भारत में सोने की कीमत क्यों बढ़ रही है?

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, भारत के घरों में 24 हजार टन से लेकर 25 हजार टन के बीच सोना रखा है. इसमें भारत के धार्मिक संस्थानों में रखा गया सोना नहीं जोड़ा गया है. भारत के केन्द्रीय बैंक RBI ने वित्त वर्ष 2019-20 में 40.45 तन सोना खरीदा था जिससे अब इसके पास कुल 653 टन सोना इकठ्ठा हो चुका है. भारत में इतना अधिक सोना होने के बावजूद देश में सोने की कीमत क्यों बढ़ रही है आइये इस लेख में जानते हैं?
Created On: Jul 27, 2020 16:58 IST
Modified On: Jul 27, 2020 16:59 IST
Why is Gold Price Rising in India?
Why is Gold Price Rising in India?

एक समय था जब भारत को ‘सोने की चिड़िया’ कहा जाता था लेकिन सच तो यह है कि भारत आज भी सोने की चिड़िया है क्योंकि यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोने का उपभोगकर्ता देश है.

भारत के घरों और धार्मिक संस्थानों के पास इतना अधिक सोना रखा है कि किसी भी देश के लिए इर्ष्या का विषय हो सकता है.

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, भारत के घरों में 24 हजार टन से लेकर 25 हजार टन के बीच सोना रखा है. इसमें भारत के धार्मिक संस्थानों में रखा गया सोना नहीं जोड़ा गया है. 
तिरुअनंतपुरम में श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के पास पास 22 अरब डॉलर का सोना है. अगर भारत के सभी मंदिरों की बात करें तो इनमें 4000 टन सोना रखा है. भारत के केन्द्रीय बैंक RBI ने वित्त वर्ष 2019-20 में 40.45 तन सोना खरीदा था जिससे अब इसके पास कुल 653 टन सोना रिज़र्व हो चुका है.

आइये इस लेख में जानते हैं कि भारत में सोने की कीमत में इतनी वृद्धि क्यों हो रही है?

भारत में कोरोना महामारी के कारण सोने की मांग वित्त वर्ष 2020 की जनवरी से मार्च तिमाही के बीच 36% तक गिरकर केवल 101.9 टन रह गयी है जो कि 2019 में इसी समयवधि में 159 टन थी.

मार्च 2020 में सोने की कीमत 42,200 प्रति दस ग्राम थी जो कि जुलाई 2020 में बढ़कर 52000 प्रति दस ग्राम के पार पहुँच चुकी है.

जुलाई 2020 में चेन्नई में सोने की 24 कैरेट सोने की कीमत 53,490 रूपये प्रति 10 ग्राम पर पहुँच गयी है. इसके अलावा भी देश के लगभग सभी बड़े शहरों में सोने की कीमत 50 हजार प्रति 10 ग्राम से ऊपर चल रही है.

अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि अब भारत में सोने की कीमत क्यों बढ़ रही है.

1.सुरक्षित निवेश का साधन:ऐसा देख जाता है है कि जब सेंसेक्स गिरता है तो सोने की कीमत बढ़ने लगती है.इसका कारण यह है कि लोगों को शेयर बाजार की अनिश्चितता पर भरोसा नही रहता है और वो सुरक्षित निवेश का साधन खोजते हैं.

सोने में निवेश करना सबसे सुरक्षित माना जाता है क्योंकि इसके दामों में एकदम बहुत बड़ा परिवर्तन नहीं होता है और यह एक फिक्स रिटर्न देता रहता है.

2.कम ब्याज दर: देश में ज्यादातर जमा योजनाओं जैसे बचत पत्र, बैंकों में बचत खाता,फिक्स्ड डिपाजिट, कर्मचारी भविष्य निधि इत्यादि पर बहुत घट गयी है. इसलिए लोग इन निवेश के साधनों से पैसा निकालकर सोना खरीद रहे हैं जिससे सोने की मांग बढ़ रही है और उसके दाम भी.

3.परम्परागत मांग: भारत में शायद ही ऐसी कोई शादी हो जिसमें सोने की मांग ना होती हो.लोगों के मन में बाजार को लेकर काफी अनिश्चितता है इसलिए लोग रियल एस्टेट और ऑटोमोबाइल का गिफ्ट देने की बजाय शादी में गोल्ड को बेहतर बिकल्प मान रहे हैं.

चूंकि रियल एस्टेट और गाड़ी के लिए काफी रुपयों की जरूरत होती है और लोगों को लम्बे समय तक EMI देनी होती है जो कि ‘नौकरी की अनिश्चितता’ के कारण, अच्छा निर्णय नहीं होगा.

4.महंगाई का फर्क नही पड़ता है: सोना हमेशा में बढती हुई इन्फ्लेशन के समय सबसे सुरक्षित साधन माना जाता है. अर्थात इस पर इन्फ्लेशन का असर नही पड़ता है. कोविड 19 के कारण कई चीजों के दाम बढ़ गये हैं जिससे लोगों को यह आशंका है कि भविष्य में महंगाई बढ़ सकती है, इसलिए सोने में निवेश करो.

5.सोना, किसी तरह की लायबिलिटी नहीं बढाता है, हाइली लिक्विड होता है, एक रिज़र्व संपत्ति होता है, स्टेटस सिंबल माना जाता है. इन्हीं कारणों से इसकी मांग हमेशा बढती है.

इस प्रकार स्पष्ट है कि सोने की कीमतों में वृद्धि के लिए अनिश्चित बाजार, घटती बाजार ब्याज दर और सुरक्षित निवेश का साधन है. उम्मीद है कि आप सोने के दामों में वृद्धि के जरूरी कारणों को जान गए होंगे.

Comment (0)

Post Comment

7 + 1 =
Post
Disclaimer: Comments will be moderated by Jagranjosh editorial team. Comments that are abusive, personal, incendiary or irrelevant will not be published. Please use a genuine email ID and provide your name, to avoid rejection.