यूरो जोन किसे कहते हैं और इसमें शामिल होने की क्या शर्तें हैं?

यूरोप में स्थित 28 सदस्य देशों का संघ यूरोपियन यूनियन कहलाता है. इस संघ के 28 सदस्यों में से 19 देशों में यूरो को साझा मुद्रा के रूप में मान्यता मिली हुई है अर्थात यूरो 19 देशों की आधिकारिक मुद्रा है. अतःजिन देशों में यूरोप की साझी मुद्रा यूरो चलन में है उसे ही यूरो जोन कहते हैं.
Jun 25, 2018 18:50 IST
     

    यूरोप में स्थित 28 सदस्य देशों का संघ यूरोपियन यूनियन कहलाता है. इस यूरोपियन यूनियन के 28 सदस्यों में से 19 देशों में यूरो को साझा मुद्रा के रूप में मान्यता मिली हुई है अर्थात यूरो 19 देशों की आधिकारिक मुद्रा है. अतःजिन देशों में यूरोप की साझी मुद्रा यूरो चलन में है उसे ही यूरो जोन कहते हैं. यूरोपियन यूनियन के शेष 9 देशों ने यूरो को नहीं अपनाया है, इन देशों की अपनी अलग मुद्रा है. इसका मतलब यह कि यदि यूरोजोन का कोई नागरिक इन 9 देशों में कुछ खरीदारी करना चाहता है उसे इन देशों की मुद्रा में या किसी अन्य मान्य मुद्रा में भुगतान करना होगा, यूरो स्वीकार होगा इसकी कोई निश्चितता नही है.  

    यूरोपीय आर्थिक समुदाय को 12 देशों ने दिसम्बर 1991 में मस्त्रिश्च संधि (नीदरलैंड) में आयोजित शिखर सम्मलेन में यूरो करेंसी को शुरू करने की आधारशिला रखी थी. मस्त्रिश्च संधि के 1 नवम्बर 1993 से लागू होने के बाद विश्व पटल पर यूरोप की साझी मुद्रा यूरो का उदय हुआ था.

    1 जनवरी 1999 से यूरोपीय समुदाय कि साझी मुद्रा यूरो अस्तित्व में आई थी लेकिन सभी देशों में  इसकी छपाई में 3 वर्ष लग गये थे इसलिए 1999 से 2002 के बीच के समय को यूरो का “संक्रमण काल” कहते हैं. यूरो मुद्रा का चलन 1 जनवरी 2002 से शुरू हुआ था. यूरो के संचालन पर नियंत्रण रखने के लिए यूरोपियन सेंट्रल बैंक की आधारशिला जून 1998 में जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में की गयी थी.

    euro currency and coin


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    यूरो अपनाने वाले 19 सदस्य देशों के लोग आपस में इस मुद्रा का उपयोग शोपिंग करने में, यात्रा की टिकट खरीदने, इलाज कराने या किसी भी अन्य काम में कर सकते हैं. यूरो का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इन 19 सदस्य देशों के नागरिकों को आपस में विनिमय दर के घटने और बढ़ने की चिंता से मुक्ति मिली हुई है. यूरो मुद्रा को हर दिन 338.6 मिलियन लोगों द्वारा उपयोग किया जाता है.

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    यूरो जोन में शामिल होने के लिए क्या शर्तें होतीं हैं?

     मस्त्रिश्च संधि के अनुसार यदि कोई देश यूरो जोन में शामिल होना चाहता है तो उसे निम्न 4 शर्तों को पूरा करना होगा;

    1. कम मुद्रा स्फीति: यदि कोई देश यूरो जोन में होना चाहता है तो उसकी मुद्रा स्फीति यूरो जोन में पहले से शामिल तीन सबसे कम मुद्रा स्फीति वाले देशों में प्रचलित मुद्रा स्फीति के 1.5% से अधिक नही होनी चाहिए.

    2.  निम्न ब्याज दर: सबसे कम ब्याज दर वाले प्रथम तीन देशों की तुलना में ब्याज दर 2% से अधिक नहीं होनी चाहिए.

    3. वांछित देश का वार्षिक बजट घाटा, सकल घरेलू उत्पाद के 3% से अधिक नही होना चाहिए.

    4. वांछित देश का सरकारी ऋण, सकल घरेलू उत्पाद के 60% से अधिक नही होना चाहिए.

    किन किन देशों में यूरो का प्रचालन है?

    1. ऑस्ट्रिया 2. बेल्जियम 3. साइप्रस 4. एस्तोनिया 5. फिनलैंड 6. फ्रांस 7. जर्मनी 8. यूनान 9. आयरलैंड 10. इटली 11. लातविया 12. लिथुआनिया 13. लक्समबर्ग 14. माल्टा 15. नीदरलैंड्स 16. पुर्तगाल 17. स्लोवाकिया 18. स्लोवेनिया 19.स्पेन

    वर्तमान में यूरो अपनाने वाले सभी 19 देशों ने सिक्कों के पीछे अपने देश की विशिष्ट पहचान मुद्रित की है किन्तु सभी सिक्के बिना किसी भेदभाव के सभी सदस्य देशों में सामान रूप से स्वीकार किये जाते हैं. यूरो मुद्रा के 7 करेंसी नोट  5 से 500 यूरो तक के मूल्य वर्ग में छापे गये हैं.

    ब्रिटन अभी भी यूरोपियन यूनियन का सदस्य माना जायेगा क्योंकि इसके यूरोपियन यूनियन से बाहर आने की प्रक्रिया पूरी नही हुई है. ब्रिटेन, स्वीडन और डेनमार्क जैसे बड़े देशों ने यूरो को अपनी मुद्रा नही माना है.

    उम्मीद की जाती है कि उपर्युक्त लेख को पढने के बाद यूरो जोन के बारे में आपका कांसेप्ट क्लियर हो गया होगा.

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