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भारत में 10 सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाएं कौन सी हैं?

जनगणना के विश्लेषण के मुताबिक 121 भाषाएं हैं जो कि भारत में 10,000 या उससे ज्यादा लोग बोलते हैं, जिनकी आबादी 121 करोड़ है यानी ऐसा कहना गलत नहीं होगा कि भारत कई प्रमुख भाषाओं का घर है. आइये इस लेख के माध्यम से 2011 की भाषा जनगणना के अनुसार भारत में 10 सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओं के बारे में अध्ययन करते हैं.
Nov 5, 2018 18:14 IST
Most Spoken Languages in India

भाषा मानव अस्तित्व की एक प्रमुख विशेषता है क्योंकि यह मनुष्यों को एक-दूसरे के साथ संवाद करने और उनके बीच संबंध विकसित करने में मदद करती है.

ये हम सब जानते हैं कि क्षेत्र के अनुसार दुनिया का सातवां सबसे बड़ा देश और साथ ही दुनिया का दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला देश भारत है. यहां पर लगभग 1.2 अरब से अधिक लोगों की आबादी है कई धर्म प्रचलित हैं. भारत में विभिन्न भाषाएँ और संस्कृतियां शामिल हैं और देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले लोग बिखरे हुए हैं.

जनगणना के विश्लेषण के मुताबिक 121 भाषाएं हैं जो कि भारत में 10,000 या उससे ज्यादा लोग बोलते हैं, जिनकी आबादी 121 करोड़ है. जनगणना के नवीनतम विश्लेषण के मुताबिक भारत में मातृभाषा के रूप में 9,500 से अधिक भाषाएं बोली जाती हैं. आइये इस लेख के माध्यम से 2011 की भाषा जनगणना के अनुसार भारत में 10 सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओं के बारे में अध्ययन करते हैं.

हालांकि, अभी भी जनसंख्या कुपोषण, भ्रष्टाचार, गरीबी, और अपर्याप्त स्वास्थ्य देखभाल जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है. भारत कई प्रमुख भाषाओं का घर है, जिनमें से सबसे उल्लेखनीय नीचे दिये गये हैं.

1. हिंदी - 52.83 करोड़ वक्ताएं

हिंदी भारत में सबसे बोली जाने वाली भाषा है. यह देश की आधिकारिक भाषाओं में से एक है. 2011 के जनगणना के आधार पर भारतीयों भाषाओं के आंकड़े के अनुसार हिंदी को मातृभाषा के रूप में बताने वाले लोगों की संख्या में 2001 के जनगणना के मुकाबले में 2011 में बढ़ोतरी हुई है. 2001 में 41.03% लोगों ने हिंदी को मातृभाषा बताया था जबकि 2011 में इसकी संख्या बढ़कर 43.63% हो गई है. मंदारिन, स्पेनिश और अंग्रेजी के बाद हिंदी दुनिया में चौथी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा भी है. वर्तमान में, भारत में 52,83,47,193 हिंदी वक्ताएं (speakers) हैं. यह उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली समेत देश के लगभग सभी राज्यों में बोली जाती है.

हिंदी संस्कृत भाषा का ही वंशज है और द्रविड़ भाषा, अरबी, पुर्तगाली, अंग्रेजी, फारसी और तुर्किक से प्रभावित है. हिंदी बोली जाने वाली भाषा में अवधी, ब्रज और खड़ी बोली शामिल हैं. क्या आप जानते हैं कि हिंदी शब्द पांच श्रेणियों में विभाजित हैं, तत्समा, अर्धत्त्तसामा, तधभव, देशज और विदेशी.

2. बंगाली – 9.72 करोड़ वक्ताएं

भारत की दूसरी सबसे ज्यादा बोलने वाली भाषा बंगाली है, जिसे 9.72 करोड़ नागरिकों द्वारा बोली जाती है यानी कुल जनसंख्या का 8.03 प्रतिशत.

बंगाली एक भारतीय-आर्यन भाषा है जो ज्यादातर दक्षिण एशिया में बोली जाती है. भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्रों में अंडमान और निकोबार द्वीप समेत अधिकांश राज्यों में यह सबसे प्रमुख भाषा है. बंगाली शुरुआत में पुराने इंडो-आर्यों की एक धर्मनिरपेक्ष भाषा थी और फारसी और अरबी से प्रभावित थी. यह भाषा अलग-अलग राज्यों में विशेष रूप से उपयोग, उच्चारण, शब्दों और ध्वन्यात्मक रूप में भिन्न होती है. बंगाली भारत पश्चिम बंगाल, झारखंड, असम और त्रिपुरा के पूर्वी राज्यों में अधिकतर बोली जाती है. यह भाषा मध्य पूर्व, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान, ब्रिटेन और कनाडा में भी बोली जाती है. बंगाली भाषा कराची विश्वविद्यालय द्वारा पेश किए गए कार्यक्रमों का भी एक हिस्सा है. भारत का राष्ट्रीय गान बंगाली भाषा में लिखा गया था.

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3. मराठी – 8.30 करोड़ वक्ताएं

देश में कुल 8.30 करोड़ लोग मराठी बोलते हैं, जो कुल जनसंख्या का 6.86 प्रतिशत है.

मराठी एक भारतीय-आर्य भाषा है जो गोवा और महाराष्ट्र समेत देश के पश्चिमी हिस्सों में राज्यों की आधिकारिक भाषा के रूप में बोली जाती है. मराठी में बोली जाने वाली लगभग 42 अलग-अलग उपभाषाएं हैं. क्या आप जानते हैं कि मराठी व्याकरण में तीन लिंग होते हैं.

4. तेलुगु – 8.11 करोड़ वक्ताएं

तेलुगु एक द्रविड़ भाषा है जो भारत में व्यापक रूप से देश के कई राज्यों में बोली जाती है. यह भाषा मुख्य रूप से आंध्रप्रदेश, तेलंगाना और यानम राज्यों में बोली जाती है. इसकी बोली में अन्य बोलियों के बीच बेराद, वाडागा, डोमारा, सालेवारी, नेल्लोर, कोमताओ और कामथी शामिल हैं. संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात और दक्षिण अफ्रीका समेत कई देशों में भी यह भाषा बोली जाती है.

5. तमिल – 6.90 करोड़ वक्ताएं

तमिल भाषा की जड़ें द्रविड़ भाषा के साथ जुड़ी हुई हैं. हालांकि यह सिंगापुर और श्रीलंका दोनों की आधिकारिक भाषा है, यह भारत में भी व्यापक रूप से बोली जाने वाली भाषा है. देश में 6.90 करोड़ लोग तमिल बोलते हैं. क्या आप जानते हैं कि तमिल दुनिया की सबसे पुरानी जीवित भाषाओं में से एक होने के लिए उल्लेखनीय है. इसकी साहित्यिक परंपरा 2,000 से अधिक वर्षों से है. अधिकांश तमिल भाषा श्रीलंका के तट के पास दक्षिणी भारत में बोली जाती है.

6. गुजराती – 5.54 करोड़ वक्ताएं

गुजराती एक भारतीय-आर्य भाषा है जिसे भारत में 5.54 करोड़ लोगों द्वारा बोली जाती है. यह गुजरात की आधिकारिक भाषा है, जो कि उत्तर-पश्चिमी भारत में स्थित एक राज्य है. हम आपको बता दें कि गुजराती भाषा संस्कृत से विकसित हुई है.

7. उर्दू – 5.07 करोड़ वक्ताएं

भारत में लगभग 5.07 करोड़ उर्दू वक्ताएं हैं. उर्दू भी देश की आधिकारिक भाषाओं में से एक है. पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना और झारखंड राज्यों में उर्दू एक आधिकारिक भाषा के रूप में सूचीबद्ध है. हम आपको बता दें कि उर्दू पाकिस्तान की आधिकारिक भाषा भी है.

8. कन्नड़ – 4.37 करोड़ वक्ताएं

तमिल की तरह कन्नड़ भी एक द्रविड़ भाषा है. यह भारत में 4.37 करोड़ लोगों द्वारा बोली जाती है. क्या आप जानते हैं कि कन्नड़ दुनिया की सबसे पुरानी जीवित भाषाओं में से एक है. भारत के बाहर, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा जैसे स्थानों में भी यह भाषा बोली जाती है. इनमें से कई वक्ताएं भारतीय डायस्पोरा के सदस्य भी हैं. ऐसा अनुमान लगाया जाता है कि कन्नड़ में लगभग 20 अलग-अलग उपभाषाएँ हैं.

9. ओड़िया – 3.75 करोड़ वक्ताएं

ओड़िया भारत की आधिकारिक भाषा है और अशिकांश वक्ताएं ओडिशा राज्य में केन्द्रित हैं. देश भर में 3.75 करोड़ वक्ताओं द्वारा यह भाषा बोली जाती है.

10. मलयालम – 3.48 करोड़ वक्ताएं

भारत में 3.48 करोड़ वक्ताओं की अनुमानित संख्या मलयालम बोलती है, जो केरल, पुडुचेरी और लक्षद्वीप राज्यों में बोली जाती है. इस भाषा की जड़ें भी द्रविड़ भाषाओं में से ही हैं.

अंग्रेजी भाषा - 2,59,678 वक्ताएं

हिंदी के साथ, अंग्रेजी भाषा भारत की संघीय सरकार की आधिकारिक भाषाओं में से एक है. भारत के कुछ राज्यों में जैसे नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश, अंग्रेजी एक आधिकारिक भाषा है. 1800 के दशक में ईस्ट इंडिया कंपनी के दिनों से भारत में स्कूलों में अंग्रेजी पढ़ाया जाने लगा था. भारत में
भारत में विभिन्न प्रकार की भाषा होने के कारण वक्ताओं के बीच संचार के माध्यम में बाधा नहीं होती है क्योंकि ज्यादातर भारतीय बहु भाष्य हैं. अधिकांश भारतीय अंग्रेजी, हिंदी और एक मातृभाषा बोल सकते हैं. अंग्रेजी को अब विदेशी भाषा नहीं माना जाता है क्योंकि यह भारत के दक्षिण और उत्तर में लोगों के बीच संचार का सबसे आम तरीका कर रूप में लोकप्रिय है. तो अब आपको ज्ञात हो गया होगा की भारत में कितने वक्ताएं कौन सी भाषा बोलते हैं.

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