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COVID-19: वैक्सीन क्या है और यह कैसे काम करती है?

जैसा की हम जानते हैं कि COVID-19 महामारी से लड़ने के लिए कई नैदानिक परीक्षण चल रहे हैं. वैज्ञानिक और शोधकर्ता नॉवेल कोरोना वायरस के लिए दुनिया भर में वैक्सीन विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि वैक्सीन क्या होती है और यह कैसे काम करती है? आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं.
May 13, 2020 14:05 IST
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What is Vaccine and how it works?
What is Vaccine and how it works?

वैक्सीन या टीका एक प्रकार की दवा है जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली यानी इम्यून सिस्टम को बढ़ाती है और बीमारी से लड़ने में मदद करती है. 

या हम कह सकते हैं कि टीकाकरण बीमारियों को रोकने के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक है. यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बैक्टीरिया या वायरस सहित रोगजनकों को पहचानने और उनसे लड़ने में मदद करता है और हमें उन बीमारियों से सुरक्षित रखता है जो वे पैदा कर सकते हैं. आपको बता दें कि खसरा (measles), पोलियो (polio), टेटनस (tetanus), डिप्थीरिया (diphtheria), मेनिनजाइटिस (meningitis), इन्फ्लूएंजा (influenza), टाइफाइड (typhoid) इत्यादि 25 से अधिक जानलेवा बीमारियों से वैक्सीन बचाव करती है.

आइये पहले हम तीन शब्दों टीके या वैक्सीन, टीकाकरण (vaccinations) और इम्यूनाइज़ेशन (immunisation) के बारे में जानते हैं.

टीका (Vaccine) - एक रोगज़नक़ के लिए एंटीबॉडी का उत्पादन करने के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली को उत्तेजित करता है. अधिकांश टीके या वैक्सीन इंजेक्शन के माध्यम से दिए जाते हैं, लेकिन कुछ मौखिक या नाक के माध्यम से भी दिए जाते हैं.

टीकाकरण (Vaccination): यह एक विशिष्ट बीमारी के लिए इम्यून सिस्टम को बढ़ाने के लिए शरीर में एक टीका लगाने की क्रिया है.

इम्यूनाइज़ेशन (immunisation): यह एक प्रक्रिया है जिसके कारण कोई व्यक्ति या जानवर किसी बीमारी से सुरक्षित हो जाता है. इस शब्द का उपयोग टीकाकरण के लिए भी किया जाता है.

टीके या वैक्सीनस कैसे काम करते हैं, इसके बारे में विस्तार से जानने से पहले, आइये हम प्रतिरक्षा प्रणाली या इम्यून सिस्टम के बारे में समझते हैं.

सरल शब्दों में, हम कह सकते हैं कि यह बीमारी से सुरक्षा करती है. कहा जाता है कि अगर इम्युनिटी मजबूत है तो आसानी से हम मौसमी या कई अन्य बीमारियों से लड़ सकते हैं.

इम्यून सिस्टम क्या है?

यह संक्रमण के खिलाफ शरीर की रक्षा करता है. जैसा कि ऊपर बताया गया है कि वैक्सीन हमें बीमारियों से बचाती है और बीमारी के प्रति प्रतिरक्षा प्रणाली को सुरक्षित रूप से विकसित करने के लिए शरीर के नेचुरल डिफेंस के साथ संक्रमण के जोखिम को कम करती है.

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लेकिन सवाल यह उठता है कि शरीर बीमारी से कैसे लड़ता है (how the body fights illness)?

जब बैक्टीरिया जैसे रोगाणु शरीर में आते हैं, तो वे हमला करते हैं और बढ़ जाते हैं. बैक्टीरिया या वायरस के इस आक्रमण को एक संक्रमण के रूप में जाना जाता है जो शरीर में बीमारी का कारण बनता है. हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली संक्रमण से लड़ने के लिए विभिन्न उपकरणों का उपयोग करती है. जैसा कि हम जानते हैं कि रक्त में लाल रक्त कोशिकाएं (red blood cells) होती हैं जो शरीर के ऊतकों और अंगों के कई हिस्सों में ऑक्सीजन ले जाती हैं, और सफेद या प्रतिरक्षा कोशिकाएं (white or immune cells) संक्रमण से लड़ने में मदद करती हैं.

सफेद रक्त कोशिकाओं (White Blood cells) में मैक्रोफेज (macrophages), बी-लिम्फोसाइट्स (B-lymphocytes) और टी-लिम्फोसाइट्स (T-lymphocytes) होते हैं.

मैक्रोफेज (Macrophages): ये सफेद रक्त कोशिकाएं होती हैं जो कि कीटाणु, और मरने वाली कोशिकाओं को निगलती हैं और पचाती हैं. वे आक्रमण करने वाले कीटाणुओं के हिस्सों को पीछे छोड़ते हैं जिन्हें एंटीजन के रूप में जाना जाता है. नतीजतन, शरीर एंटीजन को खतरनाक रूप में पहचानता है और उनसे लड़ने के लिए एंटीबॉडी को उत्तेजित करता है.

बी-लिम्फोसाइट्स (B-lymphocytes) : यह रक्षात्मक सफेद रक्त कोशिकाएं (defensive white blood cells) हैं. मूल रूप से वे मैक्रोफेज द्वारा पीछे छोड़ दिए गए एंटीजन पर हमला करने के लिए एंटीबॉडी का उत्पादन करते हैं.

टी-लिम्फोसाइट्स (T-lymphocytes): यह एक अन्य प्रकार के रक्षात्मक सफेद रक्त कोशिका हैं. उनका काम उन कोशिकाओं पर हमला करना है जो पहले से ही शरीर में संक्रमित हैं.

जब पहली बार शरीर एक रोगाणु का सामना करता है, तो संक्रमण के खिलाफ कीटाणु से लड़ने वाले औजारों को बनाने और उपयोग करने में कई दिनों का समय लगता है. संक्रमण के बाद, यह उस बीमारी के खिलाफ शरीर की रक्षा करने के तरीके शुरू करता है.

यदि शरीर फिर से उसी रोगाणु का सामना करता है, तो शरीर की टी-लिम्फोसाइट्स, जिसे मेमोरी सेल भी कहा जाता है, तुरंत से क्रिया में आ जाती हैं. जब परिचित एंटीजन का पता लगाया जाता है और फिर बी-लिम्फोसाइट्स उन पर हमला करने के लिए एंटीबॉडी का उत्पादन करते हैं.

अब हम अध्ययन करते हैं कि टीका या वैक्सीन कैसे काम करती है?

शरीर में टीके प्रतिरक्षा प्रणाली या इम्यून सिस्टम को विकसित करने में मदद करते हैं जो कि संक्रमण से लड़ते हैं. इस प्रकार के संक्रमण के कारण कभी भी फिर से बीमारी नहीं होती है, लेकिन यह प्रतिरक्षा प्रणाली को टी-लिम्फोसाइट्स और एंटीबॉडी का उत्पादन करने का कारण बनता है. यह भी देखा जाता है कि कभी-कभी, टीका लगने के बाद बुखार जैसे मामूली लक्षण हो सकते हैं. इस तरह के मामूली लक्षण सामान्य हैं और उम्मीद की जाती है कि ऐसा हो सकता है क्योंकि शरीर प्रतिरक्षा प्रणाली या इम्यूनिटी बनाता है.

एक बार जब संक्रमण खत्म हो जाता है, तो शरीर "मेमोरी" आपूर्ति को याद रखता है और परिणामस्वरूप टी-लिम्फोसाइट्स और बी-लिम्फोसाइट्स याद रखते हैं कि भविष्य में बीमारी से कैसे लड़ना है. यहां यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि टीकाकरण के बाद टी-लिम्फोसाइट्स और बी-लिम्फोसाइट्स का उत्पादन करने में शरीर को कुछ सप्ताह लगते हैं. इसलिए, यह संभव है कि एक व्यक्ति टीकाकरण से ठीक पहले या उसके ठीक बाद किसी बीमारी से संक्रमित हो जाए, तो उसमें लक्षण विकसित हो सकते हैं और बीमारी हो सकती है क्योंकि वैक्सीन को सुरक्षा प्रदान करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलेगा.

अब टीके को जिसमें weakened germs होते हैं मुख्य रूप से इंजेक्शन द्वारा शरीर में दिया जाता है. फिर प्रतिरक्षा प्रणाली उसी तरह से प्रतिक्रिया करती है जिस तरह से यह एंटीबॉडीज पैदा करके बीमारी पर आक्रमण करेगी. अब, एंटीबॉडी टीके के कीटाणुओं को नष्ट कर देते हैं, जैसा कि वे एक प्रशिक्षण अभ्यास की तरह रोग के कीटाणुओं के साथ करते हैं. फिर, वे शरीर में रहते हैं और इम्युनिटी प्रदान करते हैं.यदि कोई व्यक्ति कभी भी वास्तविक बीमारी के संपर्क में आता है, तो उसकी रक्षा के लिए एंटीबॉडी होते हैं.

कुछ अन्य तथ्य

- एंटीजन फॉरेन सब्सटांस हैं जो शरीर में मुख्य रूप से एंटीबॉडी के उत्पादन में प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को प्रेरित करते हैं.

- एंटीबॉडी एक सुरक्षात्मक प्रोटीन है जो एक एंटीजन नामक विदेशी पदार्थ की उपस्थिति के जवाब में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा निर्मित होता है.

- एंटीबॉडी बीमार बनाने वाले कीटाणुओं को नष्ट करने में मदद करते हैं. वे हमलावर कीटाणुओं को खत्म करते हैं और ठीक होने में मदद करते हैं.

- एंटीबॉडी भविष्य के संक्रमण से भी बचाते हैं. वे रक्तप्रवाह में बने रहते हैं और भविष्य में यदि वही कीटाणु फिर से संक्रमित करते हैं तो ये बचाव और रक्षा करते हैं.

तो अब आपको टीका या वैक्सीन और यह कैसे काम करती है के बारे में ज्ञात हो गया होगा.

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