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मनोहर पर्रिकर की जीवनी: परिवार, शिक्षा, राजनीतिक जीवन, पुरस्कार

मनोहर पर्रिकर एक राजनेता, बीजेपी के नेता, आरएसएस के सदस्य और गोवा के सीएम थे. उनकी मृत्यु उनके गृहनगर पणजी, गोवा में अग्नाशय के कैंसर (pancreatic cancer) के कारण हुई. आइये इस लेख के माध्यम से हम मनोहर पर्रिकर की जीवनी, उनके परिवार, शिक्षा, राजनीतिक जीवन, पुरस्कारों इत्यादि काके बारे मैं अध्ययन करते हैं.
Mar 19, 2019 13:39 IST
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Manohar Parrikar Biography
Manohar Parrikar Biography

पूरा नाम: मनोहर गोपालकृष्ण प्रभु पर्रिकर
जन्म: 13, दिसंबर, 1955
जन्म स्थान: मापुसा, गोवा, भारत
पिता: गोपालकृष्ण पर्रिकर
माँ: राधाबाई पर्रिकर
पत्नी: स्वर्गीय मेधा पर्रिकर
बच्चे: अभिजीत पर्रिकर और उत्पल पर्रिकर
शिक्षा: बी.टेक (MET) आई.आई.टी. में शिक्षित बंबई
पेशा: राजनीतिज्ञ
पोलिटिकल पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)
निधन: 17 मार्च, 2019
मृत्यु का स्थान: पणजी, गोवा
मृत्यु का कारण: अग्नाशय का कैंसर (Pancreatic Cancer)

मनोहर पर्रिकर अपने सादे जीवन जीने के कारण काफी प्रसिद्ध थे. उनके द्वारा किए गए कार्य और उनकी ईमानदारी के लिए भी वह जाने जाते थे. इसमें कोई संदेह नहीं है कि एक छोटे से राज्य से अपने राजनितिक सफर की शुरुआत कर उन्होंने अपने दम पर और मेहनत से अपना नाम बनाया. मोहन पर्रिकर 14 मार्च, 2017 से गोवा के मुख्यमंत्री के पद पर आसीन थे. इससे पहले भी वह 2000 से 2005 तक और 2012 से 2014 तक गोवा के मुख्यमंत्री थे, इसके साथ ही वे बिजनेस सलाहकार समिति के सदस्य भी रह चुके हैं. यहीं आपको बता दें कि वह पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने आई आई टी से स्नातक किया हुआ है. आइये इस लेख के माध्यम से मनोहर पर्रिकर के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करते हैं.

मनोहर पर्रिकर: प्रारंभिक जीवन

उनका जन्म 13 दिसंबर, 1955 को गोवा के मापुसा में हुआ था. उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा मडगांव से की और लोयोला हाई स्कूल से स्कूली शिक्षा को पूरा किया. 1973 में, वह RSS में एक मुखिया शिक्षक बन गए. वह उस समय इंटर में थे. IIT मुंबई से metallurgical इंजीनियरिंग में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद भी उन्होंने RSS के लिए अपनी सेवाओं को जारी रखा. क्या आप जानते हैं कि 2001 में, उन्होंने अपने प्रसिद्ध संस्थान से प्रतिष्ठित पूर्व छात्र पुरस्कार प्राप्त किया? उनकी शादी 1981 में मेधा पर्रिकर से हुई और उनके दो बच्चें उत्पल पर्रिकर और अभिजीत पर्रिकर हैं. उनके दोनों बच्चों का राजनीती से कोई लेना देना नहीं है. उत्पल एक इंजीनियर के रूप में कार्य कर रहे हैं और अभिजित का खुद का व्यापार है. मनोहर पर्रिकर का एक भाई भी है जिसका नाम अवधूत पर्रिकर है. गोवा के मुख्यमंत्री बनने के कुछ समय बाद ही उनकी पत्नी की ल्यूकेमिया कैंसर से मृत्यु हो गई थी.

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मनोहर पर्रिकर: राजनीतिक करियर

मनोहर पर्रिकर ने अपने स्कूल के दिनों में ही RSS को जॉइन कर लिया था. उन्होंने अपनी पढ़ाई के साथ RSS की युवा शाखा के लिए काम भी किया. इंजीनियरिंग की पढाई के साथ-साथ भी उन्होंने RSS को अपनी सेवा देना जारी रखा. इसके बाद उन्हें BJP पार्टी का सदस्य बनने का मौका मिला और उन के राजनीतिक करियर की शुरुआत 1994 में हुई जब वे बीजेपी के सदस्य के रूप में गोवा की विधानसभा में विधायक बने. जून से नवंबर 1999 तक, वह विपक्ष के नेता थे. 24 अक्टूबर, 2000 को पहली बार वे गोवा के मुख्यमंत्री बने, लेकिन उनका कार्यकाल केवल 27 फरवरी, 2002 तक रहा. 5 जून, 2002 को उन्हें गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में फिर से चुना गया और साल 2005 में विधानसभा में हुए चुनाव में BJP को हार मिली और पर्रिकर को मुख्यमंत्री के पद को छोड़ना पड़ा. इसके बाद 2012 में हुए चुनावों में BJP पार्टी को जीत मिली और मनोहर पर्रिकर गोवा के फिर से मुख्यमंत्री बनें. 2014 में लोकसभा के चुनाव में BJP पार्टी को जीत मिली और केंद्र में सरकार बनने के बाद रक्षामंत्री के रूप में BJP की पहली पसंद मनोहर पर्रिकर को देश का रक्षामंत्री बना दिया गया. इसलिए पर्रिकर को गोवा का मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ा. फिर उनकी जगह लक्ष्मीकांत को गोवा राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया.

मनोहर पर्रिकर: सम्मान एवं पुरस्कार

इंडिया टुडे मैगजीन द्वारा, उन्हें 2004 में 'सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री' के रूप में सम्मानित किया गया था. उन्हें गोवा में मिस्टर क्लीन के रूप में भी जाना जाता था. क्या आप जानते हैं कि जब वह रक्षामंत्री थे, उनके नेतृत्व में वन रैंक वन पेंशन (OROP) योजना शुरू की गई थी. साथ ही, अपने कार्यकाल में भारत ने PoK और म्यांमार में सर्जिकल स्ट्राइक किया था. 2001 में, उन्होंने प्रतिष्ठित पूर्व छात्र पुरस्कार IIT-Mumbai प्राप्त किया. 2012 में, राजनीति श्रेणी में सीएनएन-आईबीएन इंडियन ऑफ द ईयर पुरस्कार दिया गया. सितंबर, 2018 को, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान गोवा द्वारा मानद डॉक्टरेट से नवाज़ा गया.

मनोहर पर्रिकर: बीमारी और मृत्यु

अमेरिका में, वह मार्च-जून 2018 में अग्नाशय की बीमारी का इलाज करा रहे थे. अमेरिका से भारत लौटने के बाद, सितंबर में उन्हें आगे के इलाज के लिए दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था. उन्हें अक्टूबर 2018 में अग्नाशय के कैंसर (Pancreatic Cancer) का पता चला और 63 वर्ष की आयु में, उनका निधन 17 मार्च, 2019 को पणजी, गोवा में उनके निवास स्थान पर हुआ.

तो ऐसा कहना गलत नहीं होगा कि मनोहर पर्रिकर BJP के द्वारा बनाए गए पहले मुख्यमंत्री थे. उनका रहन-सहन एक साधारण व्यक्ति की ही तरह था और वह एक भुत अच्छे इंसान थे.

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