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जम्मू-कश्मीर में दरबार मूव (Darbar Move) क्या है?

Darbar Move के तहत सभी प्रशासनिक सचिवों, नागरिक सचिवालय, राजभवन, पुलिस मुख्यालय और इनसे जुड़े करीब दस हजार कर्मचारी, फाइल्स ,कंप्यूटर ,फर्नीचर और अन्य सामानों को हर साल जम्मू से श्रीनगर और श्रीनगर से जम्मू मूव किया जाता है.यह मूव मौसम में परिवर्तन के कारण किया जाता है.
Apr 16, 2020 16:36 IST
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Darbar Move meaning in hindi
Darbar Move meaning in hindi

दरबार मूव का इतिहास:(History of Darbar Move)

यह प्रथा कथित तौर पर 19 वीं शताब्दी के अंत में जम्मू और कश्मीर के महाराजा रणबीर सिंह द्वारा 1872 में शुरू की गई थी. महाराजा रणबीर सिंह, जम्मू और कश्मीर राज्य के संस्थापक राजा गुलाब सिंह के तीसरे बेटे थे. राजा, गर्मियों में अपनी राजधानी श्रीनगर और सर्दियों में जम्मू के बीच स्थानांतरित कर देते थे ताकि इन स्थानों पर खतरनाक मौसम की स्थिति से बचा जा सके.

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(महाराजा रणबीर सिंह)

दरबार मूव क्या होता है? (What is Darbar Move)

दरबार मूव एक सदी पुरानी प्रथा है जिसमें राज्य सरकार, श्रीनगर और जम्मू की दो राजधानियों में छह-छह महीने तक काम करती है. जैसा कि सभी को पता है पहले फुल राज्य और अब केंद्र शासित प्रदेश जम्मू & कश्मीर की दो राजधानियां हैं. एक जम्मू और दूसरी श्रीनगर में. जम्मू को विंटर कैपिटल और श्रीनगर को समर कैपिटल कहा जाता है.

जब प्रदेश में भीषण सर्दी पड़ती है तो राजधानी को श्रीनगर से जम्मू लाया जाता है और जब गर्मी का मौसम शुरू होने वाला होता है तो राजधानी श्रीनगर में मूव कर जाती है. 
अर्थात जम्मू और कश्मीर की समर कैपिटल मई से अक्टूबर तक श्रीनगर में रहती है और विंटर कैपिटल, नवम्बर से अप्रैल तक जम्मू में रहती है. इस मूवमेंट को दरबार मूव कहा जाता है.

दरबार मूव के तहत सभी प्रशासनिक सचिवों से लेकर इससे जुड़े करीब दस हजार कर्मचारी, भी जम्मू से श्रीनगर शिफ्ट होते हैं, इस शिफ्टिंग में कई ट्रकों में फाइल्स ,कंप्यूटर ,फर्नीचर और अन्य सामानों को भरकर ले जाया जाता जिसमें लगभग 5 करोड़ का खर्च आता है. 

इस साल 2020 में 'दरबार मूव' के तहत 24 अप्रैल को जम्मू में दरबार मूव के कार्यालय जिसमें नागरिक सचिवालय, राजभवन, पुलिस मुख्यालय सहित दरबार से संबंधित अन्य कार्यालय बंद होने हैं. J&K केंद्र शासित प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में चार मई 2020 को सरकार का दरबार सजाने की तैयारी थी. लेकिन अब कोरोना वायरस की वजह से यह 148 साल पुरानी परंपरा इस साल संपन्न नहीं होगी. अर्थात अब जो कर्मचारी जहाँ पर है वहीँ से काम करेगा.

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दरबार मूव क्यों होता है? (why Darbar Move happens in J&K)

इसके दो कारण हैं; पहला मौसम की विपरीत परिस्तिथियाँ और दूसरा कर्मचारियों का दबाव.

शिफ्ट होने वाले कर्मचारियों में कई जम्मू के कर्मचारी होते हैं जो श्रीनगर शिफ्ट होते हैं और इसका उल्टा भी. यह दरबार मूव साल में दो बार इसलिए होता है क्योंकि यदि एक जगह पर राजधानी को फिक्स्ड कर दिया जायेगा तो जम्मू के कर्मचारी श्रीनगर में राजधानी का विरोध करेंगे और इसका उल्टा भी.

वर्ष 2020 के लिए दरबार मूव पर सरकार का फैसला (Darbar Move 2020)

उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू ने कहा है कि कोरोना के कारण श्रीनगर सचिवालय के काम को तो 4 मई से शुरू कराने का फैसला कर दिया है, लेकिन कर्मचारियों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया 15 जून तक टाली गयी है.

प्रशासन विभाग के सचिव फारूक अहमद लोन ने कहा है कि सभी कर्मचारी फिलहाल जहां से काम कर रहे हैं, वह आगे भी वहीं से अपना काम करते रहें. सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस साल श्रीनगर में सचिवालय खुलने के बावजूद जम्मू सचिवालय से कामकाज होता रहेगा या फिर ये कहें कि जम्मू सचिवालय का दरबार श्रीनगर मूव नही करेगा.

सरकार के इस फैसले का पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विरोध किया और कहा है कि जब श्रीनगर में अधिकारी नहीं होंगें, फाइल्स नहीं होंगी तो फिर श्रीनगर सचिवालय को खोलने का क्या मतलब है?

अब देखते हैं कि 15 जून के बाद क्या देश में कोरोना वायरस का संक्रमण कम होता है या नहीं?यदि सब कुछ ठीक हो जाता है तो फिर दरबार मूव के मुद्दे पर कोई फैसला लिया जा सकता है.

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