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2 अक्टूबर 2022: महात्मा गाँधी भी हुए थे नस्ल भेद के शिकार, अफ्रीका में फेंका गया था ट्रेन से नीचे

क्या आप जानते हैं महात्मा गांधी को एक बार नस्ल भेद के कारण अफ्रीका में ट्रेन से यात्रा के दौरान नीचे उतार दिया गया था, आइये जानें आखिर ऐसा क्या हुआ था.

Gandhi Jayanti 2022
Gandhi Jayanti 2022

आज देश गाँधी जयंती मना रहा है गाँधी को न ये देश कभी भूल सकता है और न इस देश के लोग. देश की स्वंत्रता में गाँधी के योगदान को कोई कभी भी भुला नहीं सकता है. आज हम आपके सामने गाँधी के जीवन का एक ऐसा वाकया ले कर आ रहें हैं जिससे आपको आश्चर्य होगा कि क्या गाँधी जैसे व्यक्ति के साथ भी कोई भला ऐसा व्यवहार भी कर सकता है? ये बात उन दिनों की है जब गाँधी वहां के एक भारतीय बिजनेस मैंन दादा अब्दुला के केस के सिलसिले में अफ्रीका गए हुए थे. आइये जानें विस्तार से 

महात्मा गांधी जब 24 वर्ष के थे तो वे एक व्यापारी दादा अब्दुल्ला का केस लड़ने के लिए दक्षिण अफ्रीका चले गए थे. केस के काम के लिए गाँधी को अफ्रीका के प्रिटोरिया जाना था. उन्होंने वर्ष 1893 को डर्बन से प्रिटोरिया जाने के लिए ट्रेन के फर्स्ट क्लास का एक टिकट लिया. गांधी इससे अनजान थे कि अफ्रीका में नस्लवाद इतना अधिक है इसीलिए वे शांति से अपनी यात्रा पूरी कर रहे थे लेकिन इसी बीच गांधी के साथ ऐसा कुछ हुआ जिसने उन्हें अंदर से झकझोर के रख दिया. 

ट्रेन के फर्स्ट क्लास में यात्रा करने के कारण यूरोपियों ने गाँधी का विरोध किया. उस दौरान अफ्रीका में नस्ल विरोध अपने  चरम पर था गोरे लोगों का प्रभुत्व था और काले लोगों को ट्रेन के फर्स्ट क्लास कम्पार्टमेंट में बैठने की इजाजत नहीं थी. गाँधी को फर्स्ट क्लास से बाहर कर दिया गया गाँधी ने टीसी को फर्स्ट क्लास में यात्रा का टिकट भी दिखाया लेकिन टीसी ने उनकी बात को सुनने से इंकार कर दिया और उसने गांधी को ट्रेन से उतरने को कहा गाँधी ने टीसी के इस दुर्व्यवहार का विरोध किया  और उतरने से इंकार कर दिया. लेकिन जब ट्रेन पीटरमेरिट्जबर्ग स्टेशन पर रुकी तो गांधी जी को वहां ट्रेन से धक्के मारकर उतार दिया गया और उनका सारा सामान ट्रेन से बाहर फेंक दिया गया.

इस घटना ने गांधी के जीवन पर गहरा असर डाला. इसी के गांधी जी ने सत्याग्रह का मार्ग अपनाया और जीवन भर उसी मार्ग पर चले. भारत आने के बाद भी गाँधी ने इसी मार्ग को अपनाते हुए देश को स्वतंत्र करवाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया   वर्ष 2011 में महात्मा गांधी जी के 142वें जन्मदिवस पर उनके सम्मान में पीटरमेरिट्जबर्ग स्टेशन का नाम महात्मा गांधी के नाम पर रख दिया गया.