भारत में विश्व स्तरीय महत्वपूर्ण कृषि विरासत प्रणाली (GIAHS) स्थलों की सूची

खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने विश्व स्तरीय महत्वपूर्ण कृषि विरासत प्रणाली स्थलों के प्रति सार्वजनिक जागरूकता पैदा करने और सुरक्षा के उद्देश्य से वैश्विक कृषि विरासत प्रणाली (GIAHS) की शुरुआत की थी। भारत में कृषि विरासत प्रणाली (GIAHS) शहरों के रूप में ओडिशा राज्य में स्थित कोरापुट, कश्मीर घाटी में स्थित पंपोर क्षेत्र और कुट्टानड़ को मान्यता दी गई है. यहां, हम सामान्य जागरूकता के लिए भारत में स्थित वैश्विक कृषि विरासत प्रणाली (GIAHS) की सूची और क्यों इन क्षेत्रों को FAO द्वारा चुना गया है, उसका विवरण दे रहे हैं।
Nov 15, 2017 10:42 IST

    खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने विश्व स्तरीय महत्वपूर्ण कृषि विरासत प्रणाली स्थलों के प्रति सार्वजनिक जागरूकता पैदा करने और सुरक्षा के उद्देश्य से वैश्विक कृषि विरासत प्रणाली (GIAHS) की शुरुआत की थी। भारत में कृषि विरासत प्रणाली (GIAHS) शहरों के रूप में ओडिशा राज्य में स्थित कोरापुट, कश्मीर घाटी में स्थित पंपोर क्षेत्र और कुट्टानड़ को मान्यता दी गई है. यहां, हम सामान्य जागरूकता के लिए भारत में स्थित वैश्विक कृषि विरासत प्रणाली (GIAHS) की सूची और क्यों इन क्षेत्रों को FAO द्वारा चुना गया है, उसका विवरण दे रहे हैं।

    Global Important Agricultural Heritage

    भारत में विश्व स्तरीय महत्वपूर्ण कृषि विरासत प्रणाली (GIAHS) स्थलों की सूची

    भारत की विश्व स्तरीय महत्वपूर्ण कृषि विरासत प्रणाली (GIAHS) स्थल

    GIAHS स्थलो के रूप में मान्यता के लिए कारण

     

    कोरापुट, ओडिशा

     

     

    1. समृद्ध जैव विविधता

    2. धान, बाजरा, दालों, तिलहन, सब्जियों जैसी फसलों की बढ़ती किस्मों के लिए सबसे उपयुक्त क्षेत्र।

    3. खेती और वनों की कटाई की वजह से जैव विविधता की समृद्धि खो रही है।

    4. छोटी ज़मीन के टुकड़े पर बड़े परिवार का बोझ और यह सब अशिक्षितता के कारण होता है।

    5. लगभग 84% आबादी अत्यधिक गरीबी, पूर्ण गरीबी, निराशा या गरीबी में हैं।

     

    कश्मीर घाटी, पंपोर क्षेत्र

     

    1. भारतीय कश्मीर का केसर विरासत स्थल के रूप में भी जाना जाता है।

    2. मक्का, चावल जैसे अनाज, राजमा, मसूर जैसे दालों तथा फल एवं सब्जी की विभिन्न किस्मों के उत्पादन के लिए सबसे उपयुक्त क्षेत्र।

    3. लोकप्रिय रूप से पारंपरिक कम जुताई वाले कृषि परंपराओं का इस्तेमाल।

    4. कृषि-वानिकी के लिए उपयुक्त क्षेत्र और इसका इस्तेमाल खेत की सीमाओं के साथ फल, चारा और शहतूत के पेड़ों को लगाने के लिए प्रचलित है।

    5. उत्पादकता बढ़ाने के लिए कृषि प्रबंधन का इस्तेमाल|

    6. युवा पीढ़ी द्वारा विरासत के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयास

    कुट्टनाड

    1. केरल के पश्चिमी तट पर यह लगभग 900 km2 का डेल्टा क्षेत्र है।

    2. यह भारत का एक ऐसा क्षेत्र जहाँ समुन्द्र तल से नीचे चावल की खेती होती है जिसको पश्च जल में धान की खेती या कयाल खेती भी कहते हैं।

    3. लोगों की कृषि तकनीक की एक अनूठी प्रणाली है जो स्थानीय समुदायों के लिए कई आजीविका सेवाओं सहित जैव विविधता और पारिस्थितिक तंत्र सेवाओं के संरक्षण में योगदान करती है।

    उपरोक्त भारत में विश्व स्तरीय महत्वपूर्ण कृषि विरासत प्रणाली (GIAHS) स्थलों की सूची पाठकों के सामान्य ज्ञान को बढ़ाएगा।

    पर्यावरण और पारिस्थितिकीय: समग्र अध्ययन सामग्री

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