भारत के महत्चपूर्ण प्रागैतिहासिक कालीन चित्रों वाले स्थलों की सूची

Jul 27, 2018 18:52 IST
    पूरे विश्‍व में इस काल के अनेक चित्रावशेष मिलते हैं। भारत में प्राप्त चित्र अन्य देशों से प्राप्त चित्रों के समान महत्वपूर्ण है। प्रागैतिहासिक कला का पहला प्रमाण 1878 ई. में इटली और फ्रांस में मिला तथा भारत में भित्तिचित्र चित्रकला के महत्व पर 1880 ई. में आर्किबाल्ड कार्लेली और जॉन कॉकबर्न ने कैमर (मिर्जापुर) पहाड़ी पेंटिंग्स के आधार देश को अवगत कराया था। इस लेख में हमने भारत के महत्चपूर्ण प्रागैतिहासिक कालीन चित्रों वाले स्थलों की सूची दिया हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।
    List of Important Indian Sites of Prehistoric Paintings HN

    प्रागैतिहासिक शब्द प्राग+इतिहास से मिलकर बना है जिसका शाब्दिक अर्थ है- इतिहास से पूर्व का युग। हजारों वर्ष पूर्व मानव गुफाओं मे रहता था तथा जानवरों का शिकार कर अपनी भूख मिटाता था। इन्ही गुफाओं की दिवारों पर आदि मानव ने अपने कला कौशल का परिचय कुरेद कर या फिर रेखाआ से सहजता के साथ अकिंत कर दिया था जो आज हमे हमारे पूर्वजों के जीवन की वास्तविकताओं से परिचित करवाता है।

    पूरे विश्‍व में इस काल के अनेक चित्रावशेष मिलते हैं। भारत में प्राप्त चित्र अन्य देशों से प्राप्त चित्रों के समान महत्वपूर्ण है। प्रागैतिहासिक कला का पहला प्रमाण 1878 ई. में इटली और फ्रांस में मिला तथा भारत में भित्तिचित्र चित्रकला के महत्व पर 1880 ई. में आर्किबाल्ड कार्लेली और जॉन कॉकबर्न ने कैमर (मिर्जापुर) पहाड़ी पेंटिंग्स के आधार देश को अवगत कराया था।

    भारत में प्रागैतिहासिक गुफाएं  जिनकी चट्टानों पर चित्रकारी की हुर्इ है, आदमबेटका, भीमबेटका, महादेव, उत्तरी कर्नाटक और आन्ध्र प्रदेश के क्षेत्रों में मिलती हैं। हाथी, चीता, गैंडा और जंगली सूअर के चित्र मिले, जिन्हें लाल, भूरे और सफेद रंगो का प्रयोग करके दिखाया गया है । कुछ चित्रों को चट्टानों को खुरेद कर बनाया गया है। प्रागैतिहासिक काल के चित्र शिकार के है, जिनमें पशुओं की आकृति एवं शिकार करते हुये दिखाया गया है ।

    भारत के महत्चपूर्ण प्रागैतिहासिक कालीन चित्रों वाले स्थल

    1.  मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश)

    केंद्र: लिखुनिया, भसोली, लोहड़ी, कोहबर, विजयगढ़ और अहिरोरा

    प्रसिद्ध पेंटिंग: भाले का उपयोग कर संभार का शिकार करते हुए दृश्य।  बारासिंघा और जंगली सुअर का शिकार करते हुए दृश्य।

    2. गढ़वाल-कुमाऊं क्षेत्र (सुयाल, उत्तराखंड नदी का क्षेत्र)

    केंद्र: लखुदियार (अल्मोड़ा) और दलबंद (चमोली)।

    प्रसिद्ध पेंटिंग: मनुष्यों को नृत्य करते हुए तथा मानव चित्र को दर्शाया गया है।

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    3. रायगढ़ क्षेत्र (मध्य प्रदेश)

    केंद्र: सिंघानपुर, कबरा हिल, खैतपुर, और बनिया बेरी।

    प्रसिद्ध पेंटिंग: मत्स्यांगना, अजगर, और कृषि गतिविधियों के रूप में आयोजित मानव मूर्तियों को चित्रित किया गया है।

    4. पचमढ़ी क्षेत्र (महादेव हिल्स, मध्य प्रदेश)

    केंद्र: बाजार गुफा, निंबबुभूज, महादेव, मंडदेव, दोरोथी द्वीप, इम्ली खोह और बनिया बेरी।

    प्रसिद्ध पेंटिंग: पुरुषों-महिलाओं द्वारा सामूहिक हथियार या बुमेरांग युक्त सामूहिक शिकार; रोज़मर्रा की जिंदगी के दृश्यों में नृत्य, गायन, मवेशियों की चराई आदि का चित्रण दर्शाया गया है।

    5. दक्षिण भारत क्षेत्र

    केंद्र: कुरनूल, बेटमचारला, मुचरला चिंतियानी, अदोनी, बलचकर, ओडिकाड्डा, तिरुपति, रेशपाली, खोवा, वारंगल, काजीपेट, हसन पार्टी (आंध्र प्रदेश), बेल्लारी (कर्नाटक) और एडक्कल (केरल)

    प्रसिद्ध पेंटिंग: लम्बे सिंघ और लम्बे चोंच वाले दौड़ते हुए जानवर का चित्रित किया गया है।

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