मित्र बनने पर उस व्यक्ति को बैंकों की तरफ से एक निर्धारित वेतन मिलता है| अधिकांश बैंकों के द्वारा मासिक वेतन के रूप में 5000 रूपए दिए जाते हैं| इसके अलावा बैंक अकाउंट खोलने से लेकर हर ट्रांजैक्शन पर उस व्यक्ति को कमीशन भी मिलता है| ज्ञात आकड़ों के अनुसार एक बैंक मित्र आसानी से 25-30 हजार रूपए प्रति माह कमाता है|

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