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ब्रिटिशकालीन समितियों और आयोगों की सूची

समिति और आयोग एक विशेषज्ञ लोगों की समूह को कहते है जो किसी विशिष्ट कार्य के लिए सरकार द्वारा गठित किये जाते हैं। इस लेख में, हमने ब्रिटिशकालीन समितियों और आयोगों को सूचीबद्ध किया है, जो प्रशासकीय सुधारों, न्यायिक सुधारों या सामाजिक सुधारों के लिए बनाई गई थी।
Feb 28, 2018 18:53 IST
List of Committees and Commissions in India before Independence in Hindi

समिति और आयोग एक विशेषज्ञ लोगों के समूह को कहते है जो किसी विशिष्ट कार्य के लिए सरकार द्वारा गठित किये जाते हैं। इस लेख में, हमने ब्रिटिशकालीन समितियों और आयोगों को सूचीबद्ध किया है, जो प्रशासकीय सुधारों, न्यायिक सुधारों या सामाजिक सुधारों के लिए बनाई गई थी।

ब्रिटिशकालीन समितियों और आयोगों की सूची

समितियों / आयोगो के नाम

वर्ष (AD)

गवर्नर जनरल / वायसराय

समितियों / आयोगों के विषय

चार्ल्स वुड डेस्पैच

1854

लॉर्ड डलहौज़ी

शिक्षा

हंटर आयोग

1882

लॉर्ड रिपन

शिक्षा

रैली आयोग

1902

लॉर्ड कर्जन

शिक्षा

सैडलर कमीशन

1917

लॉर्ड चेम्सफोर्ड

शिक्षा

हार्टोग आयोग

1929

लॉर्ड इरविन

शिक्षा

सार्जेंट प्लान

1944

लॉर्ड वावेल

शिक्षा

कैंपबेल आयोग

1866

सर जॉन लॉरेंस

सूखा

स्त्रत्ची आयोग

1880

लॉर्ड लिटन,

सूखा

लयाल आयोग

1886

लॉर्ड डी एल्गिन-द्वितीय

सूखा

मैकडोनेल कमिशन

1900

लॉर्ड कर्जन

सूखा

मैन्सफील्ड कमीशन

1886

लॉर्ड डफ़रिन

मुद्रा

फाउलर कमिशन

1898

लॉर्ड एल्गिन -II

मुद्रा

फ्रेजर आयोग

1902

लॉर्ड कर्जन

कृषि

बबिंगटन स्मिथ आयोग

1919

लॉर्ड चेम्सफोर्ड

मुद्रा

हंटर कमेटी रिपोर्ट

1919

लॉर्ड चेम्सफोर्ड

पंजाब में हुए गड़बड़ी की जाँच

मुद्मीन समिति

1924

लॉर्ड रीडिंग

मोंटेग-चेम्सफोर्ड सुधारों की जाँच

बटलर आयोग

1927

लॉर्ड इरविन

भारतीय राज्यों

व्हिटली आयोग

1929

लॉर्ड इरविन

श्रम

साइमन कमीशन

 

लॉर्ड इरविन

शासन योजना की प्रगति की जांच और सुधार के लिए नए कदम सुझाने के लिए

सप्रू आयोग

1935

लॉर्ड लिनलिथगो

बेरोजगारी

हिल्टन युवा आयोग

1939

लॉर्ड लिनलिथगो

मुद्रा

चैटफ़ील्ड आयोग

1939

लॉर्ड लिनलिथगो

सेना

फलौड कमीशन

1940

लॉर्ड लिनलिथगो

बंगाल में किरायेदारी

ब्रिटिशकालीन इतिहास ,1858 से लेकर 1947 के बीच भारतीय उपमहाद्वीप पर ब्रिटिश शासन की अवधि को संदर्भित करता है। इस दौरान ब्रिटिश राज ने अपने संपूर्ण-प्रभुत्व के लिए अनेको प्रशासनिक सुधारों, न्यायिक सुधारों और सामाजिक सुधारों के लिए समितियों और आयोगों का गठन किया था।

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