Search

जाने भारतीय ट्रेन की माइलेज कितनी होती है

भारत में रेल, मालभाड़े और यात्रियों के लिए परिवहन का प्रमुख साधन है। यह देश के सुदूर इलाकों से लोगो को जोड़ता है तथा व्यापार करने, सैर-सपाटा, तीर्थ-यात्रा और शिक्षा को संभव बनाता है। क्या आपको पता है की ये डीजल इंजन कितना माइलेज देती होगी या फिर ये कहे की एक लीटर में कितने किलोमीटर जाती होगी। लोकोमोटिवों के माइलेज मापने का सबसे अच्छा तरीका लीटर/कि.मी. के बजाय लीटर/घंटा का उपयोग करना है, क्योंकि भिन्न-भिन्न भार की स्थिति में इसके माइलेज में, जिसके तहत यह चलती है, अंतर आ जाता है।
Sep 22, 2017 17:00 IST
facebook Iconfacebook Iconfacebook Icon

भारत में रेल, मालभाड़े और यात्रियों के लिए परिवहन का प्रमुख साधन है। यह देश के सुदूर इलाकों से लोगो को जोड़ता है तथा व्यापार करने, सैर-सपाटा, तीर्थ-यात्रा और शिक्षा को संभव बनाता है। यह देश के आर्थिक जीवन से संबद्द है तथा इसने उद्योग और कृषि के विकास को तेज़ करने में सहायता की है। वर्ष 1853 में एक बहुत ही संतुलित शुरुआत से जब  पहली रेलगाड़ी बॉम्बे (मुंबई) से ठाणे 34 किलोमीटर की दुरी के लिए चली, भारतीय रेलवे ने 10,773 लोकोमोटिवो, 51,798 यात्री सेवा वाहनों, 7000 अन्य कोचिंग वाहनों और  2,54,006 वैगनों के साथ 66,030 किलोमीटर की रूट लम्बाई में फैले 7137 स्टेशनों के वृहत नेटवर्क का विकास किया है।

Indian Rail Engine

लगभग  36.66 प्रतिशत रेलमार्ग एवं 45.84 प्रतिशत कुल रेलपथ का विद्धुतिकरण हो चूका है तथा कुछ रेलपथो पर कार्य चल रहा है और कुछ मार्ग ऐसे शेष हैं जहाँ पर विद्युतीकरण का कार्य बचा हुआ है। जिस रेलपथो पर विद्युतीकरण नहीं हुए हैं वहां आज भी रेलगाड़ी डीजल इंजन की मदद से  संचालित किया जाता है। लेकिन क्या आपको पता है की ये डीजल इंजन कितना माइलेज देती होगी या फिर ये कहे की एक लीटर में कितने किलोमीटर जाती होगी। लोकोमोटिवों के माइलेज मापने का सबसे अच्छा तरीका लीटर/कि.मी. के बजाय लीटर/घंटा का उपयोग करना है, क्योंकि भिन्न-भिन्न भार की स्थिति में इसके माइलेज में, जिसके तहत यह चलती है, अंतर आ जाता है।

भारत के राजमार्गों में मील के पत्थर रंगीन क्यों होते हैं

डीजल लोकोमोटिव इंजन का माइलेज कितना होता है और वह एक लीटर में कितने किलोमीटर जाती है

1. डीजल इंजन को उसकी क्षमता के हिसाब से तीन वर्गों में बांटा जाता है - 5000 लीटर, 5500 लीटर और 6000 लीटर।

2. किसी बाइक या कार की तरह ट्रेन का माइलेज भी उस पर पड़ रहे भार पर बहुत हद तक निर्भर करता है।

3. एक 24 डिब्बे की सवारी गाड़ी 6 लीटर में 1 किलोमीटर का सफर तय करती है।

4. एक 12 डिब्बे की सवारी गाड़ी भी 6 लीटर में 1 किलोमीटर का ही सफर तय करती है, क्योंकि सवारी गाड़ी को हर स्टेशन पर रुकना पड़ता है।

5. एक एक्सप्रेस ट्रेन का माइलेज सवारी गाड़ी से बेहतर होता है. वह 4.5 लीटर डीजल में 1 किलोमीटर का सफर तय करती है।

Diesel Engine

भारतीय रेलवे में कैसे और किन मुद्दों पर अपनी शिकायतें दर्ज कर सकते हैं?

 क्या कारण है कि लंबे समय तक चलने के बावजूद डीजल लोकोमोटिव इंजन बंद नहीं होते हैं?

1.  अगर डीजल लोकोमोटिव के इंजन बंद कर दिया जाये तो ब्रेक पाइप का दबाव कम जाता है और फिर से दबाव बढ़ाने के लिए अधिक समय लगता है।

2. बंद डीजल लोकोमोटिव के इंजन को करने के लिए पुनर्गठन 10 से 15 मिनट लगते हैं।

3. कंप्रेसर को चलाने के लिए इंजन को बंद नहीं करना चाहिए क्योंकि यह इंजन के साथ जुड़ा रहता है

4. डीजल इंजन में आमतौर पर 16 सिलेंडर होते हैं। प्रत्येक सिलेंडर की क्षमता 200 अश्व शक्ति (HP) की होती है और यह आकार में भी बड़ा होता है, इसलिए प्रज्वलन ताप हासिल करना काफी मुश्किल होता है।

भारतीय रेलवे द्वारा ट्रेन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कौनसे सुरक्षा उपाय किए जाते हैं