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जानें क्या है ‘मेघालयन युग’ एक नई खोज धरती के इतिहास में

19-JUL-2018 13:35
    What is ‘Meghalayan Age’ in Earth’s history?

    धरती के इतिहास में भूवैज्ञानिकों ने एक नए युग की खोज की है और इसका भारत के मेघालय से संबंध है. हम आपको बता दें कि धरती का इतिहास 4200 साल पहले शुरू हुआ था और वैज्ञानिकों ने इसको 'मेघालयन युग' का नाम दिया है.

    क्या आप जानते हैं कि जिस युग में हम रह रहे हैं उसे होलोसीन युग कहा जाता है जो कि 11,700 साल पुराना है और 4200 साल का मेघालय युग इसका नया हिस्सा है. यानी कि अभी हम होलोसीन युग में हैं, इसके कालखंड को बांटकर उससे मेघालय युग को अलग किया जा सकता है.

    कहा जा रहा है कि 'मेघालयन युग' 4200 साल पहले से लेकर 1950 तक होगा.

    वैज्ञानिकों के आधार पर जब 4200 साल पहले मेघालयन युग शुरू हुआ था तब विश्व भर में अचानक भयंकर सूखा पड़ा था और तापमान में गिरावट आई थी. इस कारण सम्पूर्ण विश्व में कई सभ्यताएं नष्ट हो गई थीं.

    सबसे पहले अध्ययन करते हैं कि 'मेघालयन युग' क्या है?

    माना जाता है कि धरती का निर्माण 4.6 अरब साल पहले हुआ था. इस समय को, कई हिस्सों में बांटा गया है. हर हिस्सा अहम घटनाओं जैसे महाद्वीपों का टूटना, पर्यावरण में अचानक आया बदलाव या धरती पर खास तरह के जानवरों और पौधों की उत्पत्ति पर आधारित है. अभी हम जिस काल में रह रहे हैं उसे होलोसीन युग कहा जाता है. यह 11,700 साल पहले शुरू हुआ था. तब मौसम में अचानक पैदा हुई गर्मी से हम हिम युग से बाहर आए थे. वैज्ञानिकों का मानना है कि होलोसीन युग को भी अलग-अलग भागों में बांटा जा सकता है. इनमें सबसे युवा 'मेघालयन युग' 4200 साल पहले से लेकर 1950 तक होगा.

    इसके अलावा, होलोसीन को तीन भागों, ग्रीन लैंडियन (Greenlandian),नॉर्थ ग्रिपियन (Northgrippian) और सबसे कम उम्र का मेघालयन में विभाजित किया गया है. ग्रीन लैंडियन - 11,700 से 8,200 साल, नॉर्थ ग्रिपियन 8,200 से 4,200 साल और अंत में, मेघालयन युग जो कि 4,200 साल पहले से लेकर अब तक मौजूद है.

    हालांकि इंटरनैशनल कमिशन ऑफ स्ट्रैटिग्रफी (International Commission on Stratigraphy, ICS) के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय क्रोनोस्ट्रेटिग्राफिक चार्ट (International Chronostratigraphic Chart) को 3 अभिनव युग सबडिवीजन में बाटा गया है. इन्हें ग्रीन लैंडियन, नॉर्थ ग्रिपियन और मेघालयन नाम दिया गया है.  

    ‘मेघालयन युग’ को मेघालय के नाम पर क्यों रखा गया है?

    Scientist discovered Meghalayan Age in Earths History
    Source: www.time8.in.com

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    शोधकर्ताओं की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने मेघालय की एक गुफा से कुछ चूने के ढेर या stalagmite को इकट्ठा किया जो कि इस गुफा की छत से टपक कर फर्श पर जमा हुआ था. इससे शोधकर्ताओं को धरती के इतिहास में घटी सबसे छोटी जलवायु घटना को परिभाषित करने में मदद मिली. इसी कारण से ‘मेघालयन युग’ को मेघालय के नाम पर रखा गया है.

    क्या आप जानते हैं कि मेघालय में 1290 मीटर की ऊंचाई पर स्थित मावम्लूह नाम की यह गुफा भारत की सबसे लंबी और गहरी गुफाओं में से एक है.

    शोधकर्ताओं को Stalagmite के विश्लेषण से पता चला कि यहां की स्थितियों में युगों के संक्रमण के रासायनिक संकेतों को संरक्षित करने के लिए उपयुक्त थी.

    जब मेघालयन युग की शुरुआत हुई थी तब क्या हुआ था?
    जब मेघालय युग की शुरुआत हुई थी तब भयंकर सूखा पड़ा था और इसका असर तकरीबन 200 साल तक रहा. इसने मिस्र, यूनान, सीरिया, फलस्तीन, मेसोपोटामिया, सिंघु घाटी और यांग्त्से नदी घाटी में खेती आधारित सभ्यताओं पर गंभीर रूप से असर डाला.

    क्या आप जानते हैं कि भूवैज्ञानिक युग क्या है और इसकी गणना कैसे की जाती है?

    वास्तव में आप किसी चट्टान को देखने से उसकी उम्र का अनुमान नहीं लगा सकते हैं. हम सबने पढ़ा है कि धरती 4.6 अरब वर्ष पुरानी है और 65 मिलियन वर्ष पहले डायनासोर गायब हो गए थे इत्यादि. परन्तु क्या आपने कभी सोचा है कि वैज्ञानिक वास्तव में इनकी उम्र की पहचान कैसे करते हैं? वे भूगर्भीय युग डेटिंग (geologic age dating) के द्वारा ऐसा करते हैं, जहां वे किसी वस्तु जैसे कि चट्टान या रॉक की उम्र निर्दिष्ट करते हैं और उसके बाद समय के साथ धरती के इतिहास की गणना करते हैं. साथ ही धरती के अतीत की भी जैसे कि महाद्वीपों का टूटना, जलवायु में बदलाव का होना इत्यादि.

    इस अध्ययन के विषय को भूगर्भ विज्ञान (geochronology) कहा जाता है और इसमें वैज्ञानिकों द्वारा कई शोध शामिल हैं जैसे किसी युग की आयु का बताना, समय, एक चट्टान या रॉक और कोई प्रमुख घटना के बारे में इत्यादि. हम सब जानते हैं कि वर्तमान युग को 'मेघालयन युग' कहा जाता है और इसकी समय की गणना 4,200 साल पहले से लेकर अन तक की गई है.

    तो हमने इस लेख के माध्यम से अध्ययन किया कि धरती के इतिहास में एक नए चरण को ‘मेघालयन युग’ नाम दिया गया है.

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