जल पदचिह्न क्या है?

सम्पूर्ण पृथ्वी का ¾ भाग (लगभग 71%) पर जलमंडल का विस्तार है। उत्तरी गोलार्द्ध का 60.7% और दक्षिणी गोलार्द्ध का 80.9% भाग महासागरो से ढँका हुआ है। पृथ्वी पर उपस्थित जल की कुल मात्र का 97.5% जल महासागरो में है, जो खारा है। जल राशी का मात्र 2.5% भाग ही स्वच्छ जल या मीठा जल है। इस लेख में हमने जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याओं के कारण जल पदचिह्न तथा जल संरक्षण के बारे में बताया है।
Apr 24, 2018 19:30 IST
    Water footprint in Hindi

    सम्पूर्ण पृथ्वी का ¾ भाग (लगभग 71%) पर जलमंडल का विस्तार है। उत्तरी गोलार्द्ध का 60.7%  और दक्षिणी गोलार्द्ध का 80.9% भाग महासागरो से ढँका हुआ है। पृथ्वी पर उपस्थित जल की कुल मात्र का 97.5% जल महासागरो में है, जो खारा है। जल राशी का मात्र 2.5% भाग ही स्वच्छ जल या मीठा जल है। जल का उपयोग समर्पण और शुद्धता के प्रतीक के रूप में पुरातनकाल से किया जाता है। लेकिन आज हम जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याओं के कारण जल संरक्षण के प्रति हमारे सामाजिक नजरिए को बदलना बहुत जरुरी है। हमारी प्राकृतिक विरासत (नदियों, समुद्रों और महासागरों) का तेजी से आबादी, औद्योगीकरण, शहरीकरण, जीवन स्तर के बढ़ते मानकों और विभिन्न अन्य मानवीय गतिविधियों के कारण दोहन और दूषित किया जा रहा है।

    जल पदचिह्न (Water Footprint) क्या है?

    Water Footprint

    जल पदचिह्न को स्वच्छ जल या मीठा जल की कुल मात्रा के रूप में संदर्भित किया जाता है जिसका उपयोग व्यक्ति या समुदाय द्वारा उत्पादित सामानों और सेवाओं के उत्पादन के लिए किया जाता है या व्यवसाय द्वारा उत्पादित किया जाता है। यह पानी उपभोग के विनियमन का एक उपाय है जो मानव के जल उपभोग की मात्रा घन मीटर / प्रति व्यक्ति / प्रति वर्ष के सन्दर्भ में बताता है। 1240 घन मीटर / व्यक्ति / वर्ष वैश्विक जल पदचिह्न है।

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    जल पदचिह्न (Water Footprint) के प्रकार

    Type of Water Footprint

    उपयोग और स्रोतों के आधार पर, जल पदचिह्न (Water Footprint) को तीन प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है जिसको नीचे व्याख्या की गयी है:

    1. ग्रीन जल पदचिह्न (Green Water Footprint):  यह उस ताजा पानी की मात्रा को संदर्भित करता है जो वैश्विक हरीत जल संसाधनों जैसे नम भूमि, आर्द्रभूमि, मिट्टी, खेतों आदि से वाष्पित होता है, जो व्यक्ति या समुदाय द्वारा उपभोग किए जाने वाले सामानों और सेवाओं के उत्पादन में होता है। यह कृषि, बागवानी और वानिकी उत्पादों के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक है।

    2. ब्लू जल पदचिह्न (Blue Water Footprint): यह उस ताजा पानी की मात्रा को संदर्भित करता है जो वैश्विक नीले पानी के संसाधनों जैसे झीलों, नदियों, तालाबों, जलाशयों और कुओं को उत्पादित करने वाले सामानों और सेवाओं या उपभोक्ताओं द्वारा उपभोग सेवाओं में वाष्पित में होता है।

    3. ग्रे जल पदचिह्न (Grey Water Footprint): यह उस ताजा पानी की मात्रा को संदर्भित करता है जो व्यक्ति या समुदाय द्वारा उपभोग किये गए सामानों और सेवाओं के उत्पादन करने के दौरान प्रदूषित होता है।

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    एक व्यक्ति जल पदचिह्न को कैसे कम कर सकता है?

    1. बचत शौचालय स्थापित करके, एक व्यक्ति पानी की बचत कर सकता है।

    2. बचत फव्वारा स्थापित करके एक व्यक्ति पानी की बचत कर सकता है।

    3. अपने दांतों की सफाई के दौरान पानी का नलका करके पानी के नुक़सान को बचा सकते हैं।

    4. बगीचे में कम पानी का उपयोग करके भी एक व्यक्ति पानी की बचत कर सकता है।

    5. परनाले में हमे दवाओं, पेंट या अन्य प्रदूषक अपशिष्ट का निपटान नहीं करना चाहिए।

    हम अपने जीवन के हर पहलू में पानी का उपयोग करते हैं, जैसे कि फसल की खेती, घरों की सफाई, स्नान, पीने और उद्योगों में। जल चक्र का अध्ययन न केवल हमें बेहतर तरीके से समझने में मदद करता है, बल्कि हमें यह भी याद दिलाता है कि इस दुनिया में कुछ भी स्थिर नहीं है। इसलिए हमे जल के उपभोग के साथ साथ उसके संरक्षण के बारे में सोचना जरुरी है नहीं जल बिना या प्रदूषित जल से मानव जीवन पर कैसी-कैसी आपदा आ सकती है जगजाहीर है।

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